अम्बाला । काउंसिल ऑफ लॉयर्स के चेयरमैन एवं सुप्रीम कोर्ट व हाईकोर्ट के एडवोकेट वासु रंजन ने हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात कर युवा वकीलों के लिए राज्य सरकार द्वारा वित्तपोषित मासिक स्टाइपेंड योजना लागू करने की मांग की। इस संबंध में मुख्यमंत्री को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन में बताया गया कि न्याय व्यवस्था का मजबूत आधार युवा अधिवक्ता हैं, लेकिन वकालत के शुरुआती वर्षों में अधिकांश युवा वकील आर्थिक कठिनाइयों से जूझते हैं। नियमित आय का कोई साधन न होने के कारण अनेक प्रतिभाशाली युवा अधिवक्ता बीच में ही वकालत छोड़ने को मजबूर हो जाते हैं, जिससे न्याय व्यवस्था को भी दीर्घकालिक नुकसान होता है।
एडवोकेट वासु रंजन ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, गुजरात एवं झारखंड जैसे राज्यों में युवा अधिवक्ताओं के लिए वित्तीय सहायता एवं स्टाइपेंड जैसी योजनाएँ संचालित की जा रही हैं। हरियाणा भी इस दिशा में पहल कर देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो सकता है।
उन्होंने सुझाव दिया कि हरियाणा सरकार पात्र जूनियर अधिवक्ताओं को प्रथम तीन से पाँच वर्षों तक ₹10,000 से ₹15,000 प्रति माह का स्टाइपेंड प्रदान करने की योजना प्रारम्भ करे, जिससे युवा वकीलों को आर्थिक संबल मिले और वे स्वतंत्र एवं प्रभावी रूप से न्यायिक सेवा कर सकें।
एडवोकेट वासु रंजन ने बताया कि काउंसिल ऑफ लॉयर्स एक अखिल भारतीय संगठन है, जो देशभर के ग्रामीण एवं दूरदराज़ क्षेत्रों में कानूनी जागरूकता, निःशुल्क विधिक सहायता तथा न्याय तक समान पहुँच सुनिश्चित करने के लिए लगातार कार्य कर रहा है। संगठन ने इस योजना के प्रारूप एवं क्रियान्वयन में हरियाणा सरकार को पूर्ण सहयोग देने का भी आश्वासन दिया।
इस अवसर पर एडवोकेट वासु रंजन ने कहा कि मजबूत युवा वकील ही मजबूत न्याय व्यवस्था की नींव हैं। यदि युवा अधिवक्ताओं को प्रारंभिक वर्षों में आर्थिक सुरक्षा मिलेगी तो वे अधिक समर्पण के साथ समाज और न्यायपालिका की सेवा कर सकेंगे। काउंसिल ऑफ लॉयर्स ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि इस विषय पर एक विशेषज्ञ समिति गठित कर शीघ्र राज्य स्तरीय युवा अधिवक्ता स्टाइपेंड योजना लागू करने की प्रक्रिया प्रारम्भ की जाए ।
