कुरुक्षेत्र, 27 जून। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में उच्च शिक्षा को अधिक सुलभ, लचीला और रोजगारोन्मुख बनाने की दिशा में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर डिस्टेंस एंड ऑनलाइन एजुकेशन (सीडीओई) द्वारा जुलाई-2026 सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू की जा रही है। आवेदक 1 जुलाई से 15 सितम्बर तक इन प्रोग्राम्स में आवेदन कर सकेंगे। विश्वविद्यालय ने ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग (ओडीएन) तथा ऑनलाइन मोड के माध्यम से संचालित सर्टिफिकेट, डिप्लोमा, स्नातक एवं स्नातकोत्तर कार्यक्रमों में प्रवेश के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। सीडीओई की निदेशिका प्रो. मंजूला चौधरी ने बताया कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य ऐसे विद्यार्थियों, नौकरीपेशा युवाओं, गृहिणियों तथा अन्य इच्छुक अभ्यर्थियों को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा उपलब्ध कराना है, जो नियमित रूप से कक्षाओं में उपस्थित नहीं हो सकते।
प्रो. मंजूला चौधरी ने बताया कि ओडीएल मोड के विद्यार्थियों को हरियाणा के विभिन्न शहरों में स्थापित परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा देने की सुविधा मिलेगी। साथ ही विद्यार्थियों के लिए विशेषज्ञ शिक्षकों द्वारा व्यक्तिगत संपर्क कक्षाएं, अद्यतन अध्ययन सामग्री तथा शैक्षणिक मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं ऑनलाइन कार्यक्रमों में विद्यार्थियों को अपनी सुविधा के अनुसार अध्ययन करने, डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म का उपयोग करने तथा विशेषज्ञ संकाय से ऑनलाइन मार्गदर्शन प्राप्त करने की सुविधा दी जाएगी।
स्नातक स्तर पर अनेक विकल्प
प्रो. मंजूला चौधरी ने बताया कि 10$2 उत्तीर्ण विद्यार्थी बी.ए., बी.कॉम., बी.एससी., बीसीए तथा बीबीए जैसे स्नातक कार्यक्रमों में प्रवेश ले सकते हैं। इनमें राष्ट्रीय शिक्षा नीति -2020 के अनुरूप सेमेस्टर प्रणाली के पाठ्यक्रम भी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त स्नातक उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के लिए बैचलर ऑफ लाइब्रेरी एंड इंफॉर्मेशन साइंस (बी.लिब.) तथा दो वर्षीय बी.एड. कार्यक्रम में भी प्रवेश का अवसर उपलब्ध है। उन्हेोंने बताया कि जिन विद्यार्थियों का अंतिम परिणाम अभी घोषित नहीं हुआ है, वे भी निर्धारित समय सीमा तक पात्रता पूरी करने की शर्त पर आवेदन कर सकते हैं।
एमए, एमएससी, एमकॉम, एमबीए, एमसीए सहित अनेक पीजी पाठ्यक्रम
प्रो. मंजूला चौधरी ने बताया कि सीडीओई के माध्यम से हिंदी, अंग्रेजी, इतिहास, राजनीति विज्ञान, शिक्षा, अर्थशास्त्र, दर्शनशास्त्र, जनसंचार, संस्कृत, पंजाबी, समाजशास्त्र, पर्यावरण अध्ययन सहित अनेक विषयों में एम.ए. कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इसके अलावा एम.एससी. (गणित, भूगोल, कंप्यूटर साइंस), एम.कॉम., एमसीए, एमबीए तथा मास्टर ऑफ लाइब्रेरी एंड इंफॉर्मेशन साइंस जैसे लोकप्रिय व्यावसायिक एवं अकादमिक कार्यक्रमों में भी प्रवेश दिया जाएगा। इनमें से कई पाठ्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप सेमेस्टर प्रणाली में संचालित होंगे।
रोजगारोन्मुखी सर्टिफिकेट और डिप्लोमा कार्यक्रम भी उपलब्ध
प्रो. मंजूला चौधरी ने बताया कि सीडीओई ने विद्यार्थियों की बदलती जरूरतों और उद्योग की मांग को ध्यान में रखते हुए कई अल्पकालिक एवं रोजगारोन्मुखी कार्यक्रम भी शुरू किए हैं। इनमें मार्केटिंग, ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट, बिजनेस एनालिटिक्स, फाइनेंस, कंप्यूटर एप्लीकेशन, भगवद्गीता अध्ययन, जर्मन, फ्रेंच और जापानी भाषा, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (प्वज्), ब्लॉकचेन मैनेजमेंट, फुल स्टैक डेवलपमेंट तथा क्लाउड कंप्यूटिंग जैसे सर्टिफिकेट कोर्स शामिल हैं। इसी प्रकार एक वर्षीय डिप्लोमा कार्यक्रमों में योग, गीता अध्ययन, डिजिटल मार्केटिंग, ग्रामीण पर्यटन, उद्यमिता, साइबर सिक्योरिटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं मशीन लर्निंग तथा डेटा एनालिटिक्स जैसे आधुनिक विषयों को शामिल किया गया है। स्नातक अभ्यर्थियों के लिए पीजी डिप्लोमा इन कंप्यूटर एप्लीकेशन, एडवांस ग्रेजुएट डिप्लोमा इन जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन, एक्सपोर्ट मार्केटिंग मैनेजमेंट, साइबर लॉ एंड आईपीआर, ट्रांसलेशन तथा भगवद्गीता स्टडीज जैसे विशेष कार्यक्रम भी उपलब्ध रहेंगे।
छात्राओं और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को विशेष लाभ
उन्होंने बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों के लिए सरकारी छात्रवृत्तियों एवं वित्तीय सहायता की सुविधा उपलब्ध रहेगी। इसके अलावा ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग मोड में बी.ए. करने वाली छात्राओं को विशेष प्रोत्साहन (इंसेंटिव) भी प्रदान किया जाएगा, जिससे अधिक से अधिक छात्राएं उच्च शिक्षा से जुड़ सकें।
यूजीसी, एनसीटीई और एआईसीटीई से मान्यता प्राप्त कार्यक्रम
प्रो. मंजूला चौधरी ने बताया कि सीडीओई द्वारा संचालित सभी कार्यक्रमों को डिस्टेंस एजुकेशन ब्यूरो (यूजीसी) से विधिवत मान्यता प्राप्त है। बी.एड. कार्यक्रम को एनसीटीई तथा एमबीए एवं एमसीए कार्यक्रमों को एआईसीटीई की स्वीकृति प्राप्त है। इससे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं मान्यता प्राप्त डिग्री प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
1 जुलाई से खुलेंगे ऑनलाइन आवेदन, 15 सितंबर अंतिम तिथि
लोक सम्पर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि इन प्रोग्राम्स में दाखिले के ऑनलाइन पंजीकरण पोर्टल 1 जुलाई 2026 से शुरू होगा। बी.एड. कार्यक्रम में प्रवेश की अंतिम तिथि 1 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है, जबकि अन्य सभी कार्यक्रमों में आवेदन की अंतिम तिथि 15 सितंबर 2026 रहेगी। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी और अभ्यर्थी विश्वविद्यालय तथा सीडीओई की वेबसाइट के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे।
प्रो. मंजूला चौधरी ने बताया कि ओडीएल मोड के विद्यार्थियों को हरियाणा के विभिन्न शहरों में स्थापित परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा देने की सुविधा मिलेगी। साथ ही विद्यार्थियों के लिए विशेषज्ञ शिक्षकों द्वारा व्यक्तिगत संपर्क कक्षाएं, अद्यतन अध्ययन सामग्री तथा शैक्षणिक मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं ऑनलाइन कार्यक्रमों में विद्यार्थियों को अपनी सुविधा के अनुसार अध्ययन करने, डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म का उपयोग करने तथा विशेषज्ञ संकाय से ऑनलाइन मार्गदर्शन प्राप्त करने की सुविधा दी जाएगी।
स्नातक स्तर पर अनेक विकल्प
प्रो. मंजूला चौधरी ने बताया कि 10$2 उत्तीर्ण विद्यार्थी बी.ए., बी.कॉम., बी.एससी., बीसीए तथा बीबीए जैसे स्नातक कार्यक्रमों में प्रवेश ले सकते हैं। इनमें राष्ट्रीय शिक्षा नीति -2020 के अनुरूप सेमेस्टर प्रणाली के पाठ्यक्रम भी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त स्नातक उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के लिए बैचलर ऑफ लाइब्रेरी एंड इंफॉर्मेशन साइंस (बी.लिब.) तथा दो वर्षीय बी.एड. कार्यक्रम में भी प्रवेश का अवसर उपलब्ध है। उन्हेोंने बताया कि जिन विद्यार्थियों का अंतिम परिणाम अभी घोषित नहीं हुआ है, वे भी निर्धारित समय सीमा तक पात्रता पूरी करने की शर्त पर आवेदन कर सकते हैं।
एमए, एमएससी, एमकॉम, एमबीए, एमसीए सहित अनेक पीजी पाठ्यक्रम
प्रो. मंजूला चौधरी ने बताया कि सीडीओई के माध्यम से हिंदी, अंग्रेजी, इतिहास, राजनीति विज्ञान, शिक्षा, अर्थशास्त्र, दर्शनशास्त्र, जनसंचार, संस्कृत, पंजाबी, समाजशास्त्र, पर्यावरण अध्ययन सहित अनेक विषयों में एम.ए. कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इसके अलावा एम.एससी. (गणित, भूगोल, कंप्यूटर साइंस), एम.कॉम., एमसीए, एमबीए तथा मास्टर ऑफ लाइब्रेरी एंड इंफॉर्मेशन साइंस जैसे लोकप्रिय व्यावसायिक एवं अकादमिक कार्यक्रमों में भी प्रवेश दिया जाएगा। इनमें से कई पाठ्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप सेमेस्टर प्रणाली में संचालित होंगे।
रोजगारोन्मुखी सर्टिफिकेट और डिप्लोमा कार्यक्रम भी उपलब्ध
प्रो. मंजूला चौधरी ने बताया कि सीडीओई ने विद्यार्थियों की बदलती जरूरतों और उद्योग की मांग को ध्यान में रखते हुए कई अल्पकालिक एवं रोजगारोन्मुखी कार्यक्रम भी शुरू किए हैं। इनमें मार्केटिंग, ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट, बिजनेस एनालिटिक्स, फाइनेंस, कंप्यूटर एप्लीकेशन, भगवद्गीता अध्ययन, जर्मन, फ्रेंच और जापानी भाषा, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (प्वज्), ब्लॉकचेन मैनेजमेंट, फुल स्टैक डेवलपमेंट तथा क्लाउड कंप्यूटिंग जैसे सर्टिफिकेट कोर्स शामिल हैं। इसी प्रकार एक वर्षीय डिप्लोमा कार्यक्रमों में योग, गीता अध्ययन, डिजिटल मार्केटिंग, ग्रामीण पर्यटन, उद्यमिता, साइबर सिक्योरिटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं मशीन लर्निंग तथा डेटा एनालिटिक्स जैसे आधुनिक विषयों को शामिल किया गया है। स्नातक अभ्यर्थियों के लिए पीजी डिप्लोमा इन कंप्यूटर एप्लीकेशन, एडवांस ग्रेजुएट डिप्लोमा इन जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन, एक्सपोर्ट मार्केटिंग मैनेजमेंट, साइबर लॉ एंड आईपीआर, ट्रांसलेशन तथा भगवद्गीता स्टडीज जैसे विशेष कार्यक्रम भी उपलब्ध रहेंगे।
छात्राओं और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को विशेष लाभ
उन्होंने बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों के लिए सरकारी छात्रवृत्तियों एवं वित्तीय सहायता की सुविधा उपलब्ध रहेगी। इसके अलावा ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग मोड में बी.ए. करने वाली छात्राओं को विशेष प्रोत्साहन (इंसेंटिव) भी प्रदान किया जाएगा, जिससे अधिक से अधिक छात्राएं उच्च शिक्षा से जुड़ सकें।
यूजीसी, एनसीटीई और एआईसीटीई से मान्यता प्राप्त कार्यक्रम
प्रो. मंजूला चौधरी ने बताया कि सीडीओई द्वारा संचालित सभी कार्यक्रमों को डिस्टेंस एजुकेशन ब्यूरो (यूजीसी) से विधिवत मान्यता प्राप्त है। बी.एड. कार्यक्रम को एनसीटीई तथा एमबीए एवं एमसीए कार्यक्रमों को एआईसीटीई की स्वीकृति प्राप्त है। इससे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं मान्यता प्राप्त डिग्री प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
1 जुलाई से खुलेंगे ऑनलाइन आवेदन, 15 सितंबर अंतिम तिथि
लोक सम्पर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि इन प्रोग्राम्स में दाखिले के ऑनलाइन पंजीकरण पोर्टल 1 जुलाई 2026 से शुरू होगा। बी.एड. कार्यक्रम में प्रवेश की अंतिम तिथि 1 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है, जबकि अन्य सभी कार्यक्रमों में आवेदन की अंतिम तिथि 15 सितंबर 2026 रहेगी। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी और अभ्यर्थी विश्वविद्यालय तथा सीडीओई की वेबसाइट के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे।
