करनाल, 26 जून। अंतर्राष्ट्रीय नशा निषेध एवं अवैध तस्करी विरोधी दिवस के अवसर पर करनाल डिवीजन के वरिष्ठ डाक अधीक्षक पंकज कुमार मीणा के मार्गदर्शन में मुख्य डाकघर करनाल में जागरूकता व्याख्यान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य कर्मचारियों एवं समाज में नशे के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा स्वस्थ एवं नशामुक्त जीवनशैली को प्रोत्साहित करना था।
कार्यक्रम में सलाहकार मनोचिकित्सक डॉ. पूजा भाटिया ने बतौर मुख्य वक्ता कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि नशा केवल व्यक्ति की शारीरिक सेहत ही नहीं, बल्कि उसके मानसिक स्वास्थ्य, पारिवारिक जीवन, सामाजिक संबंधों तथा कार्यक्षमता को भी गंभीर रूप से प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि समय पर पहचान और उपचार से अधिकांश नशा संबंधी समस्याओं पर सफलतापूर्वक नियंत्रण पाया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि मादक पदार्थ धीरे-धीरे व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक और सामाजिक रूप से कमजोर बना देते हैं। इन पदार्थों का सेवन अवसाद, चिंता, याददाश्त में कमी, व्यवहार में परिवर्तन, पारिवारिक कलह, आर्थिक नुकसान तथा कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। उन्होंने युवाओं से ऐसे किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहने और दूसरों को भी जागरूक करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि कार्यस्थल पर बढ़ता तनाव, अवसाद, चिंता तथा मानसिक थकान भी कई बार लोगों को नशे की ओर धकेल सकती है। इसलिए मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना, नियमित व्यायाम करना, पर्याप्त नींद लेना, परिवार एवं मित्रों से संवाद बनाए रखना तथा आवश्यकता पडऩे पर मनोचिकित्सक से सलाह लेना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशे की लत कोई चरित्र की कमजोरी नहीं, बल्कि एक उपचार योग्य बीमारी है।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित कर्मचारियों ने नशामुक्त जीवन अपनाने तथा अपने परिवार और समाज में नशे के प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया। सभी प्रतिभागियों ने इस प्रकार के जन जागरूकता कार्यक्रमों को समय-समय पर आयोजित किए जाने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
