कुरुक्षेत्र, 24 जून। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के निर्देशानुसार केयू के विदेशी भाषा विभाग द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए जर्मन एवं फ्रेंच भाषा के एक वर्षीय सर्टिफिकेट कोर्स में प्रवेश प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी है। कला एवं भाषा संकाय की डीन प्रो. सुनीता सिरोहा ने बताया कि आज जर्मन एवं फ्रेंच भाषा वैश्विक करियर की नई राह बन चुकी है। वर्तमान वैश्विक युग में विदेशी भाषाओं का ज्ञान केवल संवाद का माध्यम नहीं रह गया है, बल्कि यह रोजगार, शिक्षा और अंतरराष्ट्रीय अवसरों के द्वार खोलने का एक महत्वपूर्ण साधन बन चुका है। विशेष रूप से जर्मन एवं फ्रेंच भाषा सीखने वाले युवाओं के लिए विश्व स्तर पर करियर की असीम संभावनाएं उपलब्ध हैं।
केयू विदेशी भाषा विभाग के अध्यक्ष प्रो. ब्रजेश साहनी ने बताया कि विश्वविद्यालय के इन सर्टिफिकेट कोर्स का उद्देश्य विद्यार्थियों, शोधार्थियों तथा नौकरीपेशा युवाओं को अंतर्राष्ट्रीय भाषाओं का ज्ञान प्रदान कर उन्हें वैश्विक अवसरों के लिए तैयार करना है। उन्होंने बताया कि जर्मन भाषा सीखने से विद्यार्थियों के लिए जर्मनी और यूरोप के अन्य देशों में उच्च शिक्षा एवं रोजगार के अवसर बढ़ जाते हैं। जर्मनी के अनेक विश्वविद्यालय अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराते हैं तथा कई पाठ्यक्रमों में न्यूनतम शुल्क या निःशुल्क शिक्षा की सुविधा भी प्रदान की जाती है। ऐसे में जर्मन भाषा का ज्ञान छात्रों को विदेश में अध्ययन के लिए अतिरिक्त लाभ देता है। उन्होंने बताया कि केयू विदेशी भाषा विभाग में फ्रेंच एवं जर्मन के सर्टिफिकेट, डिप्लोमा तथा एडवांस डिप्लोमा स्तर के कार्यक्रम भी संचालित किए जाते हैं।
विभाग की शिक्षिका डॉ. निधि माथुर ने बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार जर्मन एवं फ्रेंच भाषाओं का ज्ञान आज के प्रतिस्पर्धी युग में रोजगार, उच्च शिक्षा, अनुवाद, पर्यटन, अंतरराष्ट्रीय व्यापार तथा सांस्कृतिक आदान-प्रदान के क्षेत्र में नए अवसर मौजूद है। उन्होंने बताया कि विदेशी भाषा विभाग में अनुभवी शिक्षकों द्वारा आधुनिक शिक्षण पद्धति के माध्यम से विद्यार्थियों को भाषा कौशल विकसित करने का अवसर मिलेगा। डॉ. माथुर ने बताया कि फ्रेंच भाषा विश्व के 30 से अधिक देशों में आधिकारिक भाषा के रूप में प्रयुक्त होती है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय कूटनीति, पर्यटन, आतिथ्य उद्योग, फैशन, व्यापार तथा संयुक्त राष्ट्र जैसी वैश्विक संस्थाओं में फ्रेंच भाषा का विशेष महत्व है। फ्रेंच भाषा में दक्षता प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के लिए बहुराष्ट्रीय कंपनियों, दूतावासों, अंतरराष्ट्रीय संगठनों तथा अनुवाद एवं व्याख्या सेवाओं में रोजगार के अनेक अवसर उपलब्ध हैं।
लोक सम्पर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि भारत में कार्यरत जर्मन कंपनियों तथा बहुराष्ट्रीय संस्थानों में जर्मन भाषा जानने वाले पेशेवरों की मांग लगातार बढ़ रही है। अनुवादक, दुभाषिया, पर्यटन विशेषज्ञ, ग्राहक सेवा प्रतिनिधि, कंटेंट विशेषज्ञ तथा अंतरराष्ट्रीय व्यापार सलाहकार जैसे क्षेत्रों में भी जर्मन भाषा दक्षता रोजगार के नए अवसर प्रदान करती है। उन्होंने बताया कि इच्छुक अभ्यर्थी केयू वेबसाइट या आईयूएमएस पोर्टल के माध्यम से 28 जुलाई तक इन सर्टिफिकेट कोर्स में ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
