करनाल, 13 जून। हरियाणा गवर्नमेंट चीफ व्हिप एवं इंद्री के विधायक रामकुमार कश्यप ने कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2014 में देश की बागडोर संभाली, तब भारत को अपार संभावनाओं वाले राष्ट्र के रूप में देखा जाता था। आज भारत अपनी उपलब्धियों और परिणामों के दम पर पहचाना जाता है। नरेंद्र मोदी के 12 वर्षों के शासन काल में विकास की अपेक्षाओं को वास्तविक उपलब्धियों में बदलने, कल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने और राष्ट्रीय सुरक्षा को नई मजबूती देने की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।
विधायक रामकुमार कश्यप व विधायक जगमोहन आनंद ने केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित विशेष प्रचार अभियान के अंतर्गत शनिवार को शहीद उधम सिंह पार्क में जिला प्रशासन व वन विभाग के संयुक्त तत्वाधान में पौधारोपण किया और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने आह्वान किया कि हर व्यक्ति को जीवन में एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए और उसकी देखभाल करके पेड़ बनाना चाहिए। पेड़ों का हमारे जीवन में अमूल्य योगदान है। उन्होंने यह भी कहा कि दैनिक जीवन में प्लास्टिक का भी कम से कम प्रयोग करें क्योंकि यह पर्यावरण के लिए हानिकारक है।
विधायक रामकुमार कश्यप ने मीडिया से रूबरू होते हुए कहा कि मोदी सरकार की 12 साल की उपलब्धियों के आँकड़े केवल संख्याएँ नहीं हैं। इनके पीछे करोड़ों भारतीयों के जीवन में आया बदलाव है। ये उन परिवारों की कहानी हैं जिन्हें बेहतर जीवन सुविधाएं मिली हैं। ये उन माताओं का विश्वास हैं जिन्हें सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध हुई हैं। ये उन किसानों की मेहनत का प्रतिफल हैं जिनकी आय और अवसरों में वृद्धि हुई है और ये उन सैनिकों के आत्मविश्वास का प्रतीक हैं जो जानते हैं कि राष्ट्र उनकी सुरक्षा और सम्मान के लिए हर कदम पर उनके साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि इन 12 वर्षों में जहां देश ने अभूतपूर्व प्रगति की है, वहीं मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के कुशल नेतृत्व में हरियाणा प्रदेश निरंतर प्रगति और खुशहाली के पथ पर आगे बढ़ रहा है और मॉडल राज्य के रूप में विकसित हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के संकल्प को पूरा करने में हरियाणा प्रदेश का महत्वपूर्ण योगदान रहेगा।
प्रधानमंत्री मोदी और एनडीए सरकार के 12 वर्ष
विधायक रामकुमार कश्यप ने कहा कि मई 2014 में जब नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली, तो उन्होंने 140 करोड़ भारतीयों से एक वादा किया। यह केवल सुशासन का वादा नहीं था, यह सकारात्मक परिवर्तन का वादा था। आज, बारह वर्ष बाद, हम आपके सामने श्रेय लेने नहीं आए हैं। हम एक ऐसी रिपोर्ट कार्ड लेकर आए हैं, जो इस देश की जनता ने लिखी है। उन्होंने कहा कि 2014 से अब तक 25 करोड़ भारतीय गरीबी से बाहर निकल चुके हैं। बहुआयामी गरीबी 29 प्रतिशत से घटकर 11 प्रतिशत पर आ गई है।
गरीब कल्याण से गरिमापूर्ण जीवन की ओर
विधायक रामकुमार कश्यप ने कहा कि हर परिवर्तन की शुरुआत किसी न किसी बिंदु से होती है। इस सरकार ने अपनी प्राथमिकता समाज के सबसे वंचित और जरूरतमंद वर्ग को बनाया। विकास की ऊँची इमारत तभी खड़ी हो सकती है जब उसकी नींव मजबूत हो। इसलिए सबसे पहले यह सुनिश्चित किया गया कि हर परिवार को पीने का स्वच्छ पानी मिले, भोजन की चिंता न रहे, सिर पर पक्की छत हो और घर रोशनी से जगमगाए। यही सरकार का पहला संकल्प था, और बीते वर्षों में इसे धरातल पर उतारा गया।
सुदृढ़ स्वास्थ्य व्यवस्था की ओर बढ़ता भारत
विधायक रामकुमार कश्यप ने कहा कि जब सम्मानजनक जीवन की बुनियादी जरूरतों को सुनिश्चित किया गया, तब अगला महत्वपूर्ण प्रश्न स्वास्थ्य से संबंधित था। लंबे समय तक भारत में किसी गंभीर बीमारी का मतलब अक्सर परिवार की जमा-पूंजी खत्म हो जाना या फिर इलाज से समझौता करना होता था। इस स्थिति को बदलने का संकल्प लिया गया। पिछले बारह वर्षों में ऐसी स्वास्थ्य व्यवस्था विकसित की गई, जो लोगों तक उनकी जरूरत के समय पहुँचती है, गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराती है और इलाज के खर्च के कारण परिवारों पर आर्थिक बोझ नहीं पड़ने देती। दुनिया की सबसे बड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य बीमा योजना सहित कई पहलों ने स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, किफायती और व्यापक बनाया है। उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत देश भर में 44.09 करोड़ आयुष्मान कार्ड जारी किए गए जिसमें 12.03 करोड़ अस्पताल भर्ती कवर शामिल हैं। सार्वजनिक बीमा के तहत 1,80,435 करोड़ रुपये का इलाज किया गया। हर दिन 40,000 से अधिक दावे निपटाए गए। उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत 36,000 से अधिक सार्वजनिक और निजी अस्पताल सूचीबद्ध हैं और समाज के 40 प्रतिशत सबसे जरूरतमंद (गरीब) परिवारों के लिए 5 लाख रुपये प्रति परिवार प्रति वर्ष का स्वास्थ्य बीमा किया जाता है। इसी तरह आयुष्मान भारत वय वंदना योजना के तहत 1.20 करोड़ वरिष्ठ नागरिक नामांकित हैं जिसमें 70 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों को 3,000 करोड़ रुपये के 13.84 लाख से अधिक उपचार मिले।
देश के विकास से नेतृत्व तक, महिलाओं की बढ़ी भूमिका: विधायक जगमोहन आनंद
विधायक जगमोहन आनंद ने कहा कि एक सशक्त भारत का निर्माण तभी संभव है जब उसकी महिलाएं स्वस्थ, शिक्षित, सुरक्षित और आत्मविश्वास से भरपूर हों। इस सरकार की सोच केवल महिलाओं के कल्याण तक सीमित नहीं रही। प्रयास यह रहा कि महिलाओं को आगे बढऩे के लिए अवसर, संसाधन और अधिकार सीधे उपलब्ध कराए जाएँ। उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जाए, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले, सुरक्षा सुनिश्चित हो और निर्णय लेने की प्रक्रिया में उनकी भागीदारी बढ़े। पूंजी, शिक्षा, सुरक्षा और राजनीतिक प्रतिनिधित्व को उनके हाथों तक पहुँचाने की इसी सोच का परिणाम नीचे दिए गए आंकड़ों में दिखाई देता है। उन्होंने बताया कि इस सरकार का बदलाव महिलाओं को कल्याण की प्राप्तकर्ता मानने से हटकर उन्हें राष्ट्र-निर्माण में सक्रिय भागीदार बनाने का है। यह नारा नहीं, नीति है। उन्होंने बताया कि देश में 2014-15 में लिंगानुपात 918 से बढक़र 2024-25 में 929 प्रति 1,000 लडक़े हो गया। समग्र अनुपात 943 से बढक़र 1,020 महिला प्रति 1,000 पुरुष हुआ। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ ने सिर्फ बेटियों को नहीं बचाया, भारत की सोच बदली। वहीं लखपति दीदी योजना के तहत 3.07 करोड़ महिलाएँ अब अपने उद्यम से सालाना एक लाख रुपये से अधिक कमाती हैं। मार्च 2029 तक 6 करोड़ लखपति दीदी का लक्ष्य रखा गया है।
विरासत का सम्मान, सामाजिक समावेशन का विस्तार
विधायक जगमोहन आनंद ने कहा कि प्रौद्योगिकी और नवाचार किसी राष्ट्र की प्रगति को नई दिशा तो दे सकते हैं, लेकिन उनकी वास्तविक सफलता तब है जब उनका लाभ आम नागरिक के जीवन तक पहुँचे। पिछले बारह वर्षों में विकास का दायरा केवल प्रयोगशालाओं और डिजिटल मंचों तक सीमित नहीं रहा। इसका प्रभाव शिक्षा, खेल, जनजातीय समुदायों, सांस्कृतिक विरासत और आस्था से जुड़े स्थलों तक भी पहुँचा है। प्रयास यह रहा कि विकास का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुँचे और भारत की प्रगति केवल गति में ही नहीं, बल्कि व्यापकता और गहराई में भी दिखाई दे।
इस मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष प्रवीन लाठर, चेयरपर्सन प्रतिनिधि सोहन सिंह राणा, चेयरमेन महेंद्र सिंह प्रेमी, एसडीएम देवेंद्र शर्मा, डीएफओ नवल किशोर, तहसीलदार इंद्री सहित अन्य मौजूद रहे।
