नीलोखेड़ी/ करनाल, 11 जून। जब ग्राम पंचायतें स्थानीय जरूरतों और लोगों की सहभागिता को ध्यान में रखकर योजनाएं तैयार करेंगी, तभी विकास का वास्तविक लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सकेगा। यह बात हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान के निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने कही। वे राजीव गांधी राज्य पंचायती राज एवं सामुदायिक विकास संस्थान में पंचायत विकास योजना एवं अद्यतन ई-ग्राम स्वराज पोर्टल फॉर पीपुल्स प्लान कैंपेन 2026-27 विषय पर आयोजित एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम मे प्रतिभागियों को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में 16वे वित्त आयोग के नए प्रावधानों से प्रतिभागियों को अवगत कराया गया।
डॉ. चौहान ने कहा कि अद्यतन ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पंचायतों में पारदर्शिता, जवाबदेही और डिजिटल सुशासन को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। प्रशिक्षकों की जिम्मेदारी है कि वे इस ज्ञान को जमीनी स्तर तक पहुंचाएं, ताकि पीपुल्स प्लान कैंपेन 2026-27 के तहत प्रत्येक पंचायत प्रभावी, सहभागी और परिणामोन्मुख विकास योजनाएं तैयार कर सके तथा ग्रामीण विकास को नई गति मिल सके।
डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि ग्रामीण विकास की सफलता केवल योजनाएं बनाने में नहीं, बल्कि उन्हें लोगों की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप प्रभावी ढंग से लागू करने में है। उन्होंने कहा कि पंचायत प्रतिनिधि, अधिकारी और समुदाय यदि एक टीम के रूप में कार्य करें तो हर गांव आत्मनिर्भर और विकास की नई मिसाल बन सकता है। अद्यतन ई-ग्राम स्वराज पोर्टल इस दिशा में बेहतर योजना निर्माण, पारदर्शी कार्यप्रणाली और जवाबदेही सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण माध्यम सिद्ध होगा।
राजीव गांधी राज्य पंचायती राज एवं सामुदायिक विकास संस्थान की प्राचार्य डॉ. सोनिका भट्टी ने कहा कि प्रशिक्षकों को आधुनिक तकनीक और नवीन पोर्टल की जानकारी देकर पंचायतों को अधिक सक्षम एवं आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है।
कार्यक्रम में करनाल से खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी मोनिका ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों और अधिकारियों के समन्वय से विकास योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन संभव है तथा ई-ग्राम स्वराज पोर्टल इस दिशा में एक महत्वपूर्ण माध्यम साबित होगा। विकास एवं पंचायत विभाग, चंडीगढ़ से पधारी मीनू रेड्डू ने कार्यक्रम में पोर्टल के नवीन प्रावधानों और पीपुल्स प्लान कैंपेन 2026-27 की कार्यप्रणाली पर विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से योजनाओं की निगरानी और क्रियान्वयन अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।
इस अवसर पर हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान से सहायक आचार्य संदीप कुमार, सहायक आचार्य डॉ. सुशील मेहता, स्टेट पंचायत रिसोर्स सेंटर से सलाहकार नीलम छिकारा, पंचकूला से डीपीएम सुशील सहित विभिन्न जिलों से आए प्रतिभागी एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
