पंचकूला। हरियाणा पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने गैंगस्टर वैनकेट गर्ग का जार्जिया से प्रत्यर्पण सुनिश्चित किया है। उसे वीरवार को भारत लाया गया। अंबाला जिले के नारायणगढ़ निवासी 29 वर्षीय वैनकेट गर्ग करीब 53 गुर्गों वाले गैंग का सरगना है। वह विदेश में बैठकर गैंग चला रहा था। उसके खिलाफ हरियाणा और चंडीगढ़ में कुल 34 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
वैनकेट का गिरोह अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, पंचकूला और चंडीगढ़ में हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी वसूली, अवैध हथियारों के इस्तेमाल और अन्य संगठित आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है।
पुलिस के अनुसार, भारत से फरार होने से पहले उसके खिलाफ 23 मामले दर्ज थे। विदेश भागने के बाद भी वह अपने सहयोगियों के जरिए गैंग का संचालन करता रहा, जिसके चलते हत्या, रंगदारी और आर्म्स एक्ट से जुड़े 11 और मामले दर्ज हुए।
उसके गैंग पर नारायणगढ़ में बीएसपी नेता हरबिलास की हत्या के अलावा अंबाला और यमुनानगर में रंगदारी के लिए फायरिंग की कई घटनाओं में शामिल होने के आरोप हैं।
पहले यूएई और फिर वहां से जार्जिया भागा
जांच में सामने आया कि वैनकेट गर्ग 10 दिसंबर 2024 को नई दिल्ली से संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) भाग गया था और बाद में 26 जनवरी 2025 को जार्जिया पहुंच गया। उसने गुरुग्राम का फर्जी पता दिखाकर पासपोर्ट हासिल किया था, जिसके संबंध में नारायणगढ़ थाने में मामला दर्ज किया गया और उसका पासपोर्ट फरवरी 2025 में रद कर दिया गया।
जारी किया था इंटरपोल रेड कार्नर नोटिस
आरोपित को वापस लाने के लिए एसटीएफ ने लुकआउट सर्कुलर, इंटरपोल रेड कार्नर नोटिस, गिरफ्तारी वारंट और अन्य कानूनी प्रक्रियाएं पूरी कीं। भारत सरकार के विदेश मंत्रालय, एनसीबी, सीबीआई, भारतीय दूतावासों और जार्जिया और कजाखस्तान की एजेंसियों के सहयोग से यह कार्रवाई संभव हो सकी।
एसटीएफ ने इसे संगठित अपराध और फरार अपराधियों के खिलाफ अपने अभियान की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। यह जार्जिया से भारत को किया गया पहला प्रत्यर्पण मामला है और वर्ष 2026 में हरियाणा एसटीएफ की तरफ से सुनिश्चित किया गया 10वां निर्वासन या प्रत्यर्पण है।
