नीलोखेड़ी/ करनाल, 10 जून। संसद द्वारा पारित वीबी जी रामजी अधिनियम 2025 के प्रावधानों को धरातल पर उतारने के लिए राज्य सरकार ने कमर कस ली है। महात्मा गांधी नरेगा का स्थान लेने जा रही ग्रामीण रोजगार गारंटी और आजीविका योजना को आगामी एक जुलाई से लागू करने के लिए संबंधित सरकारी अधिकारियों, कर्मचारियों और निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को प्रशिक्षित करने की विस्तृत कार्य योजना तैयार कर हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान ने राज्य के ग्रामीण विकास विभाग को प्रस्तुत कर दी है। प्रदेश व्यापी प्रशिक्षण अभियान संचालित करने के लिए प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण शुरू कर दिया गया है। इस क्रम में पहला दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आज संस्थान के परिसर में संपन्न हो गया। इस अहम कार्यक्रम में निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने प्रस्तावित प्रशिक्षण अभियान के खाके पर चर्चा की और प्रशिक्षु मास्टर ट्रेनरों को इस योजना के महत्व और केंद्र व राज्य सरकार द्वारा इस बेहतरीन ढंग से लागू करने के लिए दर्शायी जा रही गंभीरता से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी सरपंच और ग्राम सचिवों सहित लगभग अठारह हजार हितधारकों को नई योजना की बारीकियां सिखाई जानी प्रस्तावित हैं।
डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि जैसे बहती हुई नदी, सरिता अथवा दरिया का जल स्वच्छ और निर्मल बना रहता है, जबकि ठहरा हुआ जल अपनी शुद्धता खो देता है। यही सिद्धांत जीवन, समाज और सरकारी योजनाओं पर भी लागू होता है। समय के साथ योजनाओं की समीक्षा, मूल्यांकन और आवश्यक सुधार किए जाने चाहिए ताकि वे जनता की अपेक्षाओं और वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप अधिक प्रभावी बन सकें।
डॉ. चौहान ने बताया कि 1 जुलाई 2026 से विकसित भारत गारंटी रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण वी बी जीरामजी लागू किया जा रहा है, जो ग्रामीण विकास और आजीविका सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। योजना का उद्देश्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि ग्रामीण परिवारों को आत्मनिर्भर बनाना, स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना तथा गांवों में टिकाऊ विकास को बढ़ावा देना है। उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत पात्र परिवारों को वर्ष में 125 दिनों के रोजगार की गारंटी प्रदान की जाएगी। इसके साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत संरचना के विकास, सामुदायिक परिसंपत्तियों के निर्माण, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, जल संवर्धन, जनभागीदारी को प्रोत्साहन तथा स्थानीय स्तर पर आजीविका के अवसरों को सशक्त बनाने पर विशेष बल दिया जाएगा। यह योजना विकसित भारत के संकल्प को गांवों तक पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनेगी।
उन्होंने प्रशिक्षकों से आह्वान किया कि वे योजना की जानकारी प्रत्येक पात्र परिवार तक पहुंचाएं ताकि कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति इसके लाभ से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा जब गांवों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित होगा । वी बी जीरामजी इसी सोच को धरातल पर उतारने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनेगी तथा ग्रामीण भारत को विकास की नई दिशा प्रदान करेगी।
कार्यक्रम में सहायक आचार्य डॉ. सुशील मेहता, संदीप कुमार, वजीर सिंह, राष्ट्रीय ग्रामीण विकास संस्थान से सलाहकार गुरबिंदर सिंह, संस्थान से सौरभ अरोड़ा, अजय कुमार, मोहित शर्मा, रिसोर्स पर्सन अजब सिंह, नारायण दत्त, ज्योति, नवीन भारद्वाज, अंकित राहड़, मुकेश कुमार एवं देशराज एवं अन्य उपस्थित रहे।
