पिहोवा 10 जून   उपमंडल कृषि अधिकारी डॉ मनीष वत्स ने कहा कि धान की नर्सरियों को व्हाइट बैक्ड प्लांट हॉपर और राइस ड्वार्फ रोग के हमले से बचाने के लिए निवारक परामर्श दिया है। हरियाणा के विभिन्न ज़िलों में पिछले साल धान में बौना रोग की घटना को ध्यान में रखते हुए, किसानों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी धान की नर्सरियों पर कड़ी नजर रखें और अपनी फसल को धान में बौना रोग के हमले से बचाने के लिए नीचे दिए गए बिंदुओं का पालन करें और अपनी फसल को सुरक्षित रख सकते हैं
उन्होंने कहा कि किसानों को सलाह दी जाती है कि वे खेत की मेड़ों को साफ रखें और खेत के अंदर तथा आसपास से खरपतवार हटा दें। मक्के के खेतों के पास नर्सरी तैयार न करें, क्योंकि मक्के के खेतों में वेक्टर की आबादी भी होती है, जो मक्के के खेत से धान की नर्सरी में फैल सकती है। वे नाइट्रोजन की अनुशंसित मात्रा का ही उपयोग करें। नर्सरी लगाने के लिए और बाद में बुवाई के लिए भी, जलभराव वाले क्षेत्रों से बचें।
उन्होंने कहा कि यदि अभी तक नर्सरी नहीं लगाई गई है, तो बीजों को मिट्टी और बीज जनित कीटों तथा रोगजनकों से बचाने के लिए, अनुशंसित कीटनाशकों या जैव-कीटनाशकों से उचित रूप से उपचारित करें।  शुरुआती चरण में संक्रामित पौधों की सही पहचान की जानी चाहिए और उन्हें तुरंत हटा देना चाहिए संक्रमित पौधे को जड़ से उखाडक़र खेत से दूर मिट्टी में दबा दें, ताकि रोग आगे न फैले। ऐसे में किसान अपनी घान नर्सरी को सुरक्षित रखने में सहायक होंगे और फसलों को भी ऐसी बिमारी से बचाव किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त भारत सरकार द्वारा कृषि विभाग की विषेश टीम भी लगातार जिला कुरुक्षेत्र का दौरे पर हैं इस टीम मे डॉ लक्ष्मीकांत कौशिक,डॉ केपी शर्मा, डॉ सुरजीत शामिल हैं जो समय-समय पर जिला कुरुक्षेत्र का दौरे कर रहे हैं।

By Dr. Rajesh Wadhwa

778-779, Partap Colony, Railway Road, Near Rudra Cinema, Opp Chaat King India Row, Kurukshetra 136118 Mob. 9896352867, 9467040367

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *