पानीपत। टीडीआइ सिटी सेक्टर-38 और 39 के निवासियों से कथित करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। पानीपत के न्यायिक दंडाधिकारी (जेएमआइसी) विकास वर्मा की अदालत ने टीडीआइ इंफ्राकॉर्प इंडिया लिमिटेड एवं अन्य के खिलाफ दर्ज एफआईआर में पुलिस द्वारा दाखिल की क्लोजर रिपोर्ट को खारिज कर दिया है।
साथ ही फाइल एसपी को भेजते हुए निर्देश दिए हैं कि मामले की पुनः जांच डीएसपी स्तर के अधिकारी से कराई जाए और नई जांच रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत की जाए। यह मामला टीडीआइ सिटी निवासी विवेक कुमार की याचिका पर अदालत पहुंचा था। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें जांच में शामिल किए बिना और उनके द्वारा उपलब्ध कराए दस्तावेजों पर विचार किए बिना केस बंद कर दिया।
अदालत के समक्ष 45 महत्वपूर्ण दस्तावेज पेश किए, जिनमें परियोजना का लाइसेंस समाप्त होने के बावजूद संपत्तियों की बिक्री, डीटीसीपी द्वारा ब्लैकलिस्टिंग, अधूरे विकास कार्य और बुनियादी सुविधाओं के अभाव जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता अदीश अग्रवाल ने कहा कि पुलिस ने मामले की जांच लापरवाही से की। इसे महज सिविल विवाद बताकर बंद करने का प्रयास किया। अदालत ने उनकी दलीलों को स्वीकार करते हुए क्लोजर रिपोर्ट रद कर दी। वहीं, पीड़ित निवासियों ने मामले की जांच आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) के विशेषज्ञ अधिकारी से कराने की मांग की है।
