करनाल 4 जून : हरियाणा गुरद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व अध्यक्ष और भाजपा के वरिष्ठ नेता अमरेंद्र सिंह अरोड़ा ने आज कहा कि हरियाणा के राजनीतिक इतिहास में पूर्व मुख्यमंत्री तथा वर्तमान केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर का नाम एक ऐसे जननेता के रूप में लिया जाता है। जिन्होंने शासन व्यवस्था में पारदर्शिता, ईमानदारी और जनकल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान की। उनके नेतृत्व में हरियाणा ने विकास, सुशासन और डिजिटल परिवर्तन के अनेक नए आयाम स्थापित किए। वर्ष 2014 से लेकर वर्ष 2024 तक मुख्यमंत्री के रूप में उनके दोनों कार्यकालों ने राज्य के प्रशासनिक ढांचे और जनसेवा प्रणाली में व्यापक परिवर्तन देखने को मिले। उन्होंने कहा कि मनोहर लाल खट्टर का राजनीतिक जीवन सदैव सादगी, संगठनात्मक क्षमता और जनहित के प्रति समर्पण का प्रतीक रहा है। मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने शासन को केवल सरकारी कार्यालयों तक सीमित न रखकर उसे आम नागरिकों के द्वार तक पहुंचाने का प्रयास किया। उनका मानना था कि शासन का वास्तविक उद्देश्य अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास और सुविधाओं का लाभ पहुंचाना होना चाहिए। अमरेंद्र सिंह अरोड़ा ने कहा कि
मनोहर लाल खट्टर के कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धियों में पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देना रहा। उन्होंने सरकारी नौकरियों में योग्यता और मेरिट को सर्वोच्च महत्व दिया। भर्ती प्रक्रियाओं को अधिक निष्पक्ष और पारदर्शी बनाया गया, जिससे युवाओं में सरकारी तंत्र के प्रति विश्वास बढ़ा। अरोड़ा ने कहा कि हरियाणा की राजनीति में लंबे समय तक यह आरोप लगते रहे कि सरकारी भर्तियों में सिफारिश, राजनीतिक प्रभाव और भ्रष्टाचार का बोलबाला रहता था। मनोहर लाल खट्टर सरकार ने भर्ती प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी बनाने का दावा करते हुए मेरिट आधारित चयन प्रणाली को बढ़ावा दिया।सरकारी नौकरियों के लिए ऑनलाइन आवेदन, लिखित परीक्षाओं की पारदर्शी व्यवस्था तथा चयन प्रक्रिया में तकनीक के उपयोग को बढ़ाया गया। इसका परिणाम यह हुआ कि प्रदेश के अनेक युवाओं ने यह अनुभव किया कि उनकी योग्यता और मेहनत के आधार पर उन्हें सरकारी सेवा में अवसर प्राप्त हुए। बिना खर्ची, बिना पर्ची केवल एक नारा नहीं बल्कि सरकार की कार्यशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया। जिसकी चर्चा गांवों से लेकर शहरों तक होती रही। इससे युवाओं में प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रति विश्वास बढ़ा और मेहनत के बल पर सफलता प्राप्त करने की भावना को बल मिला। भाजपा नेता अमरेंद्र सिंह अरोड़ा ने कहा कि वर्ष 2024 में केंद्र सरकार में मंत्री बनने के बाद भी मनोहर लाल खट्टर ने जनसेवा और विकास की अपनी कार्यशैली को आगे बढ़ाने का प्रयास किया। केंद्रीय मंत्री के रूप में उनका ध्यान देश के आधारभूत ढांचे, ऊर्जा क्षेत्र, शहरी विकास तथा जनसुविधाओं के विस्तार पर केंद्रित रहा है।
उन्होंने राज्यों और केंद्र के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने, आधुनिक सुविधाओं के विस्तार तथा नागरिकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया। ऊर्जा क्षेत्र में सुधार, बिजली व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देने के विषयों पर भी उनकी सक्रिय भूमिका देखने को मिली। उन्होंने कहा कि हरियाणा के लोगों के लिए भी यह गौरव का विषय माना गया कि प्रदेश का एक अनुभवी नेता राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रहा है। अमरेंद्र अरोड़ा ने कहा कि मनोहर लाल खट्टर की राजनीतिक यात्रा का एक महत्वपूर्ण पक्ष उनकी सादगी और संगठनात्मक पृष्ठभूमि रही है। साधारण परिवार से निकलकर मुख्यमंत्री और फिर केंद्रीय मंत्री बनने तक का उनका सफर अनेक युवाओं के लिए प्रेरणा का विषय माना जाता है।हरियाणा में आज भी उनके समर्थक उनके कार्यकाल को पारदर्शी शासन, बिना खर्ची-बिना पर्ची भर्ती, डिजिटल प्रशासन, परिवार पहचान पत्र, अंत्योदय आधारित योजनाएं और जनकल्याणकारी नीतियों के लिए याद करते हैं। इसी कारण उनके समर्थक उन्हें ऐसे जननेता के रूप में देखते हैं, जिन्होंने सत्ता को सुविधा का नहीं बल्कि सेवा का माध्यम बनाने का प्रयास किया।उनके नेतृत्व में ई-गवर्नेंस को बढ़ावा दिया गया। अनेक सरकारी सेवाओं को ऑनलाइन किया गया ताकि नागरिकों को कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। इससे समय और धन दोनों की बचत हुई तथा भ्रष्टाचार पर भी अंकुश लगा। उन्होंने कहा कि मनोहर लाल खट्टर की नीतियों का मूल आधार अंत्योदय रहा। उन्होंने समाज के कमजोर, वंचित और जरूरतमंद वर्गों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर विशेष ध्यान दिया। उनका लक्ष्य था कि किसी भी पात्र व्यक्ति को सरकारी सहायता से वंचित न रहना पड़े।इसी सोच के तहत परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) जैसी व्यवस्था लागू की गई, जिसके माध्यम से विभिन्न योजनाओं का लाभ पात्र परिवारों तक सीधे पहुंचाने का प्रयास किया गया। इससे लाभार्थियों की पहचान आसान हुई तथा योजनाओं में पारदर्शिता आई। अमरेंद्र सिंह अरोड़ा ने कहा कि महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के लिए उनके कार्यकाल में अनेक पहल की गईं। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान को प्रभावी रूप से आगे बढ़ाया गया। इसके सकारात्मक परिणाम स्वरूप हरियाणा के लिंगानुपात में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला।हरियाणा एक कृषि प्रधान राज्य है और किसानों की समृद्धि राज्य की प्रगति का आधार मानी जाती है। मनोहर लाल खट्टर सरकार ने किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए। सिंचाई सुविधाओं का विस्तार किया गया, नहरों का पुनरुद्धार हुआ तथा जल संरक्षण पर विशेष बल दिया गया।फसल खरीद व्यवस्था को अधिक सुव्यवस्थित बनाने का प्रयास किया गया। मनोहर लाल खट्टर सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता सुधार पर विशेष ध्यान दिया। विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार किया गया। डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा दिया गया तथा विद्यार्थियों के लिए आधुनिक संसाधन उपलब्ध करवाने का प्रयास किया गया।उच्च शिक्षा संस्थानों के विकास और कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को रोजगारोन्मुख शिक्षा से जोड़ने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कार्य किए।स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत बनाने के लिए उनके कार्यकाल में अनेक नए स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों का विकास किया गया। ग्रामीण क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए विशेष प्रयास किए गए। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया गया। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति को राष्ट्र निर्माण का आधार मानते हुए मनोहर लाल खट्टर सरकार ने युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास के नए अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया। विभिन्न कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को आधुनिक उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण दिया गया।
सड़क, परिवहन, बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं के विकास पर उनके कार्यकाल में विशेष ध्यान दिया गया। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों को बेहतर सड़क नेटवर्क से जोड़ने का कार्य किया गया। बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार के प्रयास हुए और अनेक क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार किया गया। भाजपा नेता ने कहा कि मनोहर लाल खट्टर की पहचान एक ईमानदार और साफ-सुथरी छवि वाले नेता के रूप में रही है। उनके कार्यकाल में प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल और पारदर्शी बनाने पर विशेष बल दिया गया। ऑनलाइन सेवाओं और तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था के माध्यम से भ्रष्टाचार पर नियंत्रण का प्रयास किया गया।मनोहर लाल खट्टर का मुख्यमंत्री कार्यकाल हरियाणा में सुशासन, पारदर्शिता और जनकल्याण की नई सोच के रूप में देखा जाता है। उनके नेतृत्व में हरियाणा ने केवल भौतिक विकास ही नहीं किया, बल्कि प्रशासनिक सुधारों और जनसेवा की नई संस्कृति को भी अपनाया। यही कारण है कि उनके समर्थक उन्हें एक ऐसे जननेता के रूप में देखते हैं, जिन्होंने विकास और सुशासन को राजनीति का केंद्र बिंदु बनाया तथा हरियाणा को आधुनिक, सक्षम और आत्मनिर्भर राज्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया।अमरेंद्र सिंह अरोड़ा ने कहा किइस प्रकार मनोहर लाल खट्टर के दोनों मुख्यमंत्री कार्यकाल और वर्तमान केंद्रीय मंत्री के रूप में उनकी भूमिका को उनके समर्थक सुशासन, ईमानदार प्रशासन, पारदर्शी भर्ती व्यवस्था और जनहितकारी विकास कार्यों के साथ जोड़कर देखते हैं।
