अंबाला शहर। जीरकपुर स्थित एक आवासीय परियोजना में फ्लैट दिलाने के नाम पर 88 लाख की कथित धोखाधड़ी के आरोप में बलदेव नगर थाना पुलिस ने एक कंपनी निदेशक बिंदरपाल मित्तल पर केस दर्ज किया है। शिकायत में पांच लोगों पर धोखाधड़ी के आरोप लगाए गए हैं लेकिन इनकी भूमिका की अभी जांच चल रही है।
मामला अंबाला शहर निवासी अधिवक्ता प्रदीप बत्रा की शिकायत पर दर्ज किया है। अधिवक्ता प्रदीप ने मंत्री अनिल विज को दी शिकायत में बताया था कि वर्ष 2024 के दौरान उन्हें जीरकपुर स्थित एक प्रीमियम आवासीय परियोजना में कार्नर फ्लैट खरीदने के लिए प्रेरित किया गया।
सुरक्षा कंपनी की सेल्स जनरल मैनेजर नेहा और सागर गुप्ता प्रॉपर्टी कंसल्टेंट इंपीरियल ग्रुप एमएम इंद्रप्रथ व दिनेश प्रॉपर्टी कंसल्टेंट जीरकपुर कई बार उनके घर पहुंचे और परियोजना को लाभकारी निवेश बताते हुए सुषमा बेलेजा परियोजना में कार्नर फ्लैट को प्राइम लोकेशन और लाभकारी सौदा बताकर खरीदने के लिए प्रेरित किया।
कब्जा मिलने तक प्री-ईएमआइ ब्याज कंपनी द्वारा बैंक को देने का आश्वासन दिया। उन्होंने स्टेट बैंक आफ इंडिया से ऋण लेकर करीब 88 लाख रुपये का भुगतान कर दिया। आरोप लगाया गया है कि इन तीनों को कथित रूप से कुल 15 लाख रुपये कमीशन मिला, जिसमें नेहा गुप्ता को 7.5 लाख, सागर गुप्ता को पांच लाख और दिनेश को 2.5 लाख मिलने का दावा किया है।
कुछ समय बाद परियोजना में निर्माण कार्य हो गया था ठप
आरोप है कि कुछ समय बाद परियोजना में निर्माण कार्य लगभग ठप हो गया और कंपनी ने प्री-ईएमआ ब्याज का भुगतान भी बंद कर दिया। शिकायतकर्ता पर बैंक की किश्तों का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ गया। कंपनी ने त्रिपक्षीय समझौते और लिखित आश्वासनों का भी पालन नहीं किया।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि कंपनी के प्रमोटरों, सेल्स मैनेजर और प्रॉपर्टी कंसल्टेंट्स ने आपराधिक षड्यंत्र के तहत उन्हें गुमराह कर निवेश करवाया। मामले की जांच आर्थिक अपराध शाखा द्वारा किए जाने के बाद शिकायत को आगे कार्रवाई के लिए बलदेव नगर थाना भेजा गया। इसी आधार पर बलदेव नगर थाना पुलिस ने रविवार को केस दर्ज किया है।
