चंडीगढ़ — गत 3 मार्च 2023 को हरियाणा सरकार के शहरी स्थानीय निकाय विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव, अरुण गुप्ता, आईएएस के हस्ताक्षर से  जारी एक गजट नोटिफिकेशन मार्फ़त प्रदेश के गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के गृहक्षेत्र की नगर   निकाय  अर्थात अम्बाला सदर (कैंट) नगर परिषद के सभी 31 वार्डों की  वार्डबंदी (परिसीमन ) की फाइनल नोटिफिकेशन  प्रकाशित कर  दी  गई है.  
इसी बीच  पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के एडवोकेट हेमंत कुमार ने  बताया कि उक्त  नोटिफिकेशन हरियाणा नगरपालिका वार्ड परिसीमन नियमावली, 1977 के नियम 10 में प्रकाशित की गई  है जिसके बाद  अब आगामी कुछ सप्ताह में  निर्धारित   प्रक्रिया द्वारा   सदर  नगर परिषद  के कुल  31 वार्डो में से कौन कौन से वार्ड महिलाओ, अनुसूचित जाति (एस.सी.) वर्ग   के व्यक्तियों के लिए आरक्षित होंगे, उनका निर्धारण किया जाएगा.
जहाँ तक पिछड़े वर्ग (बी.सी.) वर्ग हेतु  आरक्षण का विषय है,   हेमंत ने बताया कि  इस सम्बन्ध में  सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के फलस्वरूप  गत वर्ष प्रदेश  सरकार द्वारा जुलाई, 2022 में गठित हरियाणा  पिछड़ा वर्ग आयोग द्वारा प्रदेश के शहरी स्थानीय निकायों में बी.सी. वर्ग को आरक्षण देने सम्बन्धी  रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद राज्य सरकार द्वारा उसका अध्ययन कर इस सम्बन्ध में अंतिम निर्णय लिया जाएगा जैसा गत वर्ष पंचायती राज संस्थाओं के  विषय में किया गया था.
 बहरहाल,  अंबाला सदर नगर परिषद की ताजा फाइनल वार्डबंदी के बाद हरियाणा  राज्य चुनाव आयोग द्वारा इसके आगामी  आम चुनाव करवाने की प्रक्रिया का प्रारंभ  अंबाला सदर नगर परिषद के सभी 31 वार्डों की
मतदाता सूचियों के संशोधन से होगा जो आयोग के निर्देशन में 1 जनवरी 2023 या संभवत: 1 अप्रैल 2023 की  योग्यता तिथि के आधार पर संशोधित की जाएंगी.
हेमंत ने बताया कि  भारतीय चुनाव आयोग के निर्देशानुसार हरियाणा के मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ ) द्वारा  प्रदेश  के सभी 22 ज़िलों में कुल रजिस्टर्ड मतदाताओं की ताज़ा संख्या को इस वर्ष 1 जनवरी 2023 की योग्यता तिथि के आधार पर अपडेट किया गया था   जिसे    5 जनवरी 2023  को प्रकाशित  किया गया. उक्त फाइनल मतदाता सूचियों  के अनुसार   अम्बाला कैंट विधानसभा सीट पर मतदाताओ की संख्या 2 लाख 8 हजार 99 है जबकि गत वर्ष जनवरी, 2022 में यह 2 लाख 6 हज़ार 955  थी. 
उन्होंने आगे  बताया कि  विगत कुछ वर्षों से   हरियाणा  राज्य चुनाव आयोग द्वारा प्रदेश की नगर निकायों के चुनावो के  लिए अलग से मतदाता सूचियाँ नहीं बनायीं जाती  है.  मार्च, 2017 में  प्रदेश  सरकार ने हरियाणा नगरपालिका चुनाव नियमावली,1978  में उपयुक्त संशोधन किया  था जिसके फलस्वरूप   राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा सम्बंधित ज़िले के डी.सी. (उपायुक्त) के माध्यम से  भारतीय निर्वाचन आयोग द्वारा विधानसभा हलके स्तर  पर तैयार की गयी मतदाता सूचियों में शामिल वोटरों के नामो को  ही सम्बंधित नगर  निकाय के निर्धारित किये गए वार्डो में बाँट दिया जाता है, जिसका  यह  अर्थ है  अगर किसी नए वोटर को अपने इलाके के नगर निगम चुनाव में  मतदान करना है, तो उसे सबसे पहले अपने  सम्बंधित विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करवाना होगा. ज्ञात रहे कि  इस  वर्ष 1 जनवरी 2023 को 18 वर्ष या उससे अधिक आयु पूरी करने वाले व्यक्तियों के नाम ही इस वर्ष  5 जनवरी 2023 को भारतीय चुनाव आयोग / मुख्य चुनाव अधिकारी, हरियाणा द्वारा जारी मतदाता सूचियों में शामिल हैं.
हेमंत ने आगे बताया कि हरियाणा नगरपालिका अधिनियम, 1973 ,   जो प्रदेश की सभी नगर पालिकाओं और नगर परिषदों पर लागू होता है, की वर्तमान धारा 12(2) के अनुसार नवगठित/ नव स्थापित   नगर परिषद और नगरपालिका समिति के पहले आम चुनाव उन्हें  अधिसूचित (स्थापना ) करने के एक वर्ष के भीतर  राज्य निर्वाचन  आयोग द्वारा कराए जाने चाहिए.
अब चूँकि अम्बाला सदर न.प. की 11 सितम्बर 2019 को स्थापना   होने  के निर्धारित एक वर्ष के भीतर  अर्थात 10 सितंबर, 2020 तक, बेशक कोरोना-वायरस संक्रमण  फलस्वरूप  व्याप्त परिस्थितियों या अन्य किसी भी कारण से, इसके पहले आम चुनाव नहीं करवाए जा सके, अत: ऐसी  स्थिति  में उपरोक्त  1973 कानून की  धारा  12 (2)  में हरियाणा विधानसभा द्वारा   संशोधन करना  आवश्यक था    ताकि उक्त चुनाव करवाने  की मौजूदा कानूनन एक वर्ष की समय सीमा को आगे बढ़ाया जा सके   एवं  अम्बाला सदर नगर  परिषद  का  कानूनी अस्तित्व कायम रखा जा सके परन्तु आज तक ऐसा नहीं किया गया है.

By Dr. Rajesh Wadhwa

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