आनलाईन आवेदन करने की अंतिम तिथि 15 जून निर्धारित
कुरुक्षेत्र, 01 जून। 
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में अर्थशास्त्र विभाग में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए एम.ए. इकोनॉमिक्स (2 वर्षीय एवं 1 वर्षीय) तथा एम.ए. बिजनेस इकोनॉमिक्स (एक वर्षीय) कार्यक्रमों में प्रवेश हेतु आवेदन आमंत्रित किए हैं। इच्छुक अभ्यर्थी विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित प्रवेश प्रक्रिया के तहत आवेदन कर सकते हैं।
अर्थशास्त्र विभाग के अध्यक्ष प्रो. दारा सिंह ने बताया कि 2 वर्षीय एम.ए. अर्थशास्त्र कार्यक्रम में प्रवेश के लिए किसी भी विषय में स्नातक परीक्षा में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक अथवा अर्थशास्त्र विषय में 45 प्रतिशत अंक प्राप्त होना आवश्यक है। इस कार्यक्रम में कुल 120 सीटें उपलब्ध हैं। इसके अतिरिक्त कश्मीरी प्रवासी, खेल, एनसीसी, एनएसएस, अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थी, सिंगल गर्ल चाइल्ड तथा केजी टू पीजी योजना सहित विभिन्न श्रेणियों के लिए 43 सुपरन्यूमैरेरी सीटें भी निर्धारित की गई हैं। उन्होंने बताया कि एक वर्षीय एम.ए. अर्थशास्त्र कार्यक्रम में प्रवेश के लिए चार वर्षीय बैचलर डिग्री (ऑनर्स/ऑनर्स विद रिसर्च) इकोनॉमिक्स, बिजनेस इकोनॉमिक्स, एप्लाइड इकोनॉमिक्स अथवा इकोनोमेट्रिक्स में न्यूनतम 80 क्रेडिट एवं 50 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण होना आवश्यक है। इसके अलावा संबंधित विषय में एक वर्षीय पीजी डिप्लोमा धारक अभ्यर्थी भी आवेदन कर सकते हैं, बशर्ते उन्होंने न्यूनतम 40 क्रेडिट एवं 50 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हों। इस कार्यक्रम में कुल 28 सीटें उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि इसी प्रकार एक वर्षीय एम.ए. बिजनेस इकोनॉमिक्स कार्यक्रम में प्रवेश के लिए चार वर्षीय बैचलर डिग्री (ऑनर्स/ऑनर्स विद रिसर्च) अथवा संबंधित विषय में एक वर्षीय पीजी डिप्लोमा आवश्यक है। पात्र अभ्यर्थियों के लिए कुल 37 सीटें निर्धारित की गई हैं।
प्रो. दारा सिंह  ने बताया कि अर्थशास्त्र विभाग उत्तर भारत के सबसे प्रतिष्ठित विभागों में से एक है। अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम करने के बाद करियर के असीमित अवसर हैं।  अर्थशास्त्र विभाग अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप अपने पाठ्यक्रम को लगातार अपडेट करता रहता है। बड़ी संख्या में पूर्व छात्र शिक्षण, अनुसंधान, आईईएस, आईएएस और संबद्ध सेवाओं, बहुराष्ट्रीय कंपनियों, उद्योग-संघों, टीवी और समाचार पत्रों में उच्च पदों पर काम कर रहे हैं।
कुवि के लोक सम्पर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि अर्थशास्त्र में पाठ्यक्रम करने के बाद, छात्रों को सिद्धांत, नीति निर्माण, व्यावहारिक अर्थशास्त्र, गणितीय, सांख्यिकीय और अर्थमितीय विश्लेषण और सॉफ्टवेयर के साथ डेटा विश्लेषण में शीर्ष स्तर का कौशल प्राप्त होता। यह छात्रों को बैंकिंग, बीमा, स्टॉक-मार्केट और जहां कहीं भी आवश्यक हो, डेटा विश्लेषक के रूप में नौकरी पाने में सक्षम बनाता है। सभी छात्रों को डेटा संग्रह तकनीक, विश्लेषण और प्रस्तुति और रिपोर्ट लेखन में प्रशिक्षित किया जाता है इससे उन्हें विदेशी विश्वविद्यालयों में अपना कॅरियर बनाने में मदद मिलेगी। अर्थशास्त्र विभाग पर्यावरण डेटा विश्लेषण में भी उत्कृष्ट परामर्शदाता बनने का एक मंच है।
प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि ऑनलाईन एडमिशन से सम्बन्धित जानकारी के लिए विद्यार्थी कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की वेबसाईट या आईयूएमएस पोर्टल से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

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