महंत राजेंद्र पुरी ने श्रद्धालुओं से धरती की सुरक्षा एवं प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा का संकल्प करवाया
कुरुक्षेत्र, 1 जून : जग ज्योति दरबार में निरंतर श्रद्धालुओं के आगमन की संख्या बढ़ती जा रही है। सोमवार को महंत राजेंद्र पुरी ने चल रही कठोर पंच धूणी अग्नि तपस्या के दर्शनों के लिए मौजूद श्रद्धालुओं से धरती की सुरक्षा एवं प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा का संकल्प करवाया गया। महंत राजेंद्र पुरी कहा कि मनुष्य को समझना होगा कि धरती पर रहते हुए उस पर अत्याचार कर नुकसान पहुंचा रहा है जबकि धरती अपने प्राकृतिक संसाधनों से मानव जीवन की रक्षा कर रही है। उन्होंने अग्नि तपस्या के दर्शन एवं परिक्रमा करने पहुंचे श्रद्धालुओं से कहा कि संतों द्वारा तपस्या और धरती की सुरक्षा ये दोनों एक दूसरे से जुड़े हुए हैं। महंत राजेंद्र पुरी ने कहा कि तपस्या का मतलब है कठोर साधना और त्याग। धरती की सुरक्षा का मतलब है हमारे प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करना। उन्होंने कहा कि यदि हम तपस्या करते हैं तो हम अपने मन को शुद्ध करते हैं और एक बेहतर इंसान बनते हैं। इससे हमें धरती के प्रति प्रेम और जिम्मेदारी की भावना भी जागृत होती है। हम फिर धरती की सुरक्षा के लिए काम करने लगते हैं। उन्होंने कहा कि तपस्या के दौरान प्रकृति के साथ अधिक निकट संबंध स्थापित करते हैं। हम पेड़-पौधों, पशु-पक्षियों और अन्य प्राकृतिक तत्वों के बारे में अधिक जागरूक होते हैं। इससे हमें धरती की सुंदरता और महत्व का एहसास होता है और हम इसे सुरक्षित करने के लिए प्रेरित होते हैं। उन्होंने कहा कि तपस्या के दौरान हम अपने मन को शांत करते हैं। हमें धरती के प्रति हमारी गलतियों और उनके परिणामों के बारे में सोचने का मौका मिलता है। हम फिर धरती की रक्षा करने के लिए अधिक गंभीर और समर्पित होते हैं। उन्होंने कहा कि तपस्या का मतलब है भौतिक इच्छाओं और वासनाओं से ऊपर उठना। जब हम तपस्या करते हैं तो हम धरती के प्रति अपने त्याग और समर्पण को बढ़ाते हैं। हम फिर धरती के लिए अपने जीवन को समर्पित कर देते हैं और उसकी रक्षा करने के लिए काम करते हैं। इस अवसर पर ध्यान चंद, ईश्वर लाल, सोहन सिंह, मोहन लाल, रवि अरोड़ा, विद्या देवी, कमलेश रानी, सुखविंदर कौर, भूपिंदर कौर, सीमा रानी, अंकुर सिंह, विपिन गर्ग, दिनेश कुमार, शमशेर सिंह, ओम कुमार, गुरमेल सिंह, उषा रानी, गुरमीत कौर, संजय गुप्ता, जसमेर सिंह, पूजा रानी, सुखदेव सिंह, आदित्य प्रकाश, संगम, अनिल कुमार, चरणजीत, अजय राठी, विजय राठी, अक्षय राठी व कन्हैया लाल इत्यादि मौजूद रहे।
फोटो परिचय : अग्नि तपस्या में बैठे महंत राजेंद्र पुरी।
