पंचकूला। ज्लेवर रजत खन्ना के आत्महत्या मामले में पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है। फाइनेंसर्स और इन्वेस्टर्स समेत 10 लोगों के खिलाफ सेक्टर-5 थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।
योगेश गुप्ता, हनी दुर्गा रहेजा, कुणाल रहेजा, शैफी, लोविना और उसकी मां, चावला, नाबी और उसके परिवार के सदस्य, अंजलि, रिंकू वर्मा, परवीन शर्मा को मुख्य आरोपितों के रूप में नामजद किया गया है। मामले की जांच सब इंस्पेक्टर (एसआई) नरेंद्र कुमार को सौंपी है।
डीसीपी सृष्टि गुप्ता ज्वलेर की पत्नी की ओर से दी गई शिकायत, घटनास्थल से बरामद सुसाइड नोट और अन्य तथ्यों के आधार पर जांच की जा रही है। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा।
बता दें कि सेक्टर-4 निवासी रजत खन्ना ने 28 मई को अपने घर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। एसीपी विक्रम नेहरा के अनुसार, रजत खन्ना एमडीसी क्षेत्र में रजत ज्वेलर्स नाम से आभूषण कारोबार करते थे। पुलिस ने घटनास्थल से सुसाइड नोट सहित अन्य सामान बरामद किया है, जिसमें रजत खन्ना ने रुपये ब्याज पर देने वालों पर प्रताड़ित करने के आरोप लगाए थे।
साइड नोट में रजत ने बार-बार कथित तौर पर फाइनेंसरों और इन्वेस्टर्स द्वारा दी जा रही धमकियों का जिक्र किया है। उन्होंने लिखा कि वह लगभग सभी फाइनेंसरों का मूलधन (प्रिंसिपल अमाउंट) वापस कर चुके हैं और केवल ब्याज की राशि बाकी रह गई थी।
सुसाइड नोट में रजत ने कई बार अपने माता-पिता से माफी मांगी है। साथ ही, जिन लोगों द्वारा उन्हें लगातार परेशान और धमकाया जा रहा था, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी की है।
वहीं, रजत की पत्नी ने आरोप लगाया है कि कारोबार में भारी नुकसान के चलते कुछ लोग लगातार भुगतान को लेकर उनके पति पर मानसिक दबाव बना रहे थे। परिवार समेत गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां दी जाती थीं। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 108 के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
