कुरुक्षेत्र, 19 जुलाई। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के ललित कला विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. आनंद जायसवाल को यूरोप के प्रतिष्ठित डाइवर्स यूनिवर्स इंटरनेशनल परफॉर्मेंस फेस्टिवल-2026 में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है। यह अंतरराष्ट्रीय कला महोत्सव 20 से 26 जुलाई 2026 तक एस्टोनिया के टालिन और पारनू शहरों में आयोजित होगा। विशेष बात यह है कि इस वर्ष भारत से चयनित होने वाले कलाकारों में डॉ. आनंद जायसवाल एकमात्र प्रतिनिधि हैं, जो न केवल कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय बल्कि पूरे देश के लिए गौरव का विषय है।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने डॉ. आनंद जायसवाल को बधाई देते हुए कहा कि किसी अंतरराष्ट्रीय कला महोत्सव में भारत के एकमात्र प्रतिनिधि के रूप में उनका चयन विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक उत्कृष्टता का प्रमाण है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि डॉ. जायसवाल अपनी प्रतिभा और सृजनशीलता से अंतरराष्ट्रीय मंच पर विश्वविद्यालय और देश का नाम रोशन करेंगे।
डॉ. आनंद जायसवाल ने बताया कि यह अवसर भारतीय कला परंपरा, सांस्कृतिक विविधता और समकालीन भारतीय रचनात्मकता को विश्व मंच पर प्रस्तुत करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कुलगुरु के प्रोत्साहन एवं अनुमति से उन्हें इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में भाग लेने का अवसर प्राप्त हुआ है।
डॉ. आनंद जायसवाल ने बताया कि महोत्सव के दौरान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्याख्यान, कला-प्रदर्शन, प्रदर्शनियां, कार्यशालाएं, लाइव डिमॉन्स्ट्रेशन, संवाद सत्र और सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन गतिविधियों के माध्यम से विभिन्न देशों के कलाकार अपनी रचनात्मक दृष्टि और सांस्कृतिक अनुभव साझा करेंगे, जिससे वैश्विक कला समुदाय को एक साझा मंच प्राप्त होगा।
लोक सम्पर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि इस प्रतिष्ठित आयोजन का नेतृत्व एस्टोनिया के सुप्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय कलाकार, क्यूरेटर एवं कला चिंतक अल पाल्ड्रोक कर रहे हैं। उनकी संस्था अकादेमिया गुस्तावियाना सोसाइटी पिछले कई वर्षों से वैश्विक स्तर पर समकालीन कला और सांस्कृतिक संवाद को बढ़ावा देने के लिए कार्य कर रही है।
बाक्स
विश्व स्तर पर ख्याति प्राप्त महोत्सव
डॉ. आनंद जायसवाल ने बताया कि यह महोत्सव विश्व स्तर पर ख्याति प्राप्त परफॉर्मेंस आर्ट, विजुअल आर्ट, साउंड आर्ट और समकालीन कलाओं के संगम के रूप में जाना जाता है। आयोजक मंडल द्वारा विश्वभर से सीमित और विशिष्ट कलाकारों का चयन किया जाता है। इस वर्ष 20 से अधिक देशों के कलाकार, कला समीक्षक, शोधकर्ता और क्यूरेटर इसमें भाग लेंगे। महोत्सव का केंद्रीय विषय “रीबर्थ फ्रॉम द एशेज” है, जो सृजन, पुनर्जागरण, मानवीय संघर्ष और नई संभावनाओं के उद्भव की अवधारणा को अभिव्यक्त करता है।
