कुरुक्षेत्र, 27 मई। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में परीक्षा शाखा-3 द्वारा पद्मिनी एकादशी के पावन अवसर पर परीक्षा शाखा के आसपास विभिन्न स्थानों पर पक्षियों के लिए पानी के कसोरे एवं दाने की व्यवस्था की गई। इस पहल के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण तथा जीव-जंतुओं के प्रति संवेदनशीलता का संदेश दिया गया।
इस अवसर पर परीक्षा नियंत्रक डॉ. राकेश कुमार ने कहा कि भारतीय संस्कृति में जीवों की सेवा को अत्यंत पुण्य का कार्य माना गया है। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी के मौसम में पक्षियों को भोजन और पानी उपलब्ध कराना मानवता एवं प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय केवल शैक्षणिक गतिविधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक एवं मानवीय मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए भी निरंतर कार्य कर रहा है। डॉ. अंकेश्वर प्रकाश ने विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों से अपने घरों और आसपास के क्षेत्रों में भी पक्षियों के लिए पानी और दाने की व्यवस्था करने की अपील की। परीक्षा शाखा के उपकुलसचिव डॉ. जितेन्द्र जांगडा ने कहा कि पद्मिनी एकादशी जैसे धार्मिक अवसर हमें सेवा, करुणा और प्रकृति संरक्षण की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि बढ़ती गर्मी में पक्षियों के सामने पानी और भोजन का संकट उत्पन्न हो जाता है, ऐसे में समाज के प्रत्येक व्यक्ति को आगे आकर उनकी सहायता करनी चाहिए।
इस अवसर पर डॉ. जीत सिंह, शिव कुमार, शक्ति सिंह, बीरबल सिंह, सुमन शर्मा, चत्तर सिंह, उषा कालड़ा, रीना, महेंद्र सिंह, शशि, कृष्ण गोपाल, संजय, अर्जुन सचिन, सपना, बृजेश, अन्नू सैनी, शिवराज शर्मा, सूरजभान सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर परीक्षा नियंत्रक डॉ. राकेश कुमार ने कहा कि भारतीय संस्कृति में जीवों की सेवा को अत्यंत पुण्य का कार्य माना गया है। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी के मौसम में पक्षियों को भोजन और पानी उपलब्ध कराना मानवता एवं प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय केवल शैक्षणिक गतिविधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक एवं मानवीय मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए भी निरंतर कार्य कर रहा है। डॉ. अंकेश्वर प्रकाश ने विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों से अपने घरों और आसपास के क्षेत्रों में भी पक्षियों के लिए पानी और दाने की व्यवस्था करने की अपील की। परीक्षा शाखा के उपकुलसचिव डॉ. जितेन्द्र जांगडा ने कहा कि पद्मिनी एकादशी जैसे धार्मिक अवसर हमें सेवा, करुणा और प्रकृति संरक्षण की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि बढ़ती गर्मी में पक्षियों के सामने पानी और भोजन का संकट उत्पन्न हो जाता है, ऐसे में समाज के प्रत्येक व्यक्ति को आगे आकर उनकी सहायता करनी चाहिए।
इस अवसर पर डॉ. जीत सिंह, शिव कुमार, शक्ति सिंह, बीरबल सिंह, सुमन शर्मा, चत्तर सिंह, उषा कालड़ा, रीना, महेंद्र सिंह, शशि, कृष्ण गोपाल, संजय, अर्जुन सचिन, सपना, बृजेश, अन्नू सैनी, शिवराज शर्मा, सूरजभान सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
