करनाल, 25 मई। अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. राहुल रईया ने निर्देश दिए कि जिला में दर्ज संगीन अपराधों की जांच में तेजी लाई जाए और मामलों की गहनता और निष्पक्षता से जांच करके कानून के दायरे में अपराधियों को सजा दिलवाना सुनिश्चित किया जाए ताकि पीड़ितों को जल्द से जल्द न्याय मिल सके।
डॉ. रईया ने ये निर्देश आज यहां लघु सचिवालय में आयोजित चिन्हित अपराधों को लेकर आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए। बैठक में आपराधिक मामलों पर चर्चा की गई, जिसमें महिलाओं के विरूद्ध अपराध, पासपोर्ट एक्ट, पॉक्सो एक्ट,  एनडीपीएस एक्ट से संबंधित मामले शामिल है।
बैठक में पुलिस उपाधीक्षक द्वारा बताया गया कि जिला में चिन्हित अपराध के अब तक  139 केस आए हैं। इनमें से 33 में फैसला हो चुका है। बीस मामलों में सजा सुनाई जा चुकी है।  उन्होंने कहा कि तीन मामलों में भगोड़ा घोषित किए जा चुके हैं। अभियुक्त की मृत्यु के कारण एक मामला बंद कर दिया गया है। इसके अलावा 81 केस गवाही पर हैं। चार मामलों में आरोप तय किए जाने है जबकि तीन में बचाव पक्ष की ओर से गवाही होनी हैं।
उन्होंने पुलिस अधिकारी को निर्देश दिए कि चिन्हित अपराध में कोर्ट में जाने से पहले अच्छी तरह जांच कर संगीन मामलों की रिपोर्ट तैयार की जाए और की गई कार्यवाही के बारे में उन्हें अवगत करवाया जाए। मामलों की जांच प्रक्रिया में तेजी ला कर जल्द निपटान किया जाए ताकि पीड़ित को समय पर न्याय मिल सके। जिन संगीन आपराधिक मामलों में आरोप तय हो चुके हैं, ऐसे मामलों में न्यायालय के माध्यम से अपराधियों को कानून के अनुसार सजा दिलवाना सुनिश्चित किया जाए ताकि आपराधिक प्रवृति के लोगों में कड़ा संदेश जाए तथा वे इस प्रकार की गतिविधियों से दूर रहें। बैठक में जिला न्यायवादी डॉ पंकज सैनी के अलावा डीएसपी संदीप भी मौजूद रहे।

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