रोहतक। ऑनलाइन दवा बिक्री, भारी छूट की नीति और दवा व्यापार से जुड़ी विभिन्न समस्याओं के विरोध में बुधवार को आल इंडिया केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के आह्वान पर जिले के दवा विक्रेताओं ने एक दिवसीय हड़ताल कर अपनी दुकानें बंद रखीं। जिलेभर में रोहतक जिला कैमिस्ट एसोसिएशन ने करीब 950 मेडिकल स्टोर इस राष्ट्रव्यापी बंद में शामिल होने का दावा किया।

हालांकि, जिले में पीजीआईएमएस और कई बड़े अस्पताल होने के कारण हड़ताल का असर मिला-जुला रहा और मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कुछ अस्पतालों व नर्सिंग होम के दवा केंद्र खुले रहे। मेडिकल मोड पर सुबह 11 बजे के बाद से ही दवा दुकानों के शटर ऊपर होने लग गए। मरीजों की बढ़ती भीड़ को देखकर दुकानों को खुला रखा गया।
जिला कैमिस्ट एसोसिएशन के प्रधान महेंद्र सिंह चावला (रूबी) ने बताया कि दवा विक्रेता लंबे समय से ऑनलाइन दवा बिक्री और बड़े ई-कामर्स प्लेटफार्म्स के जरिये दिए जा रहे भारी डिस्काउंट का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि इन नीतियों से पारंपरिक मेडिकल स्टोरों के व्यापार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है और स्थानीय दवा विक्रेताओं के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

उन्होंने कहा कि ऑनलाइन प्लेटफार्म्स पर बिना उचित निगरानी के दवाओं की बिक्री से नकली दवाओं और गलत दवा वितरण का खतरा भी बढ़ रहा है, जो मरीजों की सेहत के लिए चिंता का विषय है। कैमिस्टों ने सरकार से मांग की है कि ऑनलाइन दवा बिक्री को नियंत्रित करने के लिए सख्त नियम बनाए जाएं और दवा व्यापारियों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए

। हड़ताल के दौरान कई इलाकों में मेडिकल स्टोर बंद रहे, जिससे कुछ मरीजों को दवाएं लेने में परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि आपात स्थिति को देखते हुए कुछ आवश्यक दवा केंद्रों को खुला रखा गया, ताकि गंभीर मरीजों को कोई असुविधा न हो।

कैमिस्ट एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आने वाले दिनों में आल इंडिया केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के नेतृत्व में लंबी और व्यापक हड़ताल की जा सकती है।

दवा विक्रेताओं का कहना है कि उनका उद्देश्य आमजन को परेशानी देना नहीं, बल्कि दवा व्यापार को सुरक्षित रखना और मरीजों तक सुरक्षित व प्रमाणिक दवाएं पहुंचाना है। अब सभी की नजर सरकार की प्रतिक्रिया पर टिकी है कि वह इस मुद्दे पर क्या कदम उठाती है।

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