कुरुक्षेत्र, 21 मई। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में भारत रत्न गुलजारी लाल नंदा केंद्र, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र में प्रेरणा/भक्ति समूहगान प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए भक्ति भाव से ओत-प्रोत सुंदर भजनों की प्रस्तुति दी। विद्यार्थियों की मधुर प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. ए.आर. चौधरी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि भजन केवल संगीत नहीं, बल्कि परमात्मा से जुड़ने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर प्रगति करने तथा नैतिक मूल्यों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों की प्रतिभा को मंच प्रदान करने के साथ-साथ उनमें अनुशासन, आत्मविश्वास और टीम भावना का भी विकास करती हैं।
युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग के निदेशक प्रो. विवेक चावला ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी के अंदर कोई न कोई कला अवश्य होती है और व्यक्तित्व विकास के लिए उस कला को पहचानकर विकसित करना आवश्यक है। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि संस्कार भारती के अध्यक्ष आशीष सबरवाल ने विद्यार्थियों को कला को अपने जीवन में आत्मसात कर आगे बढ़ने तथा संस्कृति एवं संस्कारों से जुड़े रहने की प्रेरणा दी।
प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में डॉ मुनीश कुमार एवं डॉ अमरजीत सिंह, शामिल थे। उन्होंने सभी प्रस्तुतियों का निष्पक्ष मूल्यांकन किया। कार्यक्रम के अंत में सभी शिक्षकों ने सामूहिक रूप से भजन की सुंदर प्रस्तुति देकर समां बांध दिया। डॉ कुलदीप आर्य ने मंच संचालन किया। समापन अवसर पर केंद्र की निदेशिका प्रो. शुचिस्मिता शर्मा ने प्रतियोगिता के परिणामों की घोषणा की तथा सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं उपस्थित जनों का धन्यवाद किया। इस अवसर पर निदेशिका प्रो. शुचिस्मिता, वरिष्ठ नागरिक सुरेश सुखीजा, ज्योतिमा नारंग, शोधार्थी सुरेश कुमार ,रिम्मी वर्मा, विभिन्न विद्यालयों के अध्यापक उपस्थिति रहे।
