कुरुक्षेत्र, 20 मई : भारतीय संस्कारों एवं संस्कृति में भोजन करवाना केवल भूख मिटाने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह ईश्वर की पूजा, प्रेम, त्याग एवं सेवा का एक पवित्र माध्यम है। इसे अतिथि देवो भवः की भावना से जोड़ा जाता है। श्री वैश्य अग्रवाल पंचायत के प्रधान विशाल सिंगला ने कहा कि यात्रियों, राहगीरों एवं जरूरतमंदों को भोजन कराना सबसे बड़ा धर्म माना गया है। भारतीय संस्कृति में भोजन सेवा बहुत कल्याणकारी है। भारतीय संस्कृति में भूखे व्यक्ति को भोजन कराना हमारे परिवारों की सबसे बड़ी मर्यादा और संस्कार माना जाता है। सिंगला ने बताया कि श्री वैश्य अग्रवाल पंचायत एवं साया के तत्वावधान में बुधवार को भी विशाल भंडारे का आयोजन श्रद्धा एवं सेवा भाव के साथ किया गया। यह भंडारा रमेश चंद सिंगला (सिंगला इलेक्ट्रॉनिक वाले), सुमित सिंगला एवं अंकुश सिंगला द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया। भंडारे में बड़ी संख्या में राहगीरों, यात्रियों, श्रद्धालुओं एवं जरूरतमंद लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया तथा आयोजकों के सेवा कार्य की सराहना की। इस अवसर पर विशेष गर्ग, कुलवंत गर्ग, नवीन बंसल, हिमांशु बंसल, सुमित मित्तल, सचिन अग्रवाल सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान समाज सेवा, आपसी भाईचारे एवं धार्मिक आयोजनों को निरंतर आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया। पंचायत सदस्यों ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में एकता, सहयोग और सेवा की भावना को मजबूत करते हैं। अंत में सभी उपस्थित अतिथियों एवं श्रद्धालुओं ने आयोजकों का धन्यवाद करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य एवं सुख-समृद्धि की कामना की।

By Dr. Rajesh Wadhwa

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