करनाल के जिलाध्यक्ष पराग गाबा ने केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि आज देश की जनता महंगाई, बेरोज़गारी, आर्थिक अस्थिरता और बढ़ते संकटों से जूझ रही है, लेकिन देश का नेतृत्व अब भी वास्तविक मुद्दों को छोड़कर केवल प्रचार और दिखावे की राजनीति में व्यस्त दिखाई दे रहा है।
पराग गाबा ने कहा कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी लगातार देश को आगाह कर रहे हैं कि आने वाले समय में देश एक बड़े आर्थिक तूफान की ओर बढ़ रहा है, जिसकी मार समाज के हर वर्ग पर पड़ेगी। युवा रोजगार के लिए संघर्ष करेगा, महिलाएं बढ़ती महंगाई और घरेलू खर्चों के बोझ तले दबेंगी, छोटे व्यापारी आर्थिक मंदी से टूटेंगे और आम आदमी की जिंदगी और कठिन होती चली जाएगी।
उन्होंने कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि इतने गंभीर चेतावनी भरे माहौल के बावजूद भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार इस विषय को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रही। देश की जनता जहां भविष्य को लेकर चिंता में है, वहीं सरकार प्रचार, कैमरों की चमक और छवि निर्माण में अधिक व्यस्त दिखाई देती है।
पराग गाबा ने कहा कि एक तरफ किसान अपनी फसल के उचित दाम के लिए संघर्ष कर रहा है, युवा नौकरी के लिए दर-दर भटक रहा है, मध्यम वर्ग बढ़ती कीमतों से परेशान है और गरीब आदमी दो वक्त की रोटी जुटाने के लिए संघर्ष कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ सरकार जनता के दर्द से ध्यान हटाने के लिए केवल प्रचार आधारित मुद्दों को आगे बढ़ा रही है।
उन्होंने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को “मेलोडी टॉफी” भेंट करने और उससे जुड़े प्रचार का जिक्र करते हुए कहा कि आज ऐसा प्रतीत हो रहा है मानो देश आर्थिक संकट से जूझ रहा हो और प्रधानमंत्री “सांता क्लॉज” बनकर टॉफियां बांटने और प्रचार करवाने में व्यस्त हों। देश की जनता को आज “टॉफी वाली राजनीति” नहीं, बल्कि राहत देने वाली आर्थिक नीतियों की जरूरत है। जनता को रोजगार चाहिए, व्यापार को मजबूती चाहिए, किसानों को सुरक्षा चाहिए और महिलाओं को महंगाई से राहत चाहिए।
पराग गाबा ने कहा कि देश में लगातार भर्ती परीक्षाओं, प्रतियोगी परीक्षाओं और विभिन्न चयन प्रक्रियाओं में हो रही गड़बड़ियों, पेपर लीक और परीक्षाएं रद्द होने से लाखों युवाओं का भविष्य अंधकार में धकेला जा रहा है। कई युवा मानसिक तनाव और निराशा में आत्महत्या जैसा दर्दनाक कदम उठाने को मजबूर हो गए, लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार के पास इन युवाओं की पीड़ा और परिवारों के आंसुओं के लिए कोई संवेदना नहीं बची है।
उन्होंने कहा कि जिन बच्चों के माता-पिता ने अपने सपनों को बेचकर, कर्ज लेकर और कठिन मेहनत करके अपने बच्चों को पढ़ाया, आज वही बच्चे टूटी हुई व्यवस्था और बेरोज़गारी से हारकर जिंदगी खत्म करने को मजबूर हो रहे हैं। यह केवल एक युवा की मौत नहीं, बल्कि देश के भविष्य की हत्या है।
पराग गाबा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस का युवा संगठन ऐसे सभी पीड़ित युवाओं और उनके परिवारों के साथ मजबूती से खड़ा है। कांग्रेस पार्टी युवाओं के अधिकारों, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और रोजगार के मुद्दे को लगातार सड़क से लेकर सदन तक उठाती रहेगी और हर अन्याय के खिलाफ संघर्ष जारी रखेगी।
उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय संबंध महत्वपूर्ण होते हैं, लेकिन उससे भी ज्यादा महत्वपूर्ण देश के नागरिकों का भविष्य और उनकी आर्थिक सुरक्षा है। आज जरूरत मजबूत आर्थिक नीतियों, रोजगार सृजन, छोटे व्यापारियों को राहत, किसानों के हितों की रक्षा और आम आदमी की जेब पर पड़ रहे बोझ को कम करने की है।
उन्होंने कहा कि यह समय राजनीतिक प्रचार का नहीं, बल्कि जिम्मेदार और संवेदनशील नेतृत्व दिखाने का है। देश की जनता अब जवाब चाहती है कि आखिर उनके दर्द और परेशानियों का समाधान सरकार की प्राथमिकताओं में कब शामिल होगा।
अंत में पराग गाबा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी जनता की आवाज बनकर हर संघर्ष में उनके साथ खड़ी रहेगी और जनविरोधी नीतियों के खिलाफ लगातार आवाज बुलंद करती रहेगी।
