कुरुक्षेत्र, 20 मई। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय टीचिंग एंड नॉन-टीचिंग कर्मचारी एसोसिएशन (कुंटिया) के चुनाव को लेकर कर्मचारियों में असंतोष लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है। इस संबंध में बुधवार को विश्वविद्यालय के कुलपति को ज्ञापन सौंपकर वर्तमान कार्यकारिणी को भंग करने तथा शीघ्र चुनाव करवाने की मांग उठाई गई है।
पूर्व प्रधान राम कुमार गुर्जर व नीलकंठ शर्मा ने कहा कि कुंटिया का कार्यकाल फरवरी 2026 में समाप्त हो चुका था, जिसके बाद चुनाव प्रक्रिया को लेकर कई बार शेड्यूल जारी किए गए, लेकिन अब तक चुनाव नहीं करवाए गए। कर्मचारियों का आरोप है कि पहले नवंबर में चुनाव करवाने की बात कही गई थी, लेकिन बाद में फरवरी में चुनाव करवाए गए। इसके बावजूद वर्तमान प्रधान द्वारा समय पर नई चुनाव प्रक्रिया पूरी नहीं करवाई गई, जिससे कर्मचारियों में असंतोष गहराता जा रहा है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रधान द्वारा पहले भी कुंटिया को दो गुटों में बांटने का कार्य किया गया था और अब फिर से संगठन को उसी दिशा में ले जाया जा रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि संगठन की एकता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए निष्पक्ष एवं समयबद्ध चुनाव बेहद जरूरी हैं।
चुनाव प्रक्रिया के लिए प्रार्थना पत्र एवं प्रस्तावित शेड्यूल पहले ही प्रशासन को भेजा जा चुका है, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक मंजूरी नहीं दी गई है। कर्मचारियों ने कहा कि इस पूरे मामले को लेकर आम कर्मचारियों में भारी रोष है तथा लगभग 80 प्रतिशत कर्मचारी पुरानी कार्यकारिणी को तत्काल प्रभाव से भंग कर नए चुनाव करवाने के पक्ष में हैं, ताकि कर्मचारियों का विश्वविद्यालय प्रशासन पर विश्वास कायम रह सके।
ज्ञापन पर पूर्व प्रधान नीलकंठ शर्मा, रामकुमार सहित अन्य कर्मचारियों के हस्ताक्षर हैं। इसके साथ ही बड़ी संख्या में कर्मचारियों द्वारा हस्ताक्षरित समर्थन प्रतियां भी प्रशासन को सौंपी गई हैं।
