ढिगावा मंडी/भिवानी। गांव ढाणी लक्ष्मण की शिक्षिका मनीषा मौत मामले में अब सात जून को महापंचायत होगी। रविवार को सामाजिक संगठनों एवं ग्रामीणों की ढाणी लक्ष्मण में पंचायत हुई। अध्यक्षता पूर्व बीडीसी धर्मवीर बुढ़ेड़ा ने की।
बैठक में सीबीआइ जांच की धीमी कार्यप्रणाली और अब तक मामले का खुलासा नहीं होने पर रोष जताया। बैठक के दौरान मृतका मनीषा के पिता संजय ने कहा जल्द न्याय नहीं मिला तो वह आमरण अनशन पर बैठने को मजबूर होंगे।
बैठक में मौजूद ग्रामीणों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और बुजुर्गों ने उन्हें धैर्य बनाए रखने की अपील की। लोगों ने कहा कि सात जून को होने वाली महापंचायत तक सभी संगठित रूप से संघर्ष करेंगे, उसके बाद संजय कोई भी निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र होंगे।
मनीषा की मौत मामले में ढाणी लक्ष्मण में बैठक पहले भी हो चुकी है
स्कूल शिक्षिका मनीषा की मौत मामले में ढाणी लक्ष्मण में ग्रामीणों की बैठक पहले भी हो चुकी है। जिसमें सीबीआइ जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं करने पर नाराजगी जताई गई थी। बैठक में सर्व समाज न्याय संघर्ष समिति का गठन किया गया।
प्ले स्कूल की शिक्षिका ढाणी लक्ष्मण वासी मनीषा 11 अगस्त को स्कूल में पढ़ाने गई थी मगर वापस नहीं लौटी। स्वजन ने उसकी काफी तलाश की और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने अगले दिन 12 अगस्त को गुमशुदगी का केस दर्ज किया।
13 अगस्त को मनीषा का शव सिंघानी गांव में नहर किनारे मिला। गले पर चोट के निशान देख स्वजनों ने हत्या के आरोप लगाए। नागरिक अस्पताल में चिकित्सकाों के बोर्ड ने शव का पपोस्टमार्टम किया। मगर स्वजन ने शव लेने से इंकार करते हुए कहा कि पहले आरोपितों की गिरफ्तारी करें।
स्वजनों की मांग पर पीजीआइ रोहतक में चिकित्सकों के बोर्ड ने दोबारा पोस्टमार्टम किया। विसरा जांच करवाई गई। जिसमें सामने आया कि शरीर में जहरीला पदार्थ है। स्वजन ने धरना दिया और एम्स दिल्ली में पोस्टमार्टम और सीबीआइ जांच की मांग की।
