करनाल, 13 मई। अतिरिक्त उपायुक्त डा. राहुल रईया ने कहा कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना सरकार द्वारा चलाई जा रही महत्वपूर्ण योजना है। इस योजना का उद्देश्य मत्स्य पालन व किसानों की आय को बढ़ाना है। योजना के प्रति किसानों को प्रोत्साहित करें और विभाग के माध्यम से चलाई जा रही योजनाओं एवं अनुदान राशि के बारे में ज्यादा से ज्यादा प्रचार-प्रसार कर मत्स्य पालकों को लाभ पहुंचाएं।

अतिरिक्त उपायुक्त डा. राहुल रईया बुधवार को अपने कार्यालय में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दे रहे थे। उन्होंने विभाग के माध्यम से चलाई जा रही योजनाओं की प्रगति के बारे में जिला मत्स्य अधिकारी से जानकारी ली और निर्देश दिए कि हरियाणा सरकार का प्रयास है कि मत्स्य पालन के क्षेत्रफल को बढ़ाया जाए। इस दिशा में स्थानीय स्तर पर योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जाए और ज्यादा से ज्यादा किसानों, ग्राम पंचायतों व आम लोगों को मत्स्य पालन के लिए प्रोत्साहित किया जाए।

उन्होंने मत्स्य अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिला में मछली उत्पादों से जुड़ी दुकानों का सर्वे किया जाए। यह पता लगाया जाए कि इस व्यवसाय से कितने लोग जुड़े हुए है। सर्वे की रिपोर्ट 22 मई तक उनके कार्यालय में पहुँचाना सुनिश्चित की जाए। ताकि भविष्य में मछली उत्पादकों के लिए अलग से मंडी तैयार की जाए। इसके साथ ही गत वर्षों में हुए तालाबों के निर्माण का डाटा भी उपलब्ध कराये। उन्होंने कहा कि विभाग के माध्यम से चलाई जा रही योजनाओं के निर्धारित लक्ष्य को पूरा करना सुनिश्चित करें और समय पर पात्र मत्स्य पालकों तक अनुदान राशि का लाभ पहुंचाएं।

बैठक में जिला मत्स्य अधिकारी शकुन्तला ने बताया कि जिला के 9 ब्लॉकों के 435 गांवों में 824 हेक्टेयर क्षेत्र में मछली पालन किया जा रहा है। जिला में कुल 233 तालाबों में मछली पालन किया जा रहा है। जिनमें से 33 तालाब किसानों की स्वयं की भूमि पर है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के तहत विभिन्न मदों जैसे तालाब खुदाई, खाद खुराक, तालाब नर्सरी का निर्माण, बैकयार्ड सजावटी मछली पालन इकाई, आर0ए0एस0 इकाई की स्थापना, कोल्ड स्टोरेज, रेफ्रिजरेटर वाहन, मोटरसाइकिल/साइकिल तीन पहिया वाहन/चार पहिया वाहन विद आइस बॉक्स, फिश कियोस्क, मत्स्य फीड मिल की स्थापना, बायोफ्लॉक व सजावटी ब्रूड स्टॉक का निर्माण इत्यादि पर विभाग द्वारा अनुदान प्रदान किया जाता है, जिसमें अनुसूचित जाति वर्ग व महिलाओं को 60 प्रतिशत की दर से व अन्य वर्ग को 40 प्रतिशत की दर से अनुदान प्रदान किया जाता है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत गत वर्ष लगभग 16 करोड़ रुपये की अनुदान राशि किसानों को दी गई है।

बैठक में डीडीए डा. वजीर सिंह, सीएसएसआरआई डा. जाफर, मत्स्य अधिकारी जोगिंदर सिंह, केंद्रीय विज्ञान केंद्र से डा. पंकज, पद्मश्री विजेता सुलतान सिंह, प्रगतिशील किसान सलिन्द्र मौजूद रहे।

By Dr. Rajesh Wadhwa

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