कुरुक्षेत्र, 7 मई। अतिरिक्त उपायुक्त विवेक आर्य ने कहा कि समाधान शिविर सरकार के सुशासन के संकल्प को जमीनी स्तर पर उतारने का एक प्रभावी माध्यम है। सभी विभागाध्यक्ष सुनिश्चित करें कि प्रत्येक शिकायत को निर्धारित समय-सीमा के अंदर निपटान करना सुनिश्चिित करे। गुणवत्तापूर्ण एटीआर पोर्टल पर अपलोड की जाए ताकि वह शिकायत दोबारा से न खुले। जिन शिकायतों का समाधान संभव नहीं है, उन्हें रिजेक्ट की श्रेणी में डाले।
अतिरिक्त उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा वीरवार को लघु सचिवालय के सभागार में आयोजित किए गए समाधान शिविर में आमजन की समस्याओं को सुन रहे थे। इससे पहले अतिरिक्त उपायुक्त विवेक आर्य, डीआरओ चेतना चौधरी ने क्रिड व अन्य विभागों की समस्याओं को सुना और उनका समाधान करने के लिए सम्बन्धित विभागों के अधिकारियों को कुछ आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि समाधान शिविरों के माध्यम से प्राप्त होने वाली सभी शिकायतों को अधिकारी गंभीरता से लें। शिविर में प्राप्त शिकायतों का निपटारा प्राथमिकता के आधार पर किया जाए ताकि लोगों को बार-बार दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। इसके साथ-साथ जो भी शिकायतें प्राप्त होती हैं, उन्हें पोर्टल पर अपलोड करे। इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें।
एडीसी विवेक आर्य ने कहा कि जिन विभागों की शिकायतें लंबित पड़ी हुई है, उनका जल्द समाधान करते हुए आमजन को राहत प्रदान करें। समाधान शिविर जनसेवा का सशक्त माध्यम है। इसका मुख्य उद्देश्य सरकारी सेवाओं से जुड़ी बाधाओं को दूर करना और जनता की शिकायतों का मौके पर ही निपटान करना है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार जिला मुख्यालय व उपमंडल स्तर पर सोमवार और वीरवार को प्रात: 10 से 12 बजे तक समाधान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में बिजली, पानी, परिवार पहचान पत्र, बुढ़ापा पेंशन एवं अन्य संबंधित शिकायतों का मौके पर समाधान किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे निर्धारित दिनों में शिविर में पहुंचकर समस्याओं का समाधान करवाएं।
इस अवसर पर डीआरओ चेतना चौधरी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
