समालखा। यूनियन के आह्वान पर नगर परिषद के कर्मचारी छठे दिन भी हड़ताल पर रहे। उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर अपने गुस्से का इजहार किया। कर्मचारियों की हड़ताल से शहर की सफाई व्यवस्था चरमरा गई है।
दोपहर बाद पानीपत नगर निगम से दस कर्मचारी ट्रैक्टर ट्राली के साथ समालखा में सफाई करने आए थे, लेकिन स्थानीय कर्मचारियों के विरोध से बैरंग वापस लौट गए। नगर परिषद सचिव प्रिंस कुमार ने पुलिस बुलाकर शहर में सफाई करवाना चाहा, लेकिन स्थानीय कर्मचारियों के विरोध से वह परवान नहीं चढ़ा।
उल्लेखनीय है की नगर परिषद के सफाई कर्मचारी विगत छह दिनों से हड़ताल पर हैं। सफाई नहीं होने से शहर की सड़कों का बुरा हाल हो गया है। सड़क से लेकर वार्डों में गंदगी के ढेर लगे हैं। कोई सफाई और कचरा उठाने वाला नहीं है। लोग कचरे के ऊपर से आवाजाही कर रहे हैं।
बुधवार दोपहर बाद पानीपत नगर निगम के कर्मचारियों को सफाई के लिए बुलाया गया था। दस कर्मचारी पुराना बस अड्डा पर सफाई के सामानों के साथ पहुंचे थे। नप सचिव और जेई भी मौके पर पहुंचे। सूचना मिलने पर हड़ताल पर बैठे कर्मचारी भी पुराना बस अड्डे पर पहुंचे और पानीपत से आए सफाई कर्मचारियों को काम नहीं करने की बाबत समझाने लगे।
किसी तरह के टकराव के डर से सचिव ने एसडीएम को स्थिति से अवगत कराया। चौकी पुलिस भी सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची। पुलिस ने समझा कर हड़ताली सफाई कर्मचारियों को नगर परिषद भेज दिया। उसके बाद पानीपत के निगम कर्मचारी भी बैरंग लौट गए।
संजय गर्ग, रामनिवास, ईश्वर सिंह, चंदर आदि ने बताया कि नगर परिषद को सफाई की वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए। सफाई और उठान नहीं होने से रेलवे रोड पर गंदगी के ढ़ेर लगे हैं। दुकानों के आगे ढेर होने से ग्राहकों को परेशानी हो रही है। लोग नगर परिषद को कोस रहे हैं। इन्होंने बताया कि मातापुली से लेकर समाजसेवा समिति तक मुख्य ड्रेन गंदगी से अटे पड़े हैं।
