रेवाड़ी पुलिस अधीक्षक हेमेंद्र कुमार मीणा के कुशल नेतृत्व एवं निर्देशन में जिला पुलिस लगातार अपराधियों पर शिकंजा कस रही है इसी कड़ी में सीआईए धारूहेड़ा इंचार्ज निरीक्षक योगेश हुड्डा की टीम ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए लगभग आठ साल पुराने ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी सुलझा ली है। पुलिस ने इस मामले में एक मुख्य आरोपी को अवैध हथियार सहित गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान गांव खुर्मपुर निवासी सोमबीर के रूप में हुई है।
डीएसपी बावल सुरेंद्र श्योराण ने बुधवार को पत्रकार वार्ता में जानकारी देते हुए बताया कि गत 5 मई को सीआईए धारूहेड़ा को सूचना मिली थी कि गढ़ी बोलनी रोड पर रेलवे पुल के नीचे एक संदिग्ध व्यक्ति अवैध हथियार के साथ घूम रहा है। सूचना के आधार पर सीआईए टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर दबिश दी। पुलिस को देखकर आरोपी ने भागने का प्रयास किया, लेकिन टीम ने पीछा कर उसे काबू कर लिया। तलाशी लेने पर उसके कब्जे से एक अवैध देशी कट्टा और एक जिंदा रौंद बरामद हुआ। आरोपी ने पूछताछ में उसने अपनी पहचान गांव खुर्मपुर निवासी सोमबीर के रूप में बताई। जो इस संबंध में पुलिस ने थाना कसौला में आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस द्वारा जब आरोपी सोमबीर से अवैध हथियार के स्रोत के बारे में सख्ती से पूछताछ की गई, तो उसने दिसंबर 2018 में अपने ही गांव के रतनलाल की हत्या का खुलासा किया।
हत्या की वजह: आरोपी ने बताया कि उसके दोस्त सुनील का गांव के ही एक अन्य व्यक्ति से जमीनी विवाद था, जिसको लेकर उनके खिलाफ थाना बावल में हत्या के प्रयास का मामला भी दर्ज था। सुनील के घर के ठीक सामने मृतक रतनलाल का घर था। आरोपियों को शक था कि रतनलाल उनके विरोधियों को सूचनाएं लीक करता है।
वारदात का तरीका: इसी रंजिश के चलते सोमबीर, सुनील और उसके साथी मंजीत ने मिलकर 26 दिसंबर 2018 की रात रतनलाल के घर पर उसके साथ मारपीट की और फिर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी थी। मृतक का परिचय: लगभग 45 वर्षीय रतनलाल गांव में ही सफाई कर्मचारी का काम करता था। वह अपने परिवार में अकेला था और 27 दिसंबर 2018 की सुबह उसकी चचेरे भाई प्यारेलाल को मृत अवस्था में चारपाई पर मिला था।
