करनाल, 3 मई। डीसी डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने बताया कि सर्वाइकल कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से बचाव के लिए एचपीवी वैक्सीनेशन 14 से 15 वर्ष की आयु की लड़कियों के लिए अनिवार्य है। यह टीकाकरण सुरक्षित है और इसका लड़कियों के स्वास्थ्य पर कोई साइड इफेक्ट नहीं पड़ता। सरकार द्वारा लड़कियों के बेहतरीन स्वास्थ्य के लिए एचपीवी टीकाकरण नि:शुल्क लगाया जा रहा है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि बेटियों को एचपीवी वैक्सीनेशन जरूर लगवाए। चिकित्सकों का मानना है कि इस टीके का कोई साइड इफेक्ट नहीं है। उन्होंने कहा कि लड़कियां हमारे देश का भविष्य हैं, इनको स्वस्थ व सुरक्षित रखना प्रशासन के साथ-साथ समाज की भी जिम्मेदारी है। यह जन हित और देश हित में है।
उन्होंने बताया कि भारत सरकार की ओर से 14 व 15 वर्ष की आयु की लड़कियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। इस आयु वर्ग की लड़कियों को जब ये टीकाकरण हो जाएगा तो वे इस घातक बीमारी से बच सकेंगी। उन्होंने बताया कि सर्वाइकल कैंसर महिलाओं के लिए जान लेवा व खतरनाक बीमारी है। इस बीमारी में महिलाओं को बहुत ही ज्यादा परेशानी व पीड़ा का सामना करना पड़ता है। भारत सरकार द्वारा बेटियों के स्वस्थ व उज्जवल भविष्य के लिए 14-15 वर्ष की लड़कियों को एचपीवी का टीका नि:शुल्क लगाया जा रहा है। उन्होंने अपील की कि उक्त आयु वर्ग की बेटियों को यह टीकाकरण अवश्य करवाएं। इससे महिलाओं व लड़कियों के स्वास्थ्य पर किसी प्रकार का कोई दुष्प्रभाव नहीं पड़ता है। सरकार के इस मिशन का लाभ उठाने के लिए ज्यादा से ज्यादा अभिभावक व छात्राएं आगे आएं।
