पंचकूला। नगर निगम में स्क्रूटनी के बाद मेयर पद के लिए 8 और 115 वार्ड प्रत्याशी अब मैदान में हैं। 28 अप्रैल को नामांकन पत्र वापसी के बाद चुनावी मैदान में वास्तविक तस्वीर साफ हो जाएगी।

नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही पंचकूला में चुनावी माहौल पूरी तरह गरमा गया है। मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार भाजपा की ओर से निर्दलीय उम्मीदवारों को नाम वापसी के लिए मनाने की कोशिशें भी तेज कर दी गई हैं।

कुछ उम्मीदवारों के मैदान से हटने की संभावना जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि प्रदेश स्तर पर भी इस पूरे घटनाक्रम पर नजर रखी जा रही है और कई मंत्री इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
भाजपा इस चुनाव में ‘ट्रिपल इंजन सरकार’ के नारे के साथ मैदान में उतरी है। पार्टी नेताओं का दावा है कि केंद्र और प्रदेश सरकार के साथ यदि नगर निगम में भी भाजपा की सरकार बनती है, तो विकास कार्यों को और गति मिलेगी और शहर में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार तेजी से होगा।

कांग्रेस ने सफाई व्यवस्था को प्रमुख मुद्दा बनाते हुए भाजपा पर हमला बोला है। कांग्रेस की मेयर प्रत्याशी सुधा भारद्वाज का कहना है कि शहर में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं और सफाई कर्मचारी नजर नहीं आते।

उन्होंने वादा किया कि जीतने के बाद पंचकूला को स्वच्छ और सुंदर शहर बनाया जाएगा। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधायक चंद्रमोहन ने सुधा भारद्वाज के चुनाव प्रचार की कमान संभाल रखी है। वार्ड स्तर पर जनसंपर्क अभियान चला रहे हैं।

आचार संहिता का उल्लंघन करने वालों पर नजर

इधर, राज्य निर्वाचन आयोग भी पूरी चुनावी प्रक्रिया पर कड़ी नजर बनाए हुए है। आचार संहिता के उल्लंघन के मामलों में सख्ती बरती जा रही है। अवैध रूप से लगाए गए प्रचार बोर्ड और होर्डिंग्स को हटाया जा रहा है। भाजपा और कांग्रेस, दोनों ही दलों के कुछ बोर्ड निर्धारित स्थानों से हटाए जाने की कार्रवाई की गई है।

नियमों के उल्लंघन पर संबंधित पक्षों को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया भी जारी है। कुल मिलाकर, नामांकन स्क्रूटनी के बाद पंचकूला नगर निगम चुनाव अब निर्णायक चरण में प्रवेश कर चुका है और आने वाले दिनों में चुनावी गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।

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