चरखी दादरी। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर देश का नाम चमकाने वालीं बहनें दंगल गर्ल गीता व बबीता फोगाट के पैतृक गांव बलाली में 4000 टीडीएस वाला ट्यूबवेल का पानी सप्लाई हो रहा है। बार-बार शिकायतें करने के बाद भी जनस्वास्थ्य विभाग अब तक समस्या का समाधान नहीं कर पाया है।

सोमवार को चरखी दादरी लघु सचिवालय में आयोजित कष्ट निवारण समिति की बैठक में यह मुद्दा उठा तो डीसी डा. मुनीश नागपाल ने जनस्वास्थ्य विभाग के एक्सइएन सोहनलाल से जवाब तलब कर लिया। हालांकि एक्सइएन ने तुरंत समस्या पर संज्ञान लेकर समाधान कराने का आश्वासन दिया।

बता दें कि कष्ट निवारण समिति की बैठक में कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा नहीं पहुंच पाए और उनकी जगह डीसी डा. मुनीश नागपाल ने परिवाद सुने। गीता व बबीता फोगाट के चचेरे भाई एडवोकेट राहुल फोगाट स्वयं ट्यूबवेल के पानी की आपूर्ति होने संबंधी शिकायत लेकर पहुंचे।

दूषित पानी पीने को मजबूर लोग

बैठक में उन्होंने कहा कि घरों में ट्यूबवेल का जो पानी विभाग सप्लाई कर रहा है उसका टीडीएस 4000 तक हैं। वो स्वयं विभाग को चार शिकायतें सौंप चुके हैं, लेकिन समाधान नहीं हो पा रहा है।

राहुल फोगाट ने शिकायत में बताया कि बलाली गांव में पीने के पानी की गंभीर समस्या बनी हुई है और ज्यादा टीडीएस का पानी प्रयोग कर बच्चों समेत ग्रामीणों को त्वचा संबंधी रोगों व स्वास्थ्य संबंधी अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

गांव में बने वाटर वर्क्स में अधिकांश समय पानी उपलब्ध नहीं होता। अगर जलघर के टैंक में नहरी पानी पहुंच भी जाता है तो उसकी सप्लाई नियमित नहीं की जाती। मजबूरीवश ग्रामीणों को पानी खरीदकर काम चलाना पड़ता है।

ये चार मांगें उठाई

राहुल फोगाट ने जिला प्रशासन से गांव में बनी पेयजल समस्या की तत्काल जांच कराने की मांग उठाई। इसके अलावा उन्होंने जलघर में पर्याप्त मात्रा में नहरी पानी उपलब्ध कराने की मांग भी रखी। वहीं जलघर से नियमित नहरी पानी की आपूर्ति करने व गांव में सप्लाई किए जा रहे पानी की गुणवत्ता जांचने की मांग भी डीसी से की गई।

डीसी को एक्सइएन ने दिया ये जवाब

एक्सइएन सोहनलाल ने अपना पक्ष रखते हुए बताया कि बलाली गांव टेल पर पड़ता है और इसके चलते कई बार अंतिम छोर तक पानी नहीं पहुंच पाता। अब दो गांवों के लिए अलग से लाइन डाल दी गई है और अब बलाली गांव के जलघर तक पर्याप्त मात्रा में पानी पहुंचेगा। इसके अलावा बलाली में पानी भंडारण टैंक बनाने के लिए टेंडर हो चुका है और जल्द कम भंडारण क्षमता की समस्या का समाधान हो जाएगा।

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