कुरुक्षेत्र। श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय और राजयोग एजुकेशन एंड रिसर्च फाउंडेशन, माउंट आबू (राजस्थान) के बीच विद्यार्थियों और शिक्षकों के विकास के लिए एक समझौता (एमओयू) किया गया। इस एमओयू पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. कृष्ण कांत और फाउंडेशन की ओर से डॉ. सचिन प्राब ने हस्ताक्षर किए। इस समझौते का उद्देश्य पढ़ाई के साथ-साथ विद्यार्थियों में अच्छी सोच, नेतृत्व क्षमता और जीवन से जुड़े जरूरी कौशल विकसित करना है।
इस अवसर पर कुलसचिव डॉ. कृष्ण कांत ने बताया कि कुलपति प्रो. वैद्य करतार सिंह धीमान के मार्गदर्शन में इस एमओयू के तहत विश्वविद्यालय में कई वैल्यू एडेड और सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इससे विश्वविद्यालय में सकारात्मक और मूल्य आधारित शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा और विद्यार्थियों में अनुशासन, नैतिकता और जीवन कौशल विकसित होंगे। इन कोर्सों में वैल्यू इन हेल्थ केयर, डिजिटल वेलनेस, नशा मुक्ति और “हैप्पी” जैसे कार्यक्रम शामिल हैं, जिन्हें ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों माध्यमों से कराया जाएगा।
संस्थान के प्राचार्य प्रो. आशीष मेहता ने कहा कि इस सहयोग से छात्रों और शिक्षकों को देश-विदेश के संस्थानों से जुड़ने, रिसर्च, सेमिनार और स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रमों में भाग लेने का अवसर मिलेगा। साथ ही अंतरराष्ट्रीय योग दिवस जैसे अवसरों पर संयुक्त रूप से राजयोग कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
कुलपति प्रो. वैद्य करतार सिंह धीमान ने कहा कि यह एमओयू आयुष शिक्षा को आधुनिक सोच और आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे छात्रों का शैक्षणिक के साथ-साथ मानसिक और आध्यात्मिक विकास भी होगा। इस अवसर पर आर एंड आई की निदेशक प्रो. दीप्ति पराशर, प्रो. शीतल सिंगला, मधु दीदी, सरोज दीदी सहित अन्य शिक्षक उपस्थित रहे।
