बैठक में विकास परियोजनाओं पर की चर्चा, प्रस्ताव तैयार कर केन्द्र सरकार को भेजे जाएंगे।
करनाल 20 अप्रैल, 
  नागरिक सुविधाओं में बढ़ोतरी को लेकर शहरी निकाय अब आत्मनिर्भर बन सकेंगे। इस उद्देश्य से केन्द्र सरकार द्वारा शुरू की गई अर्बन चैलेज फंड योजना को लेकर सोमवार को नगर निगम कार्याल्य के सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजित की गई। बैठक में करनाल के विधायक जगमोहन आनंद, महापौर रेनू बाला गुप्ता तथा नगर निगम आयुक्त डॉ. वैशाली शर्मा सहित निगम के वरिष्ठï अधिकारी तथा भाजपा के पूर्व कार्यकारी जिलाध्यक्ष बृज गुप्ता उपस्थित रहे।
बैठक में योजना की विस्तृत जानकारी एक वीडियो प्रस्तुति के माध्यम से दी गई, जिसमें केन्द्रीय ऊर्जा एवं आवासन एवं शहरी मामले मंत्री मनोहर लाल ने बताया कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण और जनसंख्या के चलते नागरिक सुविधाओं की मांग निरंतर बढ़ रही है। इस आवश्यकता को पूरा करने के लिए केन्द्र सरकार ने अर्बन चैलेंज फंड योजना शुरू की है।
उन्होंने बताया कि योजना के तहत नगर निकायों को अपनी आवश्यकताओं के अनुरूप विकास परियोजनाएं तैयार कर केन्द्र सरकार के आवासन एवं शहरी मामले मंत्रालय को भेजनी होंगी। प्रस्तावों के अनुमोदन के बाद परियोजना लागत का 25 प्रतिशत हिस्सा केन्द्र सरकार, 25 प्रतिशत राज्य सरकार तथा शेष 50 प्रतिशत राशि पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) के माध्यम से वहन की जाएगी।
उन्होंने कहा कि शहरों को डिजीटलीकरण की ओर बढ़ाना, बेहतर कनेक्टिविटि देना तथा नए आधुनिक शहरी परिवर्तन को लेकर प्राथमिकता के आधार पर विकास कार्य करवाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस योजना से नगर निकायों का क्षमता निर्माण होगा और वह आर्थिक दृष्टिï से मजबूत बन सकेंगे। उन्होंने कहा कि शहरों को सक्षम, समावेशी एवं प्रतिस्पार्धात्मक बनाया जा सकेगा।
विडियो का पूरा अवलोकन करने के बाद विधायक जगमोहन आनंद ने नगर निगम करनाल के अधिकारियों को निर्देश दिए कि नई योजना के तहत बताई गई सभी हिदायतों को अमल में लाने के लिए विकास कार्यों की परियोजनाएं तैयार कर उन्हें केन्द्र सरकार को भेजें, ताकि आगामी 25 अप्रैल को दिल्ली में आयोजित होने वाली बैठक में रखा जा सके। उन्होंने राजस्व से जुड़ी शाखाओं के अधिकारियों को भी निधि उत्पन्न करने के निर्देश दिए, ताकि नगर निगम को आत्मनिर्भर बनाया जा सके। इसके साथ-साथ नागरिकों की सुविधाओं को भी बढ़ाया जा सके।
महापौर रेनू बाला गुप्ता ने बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए योजनाओं का चयन किया जाए। उन्होंने कहा कि नागरिकों की मूलभूत सुविधाओं, ट्रैफिक व्यवस्था, पेयजल, विद्युत, स्वच्छता तथा सौंदर्यीकरण जैसी परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जाए। महापौर ने यह भी निर्देश दिए कि प्रस्ताव को प्रभावी तरीके से बनाया जाए, ताकि आमजन को अधिकतम लाभ मिल सके।
नगर निगम आयुक्त डॉ. वैशाली शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी शाखाएं आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए निर्धारित समय सीमा में परियोजनाओं के प्रस्ताव तैयार करें। उन्होंने कहा कि भूमि, भवन, कर, विज्ञापन एवं अन्य राजस्व से जुड़ी शाखाएं अपने-अपने स्तर पर आय के स्रोतों को मजबूत करें, ताकि निगम आर्थिक रूप से सुदृढ़ बन सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रत्येक परियोजना व्यवहारिक, तकनीकी रूप से सक्षम तथा नागरिकों की जरूरतों के अनुरूप होनी चाहिए। आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि 25 अप्रैल को दिल्ली में आयोजित होने वाली बैठक को ध्यान में रखते हुए सभी प्रस्ताव समय पर तैयार कर प्रस्तुत किए जाएं।
इन परियोजनाओं पर की गई चर्चा- महात्मा गांधी चौक से निर्मल कुटिया चौक तक सिंगल पिल्लर फ्लाईओवर का निर्माण, पुरानी सब्जी मंडी व रामलीला ग्राउंड में मल्टी लेवल पार्किंग, पुराने नगर निगम कार्यालय स्थल पर कॉमर्शियल स्पेस एवं पार्किंग, जलापूर्ति के लिए एस.वाई.एल. केनाल बेस्ड वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, डब्ल्यू.जे.सी. रिवर बेड पर सोलर प्रोजेक्ट, कॉम्पेक्ट बायो गैस प्रोजेक्ट, इन्द्री एस्केप पर सौंदर्यीकरण एवं सोलर परियोजना, वेस्ट टू एनर्जी प्लांट, कर्ण पार्क का पुनर्विकास परियोजना, मीरा घाटी चौक से नमस्ते चौक तक सडक़ का सौंदर्यीकरण, एम्यूजमेंट पार्क के साथ वेंडिंग जोन डव्लप करना जैसी विभिन्न परियोजनाओं पर चर्चा की गई।

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