निगमायुक्त की अपील- रजिस्ट्री करवाने के लिए सम्पत्ति प्रमाण पत्र जरूरी, जल्द से जल्द दस्तावेज करवाएं जमा।
करनाल 17 अप्रैल,
नगर निगम करनाल की ओर से शुक्रवार को वार्ड नम्बर 2 के गांव बूढ़ाखेड़ा स्थित गुरूद्वारा में लाल डोरा क्षेत्र के लोगों के लिए एक शिविर आयोजित किया गया। शिविर में विभिन्न वार्डों से करीब 80 लोग आए। यह जानकारी नगर निगम आयुक्त डॉ. वैशाली शर्मा ने दी।
उन्होंने बताया कि शिविर में आए नागरिकों को प्रॉपर्टी शाखा की टीम द्वारा एक फोर्म दिया गया, जिसके साथ दस्तावेज संलग्न कर लोगों ने उसे जमा करवाया। जिन लोगों के पास दस्तावेजों पूरे नहीं थे, उन्हें सोमवार को नगर निगम कार्यालय के 114 नम्बर कमरे में सभी सम्बंधित दस्तावेज लेकर आने को कहा गया है। इसके अतिरिक्त जिन लोगों को दस्तावेज मालूम नहीं थे, उन्हें दस्तावेजों की जानकारी दी गई।
उन्होंने बताया कि अब सम्पत्ति कर शाखा द्वारा दस्तावेजों को सत्यापित किया जाएगा। इसके बाद एनडीसी पोर्टल पर उनकी सही जानकारी दर्ज कर उसे स्वयं सत्यापित करवाया जाएगा, जिसके बाद सम्बंधित लोगों को सम्पत्ति प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जो भी लोग नगर निगम कार्यालय में अपना फोर्म जमा करवाने आते हैं, तो वह सम्बंधित दस्तावेजों के साथ अपना आधार कार्ड व परिवाहन पत्र पत्र की फोटोप्रति साथ लेकर अवश्य आएं।
उन्होंने बताया कि नगर निगम द्वारा लाल डोरा क्षेत्र की 6989 सम्पत्तियों को स्व सत्यापित किया जा चुका है, जबकि 2066 लोगों को सम्पत्ति प्रमाण पत्र भी जारी किए जा चुके हैं। शेष लोगों को जल्द ही सम्पत्ति प्रमाण पत्र जारी कर दिए जाएंगे।
उन्होंने लाल डोरा क्षेत्रवासियों से अपील करते कहा है कि जिन लोगों ने अभी तक सम्पत्ति प्रमाण पत्र लेने के लिए दस्तावेज जमा नहीं करवाए हैं, वह जल्द से जल्द नगर निगम कार्यालय के कमरा नम्बर 114 में फोर्म के साथ दस्तावेज जमा करवाएं, ताकि उनकी सत्यापन प्रक्रिया के बाद उन्हें सम्पत्ति प्रमाण पत्र जारी करने की कार्यवाही जल्द से जल्द शुरू की जा सके। इसके बाद वह अपनी सम्पत्ति की रजिस्ट्री करवाकर मालिकाना हक प्राप्त कर सकेंगे।
यह देने होंगे दस्तावेज- उन्होंने बताया कि इसके लिए सम्बंधित नागरिक को राजस्व प्राधिकारी द्वारा विधिवत सत्यापित दावेदार का शपथपत्र जिसमें आबादी देह, लाल डोरा पर स्वामित्व या कब्जे का स्पष्टï उल्लेख हो, पिछले 10 वर्षों का बिजली व जल बिल, सरकार द्वारा जारी कोई भी दस्तावेज जैसे ईपीआईसी, ड्राईविंग लाईसेंस, पासपोर्ट, जीएसटी पंजीकरण प्रमाण पत्र इत्यादि जिसमें पता हो, पिछले 10 वर्षों के कब्जे का पता, पिछले 10 वर्षों के कब्जे का विवरण देने वाली सम्पत्ति कर रसीदें तथा निर्मित संरचना का प्रमाण जो पिछले 10 वर्षों के कब्जे का प्रमाण हो जैसे दस्तावेज लाने होंगे। उन्होंने बताया कि उपरोक्त बताए गए पिछले 10 वर्षों के कब्जे के दस्तावेजों में से कोई दो दस्तावेज देने होंगे।
उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त दावेदार के पास बिक्री विलेख/हस्तांतरण विलेख, हस्तांतरण विलेख/त्याग विलेख/रिहाई विलेख/जमाबंदी/फरद, राजस्व प्राधिकारियों के पास पंजीकृत न्यायालय का आदेश, रजिस्ट्री/बिक्री विलेख, इनमें से कोई भी दस्तावेज यदि उपलब्ध हो, तो वह भी उपरोक्त दस्तावेजों के साथ संलग्न कर सकते हैं। यह बात नोट करने योग्य है कि मूल मालिक की मृत्यु की स्थिति में उपरोक्त दस्तावेजों के साथ सक्षम राजस्व प्राधिकारी या सिविल न्यायालय से जारी कानूनी उत्तराधिकारी प्रमाण पत्र अवश्य देना होगा।
