महिलाओं के लिए नए युग की शुरुआत, पंचायत से संसद तक बढ़ेगा महिलाओं का दायरा
करनाल, 16 अप्रैल। 
हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रेणु भाटिया ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का देश की बेटियों और महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक सराहनीय फैसला है। इस अधिनियम के लागू होने से महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा और देश की राजनीति में वे अपनी मजबूत भागीदारी सुनिश्चित कर सकेंगी। इस कानून से महिलाओं का पंचायत से लेकर संसद तक दायरा बढ़ेगा। महिलाएं राजनीति और राष्ट्र निर्माण में बेहतर तरीके से योगदान कर सकेंगी।
हरियाणा महिला आयोग की अध्यक्ष रेणु भाटिया वीरवार को पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में पत्रकारों से बातचीत कर रही थी। उन्होंने कहा कि नारी वंदन अधिनियम से महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा, जो विकसित भारत 2047 के संकल्प को साकार करेगा। इससे महिलाएं नीति निर्माण में निर्णायक भूमिका निभा सकेंगी। उन्होंने कहा कि अधिनियम के लागू होने के बाद महिलाएं विधानसभा व संसद में पुरजोर ढंग से अपनी बात रख सकेंगी। यह लोकतंत्र के लिए बहुत ही समावेशी और संतुलित होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के इस दूरदर्शी और दूरगामी निर्णय की चारों ओर सराहना हो रही है। इससे महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी युग की शुरुआत होगी। इस कानून के लागू होने से आने वाले समय में देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं में महिलाओं का नेतृत्व और अधिक सशक्त बनकर उभरेगा।
पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में रेणु भाटिया ने कहा कि विपक्षी दलों में भी महिला राजनीतिज्ञ व कार्यकर्ता हैं, उन्हें इस बिल का समर्थन करना चाहिए। पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लाया जा रहा यह बिल पूरे देश की महिलाओं के लिए है। विपक्षी दलों ने महिलाओं के बारे में कभी नहीं सोचा। इस बिल के पास होने से 2029 के चुनाव में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। विधानसभा व लोकसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण के बाद महिलाओं की संख्या बढ़ेगी जिससे देश की राजनीति का स्तर बढ़ेगा।
एक अन्य सवाल का जवाब देते हुए रेणु भाटिया ने कहा कि एक ओर महिलाओं के सम्मान की बात करना और दूसरी ओर गानों में मां-बहन की गालियां देना या महिलाओं की तुलना शराब और हथियारों से करना बेहद निंदनीय है। उन्होंने गाली दो और माफी मांगो संस्कृति को घटिया मानसिकता करार देते हुए कहा कि अब केवल माफी मांगना स्वीकार्य नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज को मिलकर इस तरह की सामग्री के खिलाफ खड़ा होना होगा।

मुख्यमंत्री को लिखा पत्र, सेंसरशिप और निगरानी तंत्र की सिफारिश
महिला आयोग की अध्यक्ष रेणु भाटिया ने बताया कि सोशल मीडिया पर इस संबंध में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को एक पत्र भेजा गया है। इसमें सोशल मीडिया, रील्स और गानों पर निगरानी के लिए एक विशेष तंत्र बनाने की सिफारिश की गई है। उन्होंने पत्र में सुझाव दिया कि फिल्मों की तरह ही डिजिटल कंटेंट के लिए भी सेंसरशिप व्यवस्था लागू की जाए। साथ ही राज्य स्तर पर एक कमेटी या विशेष अधिकारी नियुक्त किया जाए, जो आपत्तिजनक सामग्री पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करे। उन्होंने संगीत के क्षेत्र में काम कर रहे लोगों का आह्वान किया कि वे अपनी रचनाओं में महिलाओं के सम्मान का ध्यान रखें। यदि किसी तरह की गलत बात उनकी रचनाओं में मिलती है तो आयोग द्वारा सख्त संज्ञान लिया जाएगा।

By Dr. Rajesh Wadhwa

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