रेवाड़ी जिला उपायुक्त अभिषेक मीणा ने प्रैस कॉन्फ्रेंस कर कहा स्व-गणना के तहत नागरिक स्वयं भर सकेंगे जानकारी। जनगणना में व्यक्तिगत डेटा पूरी तरह रहेगा गोपनीय।
रेवाड़ी डीसी अभिषेक मीणा ने सोमवार को सचिवालय सभागार में प्रैस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि जनगणना-2027 का उद्देश्य देश की सामाजिक और आर्थिक स्थिति का सही आकलन करना है, इसके लिए सरकार द्वारा इस बार नागरिकों को स्व-गणना (सेल्फ-एन्यूमरेटर) का विकल्प भी दिया गया है। स्व-गणना के लिए 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक का समय निर्धारित किया गया है। इस दौरान नागरिक मोबाइल ऐप या वेब पोर्टल के माध्यम से अपनी जानकारी खुद भी भर सकेंगे, जिससे यह प्रक्रिया तेज होगी। इसके उपरांत 1 मई से 30 मई 2026 तक एन्यूमरेटर द्वारा घर-घर जाकर मकानों की हाउस लिस्टिंग की जाएगी। डीसी ने बताया कि जनगणना के पहले चरण में नागरिकों से 33 सवाल पूछे जाएंगे। इन 33 सवालों का उद्देश्य नागरिकों के जीवनस्तर, आवासीय सुविधाएं, परिवार की संरचना और तकनीकी उपकरणों के उपयोग के बारे में जानकारी प्राप्त करना है।
डीसी अभिषेक मीणा ने सोमवार को लघु सचिवालय सभागार में प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी देते हुए कहा कि केंद्र सरकार जनगणना प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए स्व-गणना पर विशेष ध्यान दे रही है, ताकि आंकड़ों की शुद्धता बनी रहे और आमजन अपनी सुविधानुसार विवरण भर सके। उन्होंने बताया कि जनगणना में व्यक्तिगत जानकारी पूरी तरह गोपनीय है। इसे अन्य किसी के साथ साझा भी नहीं किया जा सकता। उन्होंने बताया कि एक मई से 30 मई तक केंद्र सरकार द्वारा नामित एन्यूमरेटर ही घर-घर यह कार्य करेंगे। जिनके पास एक वैद्य पहचान पत्र भी होगा, जिस पर क्यूआर कोड भी दर्शाया गया है। नागरिक वेरिफिकेशन के लिए क्यूआर कोड स्कैन कर एन्यूमरेटर की जानकारी भी पता कर सकते है।
डीसी ने बताया कि नागरिकों से पूछे जाने वाले सवालों में भवन संख्या, जनगणना घर संख्या, जनगणना घर के फर्श की प्रमुख सामग्री, जनगणना घर की दीवार की प्रमुख सामग्री, जनगणना घर की छत की प्रमुख सामग्री, जनगणना घर का उपयोग, जनगणना घर की स्थिति, परिवार में लोगों की संख्या, परिवार में निवास करने वाले व्यक्तियों की कुल संख्या, परिवार के मुखिया का नाम, परिवार के मुखिया का लिंग, क्या परिवार का मुखिया अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अन्य से संबंधित है, घर किराये का है या खुद का, आवासीय कमरों की संख्या, परिवार में रहने वाले विवाहित दंपतियों की संख्या, पीने के पानी का मुख्य स्रोत, पीने के पानी के स्रोत की उपलब्धता, प्रकाश व्यवस्था का मुख्य स्रोत, शौचालय की उपलब्धता, शौचालय का प्रकार, अपशिष्ट जल निकासी व्यवस्था, स्नान सुविधा की उपलब्धता,  रसोईघर तथा एलपीजी/पीएनजी कनेक्शन की उपलब्धता, खाना पकाने के लिए प्रयुक्त मुख्य ईंधन, रेडियो/ट्रांजिस्टर, टेलीविजन, इंटरनेट की उपलब्धता,  लैपटॉप/कंप्यूटर, टेलीफोन/मोबाइल फोन/स्मार्टफोन, साइकिल/स्कूटर/मोटरसाइकिल /मोपेड,  कार/जीप/वैन, परिवार में उपभोग किया जाने वाला मुख्य अनाज, मोबाइल नंबर शामिल है।
डीसी ने बताया कि इस जनगणना में कागजी फॉर्म और रजिस्टरों की जगह अब हाथ से चलने वाले उपकरण, जियो-टैगिंग मैपिंग टूल और एक केंद्रीकृत वेब बेस्ड प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जाएगा। यह भारत की पहली पूरी तरह डिजिटल जनगणना होगी। उन्होंने बताया जिला में 1900 ब्लॉक बनाए गए है, जिनमें एक ब्लॉक पर एक एन्यूमरेटर नियुक्त किया गया है। उन्होंने बताया कि ब्लॉक में एन्यूमरेटर द्वारा 150 मकानों का आंकड़ा एकत्रित किया जाएगा। मोबाइल डिवाइस के माध्यम से जनसांख्यिकीय, सामाजिक और आर्थिक आंकड़े एकत्र किए जाएंगे। यह डाटा सीएमएमए प्रणाली के जरिए तुरंत ट्रांसमिट, संकलित और सत्यापित किया जा सकेगा, जिससे त्रुटियों में कमी आएगी और समय की बचत होगी।
डीसी ने बताया कि जनगणना-2027 के पहले चरण में करने वाले गणनाकार (एन्यूमरेटर) द्वारा अपने टैबलेट या मोबाइल ऐप से घर-घर जाकर हाउस लिस्टिंग से संबंधित जानकारी दर्ज करेंगे। ऐप में डाले जाने वाले डेटा की सुरक्षा के लिए विशेष तकनीकी फीचर जोड़े गए हैं, ताकि कोई डेटा लीक या गड़बड़ी न हो।
डीसी अभिषेक मीणा ने नागरिकों से आह्वान किया कि हम एक जिम्मेदार नागरिक होने का फर्ज निभाएं और निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी जानकारी पोर्टल पर अपलोड कर राष्ट्र के विकास की सही रूपरेखा तैयार करने में प्रशासन का सहयोग करें। उन्होंने बताया कि सबसे पहले नागरिक को आधिकारिक जनगणना पोर्टल https://se.census.gov.in/    पर जाकर अपने मोबाइल नंबर के जरिए पंजीकरण करना होगा। पंजीकरण के सफल होने पर आपके मोबाइल पर एक वन-टाइम पासवर्ड प्राप्त होगा, जिसे दर्ज करने के बाद आप लॉगिन कर सकेंगे। इसके पश्चात, आपको स्क्रीन पर मांगी गई आवश्यक जानकारी भरने के बाद, डेटा को सबमिट करना होगा। सबमिट होते ही एक संदर्भ संख्या प्राप्त होगी, जिसे भविष्य के लिए सुरक्षित रखा जा सकता है। जब प्रगणक आपके घर का दौरा करेंगे, तो आपको केवल यह संदर्भ संख्या उन्हें दिखानी होगी।

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