एमलिब टॉपर को मिलेगा “डॉ. एस.आर. रंगनाथन अवॉर्ड”
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद की बैठक मंगलवार को कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा की अध्यक्षता में विश्वविद्यालय समिति कक्ष में आयोजित की गई, जिसमें विश्वविद्यालय से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक, शैक्षणिक और नीतिगत प्रस्तावों पर विचार-विमर्श करते हुए उन्हें स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में विभिन्न विभागों में पदोन्नति, नियुक्ति, प्रतिनियुक्ति, सेवा विस्तार तथा अन्य प्रशासनिक विषयों से संबंधित महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैठक में सबसे पहले 12 फरवरी 2026 को हुई कार्यकारी परिषद की पिछली बैठक की कार्यवाही की पुष्टि की गई तथा उस पर की गई कार्रवाई की समीक्षा की गई। इसके बाद परिषद ने विभिन्न विभागों से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा करते हुए कई अहम निर्णय लिए।
कार्यकारी परिषद ने यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मैनेजमेंट के प्रोफेसर डॉ. रमेश कुमार दलाल को सीनियर प्रोफेसर के पद पर तथा केमिस्ट्री विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. राजकमल को एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर पदोन्नत करने की मंजूरी प्रदान की गई। संगीत एवं नृत्य विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. अशोक कुमार को विभागाध्यक्ष के रूप में नियुक्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की। वहीं आईआईएचएस के बॉटनी विभाग के प्रोफेसर डॉ. अनिल गुप्ता के सीएएस के तहत् प्रोफेसर पद के लिए पात्रता तिथि को पूर्व प्रभाव से लागू करने के संबंध में समीक्षा समिति की सिफारिशों को भी स्वीकृति दी गई।
कुलसचिव लेफ्टिनेंट प्रो. वीरेन्द्र पाल ने बताया कि बैठक में हरियाणा सरकार के वित्त विभाग द्वारा अधिसूचित सिविल सर्विस रूल्स 2016 के अंतर्गत विश्वविद्यालय कीं महिला कर्मचारी अब एक कैलेंडर वर्ष के दौरान 25 आकस्मिक अवकाश लेने की पात्र होंगी, को मंजूरी प्रदान की गई।
बैठक में इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्युटिकल साइंसेज की निदेशक डॉ. (श्रीमती) किरण सिंह के कार्यकाल को सेल्फ-फाइनेंसिंग स्कीम के तहत बढ़ाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। इसके साथ ही नवप्रवेशित यूजी/पीजी नियमित, निजी तथा दूरस्थ शिक्षा एवं पीएच.डी. के छात्रों के लिए माइग्रेशन सर्टिफिकेट जमा करवाने की अनिवार्यता समाप्त करते हुए डिजिटल रिकॉर्ड कीपिंग शुल्क लागू करने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की गई।
कार्यकारिणी परिषद ने अंबाला कैंट स्थित आर्य गर्ल्स कॉलेज का नाम बदलकर “आर्य कॉलेज, अंबाला कैंट” करने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई। बैठक में अनुसंधान परियोजनाओं के अनुदान और उनके उपयोग प्रमाण पत्रों से संबंधित समस्याओं की समीक्षा के लिए गठित समिति की सिफारिशों पर भी चर्चा की गई। साथ ही विश्वविद्यालय में “डॉ. एस. आर. रंगनाथन अवॉर्ड” स्थापित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी प्रदान की गई। गौरतलब है कि पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग से सेवानिवृत्त सीनियर प्रोफेसर डॉ. मनोज कुमार जोशी द्वारा केयू एलुमनी फंड में तीन लाख रूपये की अनुदान राशि इस अवार्ड को स्थापित करने के लिए दी गई थी जिससे एमलिब प्रोग्राम के टॉपर विद्यार्थियों को हर वर्ष “डॉ. एस. आर. रंगनाथन अवॉर्ड” दिया जाएगा।
इसके अलावा वरिष्ठतम उपमंडल अधिकारी (सिविल) राजपाल सिंह को कार्यकारी अभियंता(एक्सईन) के पद पर पदोन्नति देने की स्थापना समिति की सिफारिशों को भी मंजूरी दी गई।
बैठक में इंस्टीट्यूट ऑफ लॉ में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अमित कुमार की प्रतिनियुक्ति को स्वीकृति प्रदान की गई तथा प्रत्यक्ष भर्ती में आरक्षण रोस्टर के सत्यापन और राज्य विश्वविद्यालयों के दिशा-निर्देशों के अनुरूप एसओपी अपनाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।
इसके अतिरिक्त अंग्रेजी विभाग, आईआईएचएस की प्रोफेसर डॉ. अतुल रसीका द्वारा समय से पूर्व सेवानिवृत्ति लेने के अनुरोध पर भी विचार किया गया।
बैठक के पूरक एजेंडा में मनोविज्ञान विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. राज रत्तन को सीएएस के तहत् अकादमिक लेवल-10 से लेवल-11 में पदोन्नति देने, डेंटल सर्जन डॉ. गौरव मेहला की सेवाओं को छह माह के लिए बढ़ाने तथा आईआईएचएस के भौतिकी विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. विजय कुमार की प्रतिनियुक्ति अवधि को एक वर्ष और बढ़ाने के प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई।
इसके अलावा विजय कुमार को सहायक कुलसचिव (बजटिड) और पवन जोशी व आशीष गोयल को अधीक्षक (बजटिड) पदों पर पदोन्नति से संबंधित स्थापना समिति की सिफारिशों को भी स्वीकृति प्रदान की गई। सामाजिक कार्य विभाग की प्रोफेसर डॉ. वनिता ढींगरा को विभागाध्यक्ष नियुक्त करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। बैठक में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों और संस्थानों में शिक्षण पदों के लिए चयन समितियों के गठन हेतु विशेषज्ञों के नए पैनल के गठन को भी स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में कुलसचिव प्रो. वीरेन्द्र पाल सहित कार्यकारिणी परिषद के सदस्य मौजूद रहे।
