कुरुक्षेत्र, 2 अप्रैल। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के दूरस्थ एवं ऑनलाइन शिक्षा केंद्र (सीडीओई) में विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश की अंतिम तिथि बढ़ाकर 10 अप्रैल 2026 कर दी गई है।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि केंद्र में संचालित विभिन्न कार्यक्रमों में विद्यार्थियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले, नौकरीपेशा या अन्य कार्यों में व्यस्त विद्यार्थी भी इस माध्यम से अपनी पढ़ाई जारी रख सकते हैं। यह केंद्र ऐसे विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा प्राप्त करने का एक उत्कृष्ट मंच प्रदान करता है।
केंद्र की निदेशक प्रो. मंजुला चौधरी ने बताया कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के डिस्टेंस एजुकेशन ब्यूरो, नई दिल्ली द्वारा ओपन एवं डिस्टेंस लर्निंग तथा ऑनलाइन कार्यक्रमों के लिए सत्र फरवरी 2026 हेतु प्रवेश तिथि बढ़ाए जाने के बाद केंद्र ने भी जनवरी 2026 सत्र के लिए अपने सर्टिफिकेट, डिप्लोमा, स्नातक और स्नातकोत्तर कार्यक्रमों में प्रवेश की अंतिम तिथि 10 अप्रैल तक बढ़ा दी है।
उन्होंने बताया कि सभी कार्यक्रमों के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 10 अप्रैल है, जबकि बी.एड. कार्यक्रम के लिए आवेदन 6 अप्रैल तक किए जा सकते हैं। प्रवेश से संबंधित विस्तृत जानकारी केंद्र की वेबसाइट तथा विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है।
प्रो. चौधरी ने बताया कि केंद्र में ड्यूल डिग्री कार्यक्रम की सुविधा भी उपलब्ध है। वर्तमान में केंद्र में 38 ओपन एवं डिस्टेंस लर्निंग कार्यक्रम तथा 22 ऑनलाइन कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। विद्यार्थियों को सलाह दी गई है कि वे आवेदन करते समय अपना सही मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी दर्ज करें, ताकि उन्हें डैशबोर्ड पर सभी आवश्यक सूचनाएं समय पर मिल सकें।
उन्होंने बताया कि केंद्र विद्यार्थियों के लिए परिसर में पर्सनल कॉन्टैक्ट प्रोग्राम (पीसीपी) आयोजित करता है तथा अध्ययन सामग्री भी उपलब्ध कराता है। पीसीपी के दौरान विश्वविद्यालय परिसर में छात्रावास सुविधा भी प्रदान की जाती है। केंद्र में प्रत्येक वर्ष जनवरी और जुलाई सत्र में प्रवेश प्रक्रिया आयोजित की जाती है।
प्रो. मंजुला चौधरी ने यह भी बताया कि आगामी जुलाई 2026 सत्र से 5 नए करियर ओरिएंटेड बी.एससी. कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों को लेकर विद्यार्थियों में काफी उत्साह है और बड़ी संख्या में पूछताछ प्राप्त हो रही है। इन पाठ्यक्रमों में उद्योगों में इंटर्नशिप के दौरान विद्यार्थियों को स्टाइपेंड भी प्रदान किया जाएगा।

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