-शैक्षणिक सत्र 2026-28 के लिए ओरिएंटेशन कार्यक्रम एवं बुनियाद लेवल-3 परीक्षा का सफलतापूर्वक किया आयोजन
कुरुक्षेत्र, 2 अप्रैल। जिला परिषद सीईओ शंभू राठी ने कहा कि मिशन बुनियाद केवल एक शैक्षणिक योजना नहीं, बल्कि हरियाणा सरकार का ऐसा दूरदर्शी प्रयास है। इसका उद्देश्य समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े प्रतिभावान विद्यार्थियों को मुख्यधारा में लाना है। अकसर आर्थिक संसाधनों के अभाव में ग्रामीण एवं सरकारी विद्यालयों के मेधावी विद्यार्थी बड़े सपने देखने से पीछे रह जाते हैं, लेकिन मिशन बुनियाद ऐसे सभी विद्यार्थियों के लिए एक सशक्त मंच प्रदान कर रहा है।
राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कुरुक्षेत्र के केशव सदन में मिशन बुनियाद के अंतर्गत शैक्षणिक सत्र 2026-28 के लिए बुनियाद कार्यक्रम में दाखिले हेतु ओरिएंटेशन कार्यक्रम एवं बुनियाद लेवल-3 परीक्षा का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शम्भू राठी ने शिरकत की। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि सीईओ शंभू राठी, जिला शिक्षा अधिकारी विनोद कौशिक, मिशन बुनियाद के डायरेक्टर प्रदीप तथा जिला विज्ञान विशेषज्ञ एवं कार्यक्रम नोडल अधिकारी डॉ. तरसेम कौशिक सहित अन्य गणमान्य अतिथियों बीईओ बिजेन्दर सिंह, रामराज कौशिक, राजेश सैनी, तनुपमा शर्मा एवं ऋतु गुप्ता, संजय कौशिक, राममेहर द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।
जिला परिषद के सीईओ शंभू राठी ने कहा कि कक्षा 9वीं से ही यदि सही दिशा, मार्गदर्शन और संसाधन मिल जाएं, तो कोई भी विद्यार्थी आईआईटी, एनईईटी, एनआईटी जैसी कठिन परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर सकता है। उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि वे अपने बच्चों को निरंतर प्रोत्साहित करें और शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।
जिला शिक्षा अधिकारी विनोद कौशिक ने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा प्रारंभ किया गया मिशन बुनियाद शिक्षा के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम है, जो सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए नए अवसरों के द्वार खोल रहा है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को प्रारंभिक स्तर से ही प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं के लिए तैयार करना है, ताकि वे आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य की ओर अग्रसर हो सकें। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी 22 जिलों में बुनियाद केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां चयनित विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, नियमित टेस्ट, विशेष मार्गदर्शन एवं कैरियर काउंसलिंग प्रदान की जाती है। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के बौद्धिक विकास के साथ-साथ उनके मानसिक एवं भावनात्मक सशक्तिकरण पर भी विशेष ध्यान देता है।
मिशन बुनियाद के डायरेक्टर प्रदीप ने कहा कि यह योजना विद्यार्थियों के जीवन में मजबूत शैक्षणिक आधार स्थापित करने की दिशा में हरियाणा सरकार का एक सराहनीय प्रयास है। बुनियाद एवं सुपर-100 जैसी योजनाओं के माध्यम से विद्यार्थियों की नींव मजबूत की जा रही है। मिशन बुनियाद केवल शैक्षणिक कार्यक्रम ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में तार्किक सोच, समझ एवं रचनात्मकता विकसित करने का भी माध्यम है।
जिला विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. तरसेम कौशिक ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान विकल्प संस्थान के पदाधिकारियों द्वारा बुनियाद कार्यक्रम की रूपरेखा एवं विषय-वस्तु की विस्तृत जानकारी दी गई, जिससे विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं शिक्षकों को कार्यक्रम के उद्देश्यों एवं कार्यप्रणाली को समझने में सहायता मिली। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही नि:शुल्क कोचिंग, अध्ययन सामग्री, वर्दी, परिवहन भत्ता आदि सुविधाएं इस योजना को और अधिक प्रभावी बनाती हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन, निरंतर अभ्यास और सकारात्मक सोच को अपनाने का संदेश दिया तथा विश्वास जताया कि मिशन बुनियाद के विद्यार्थी भविष्य में प्रदेश और देश का नाम रोशन करेंगे। उन्होंने बताया कि कुरुक्षेत्र जिले में बुनियाद लेवल-3 परीक्षा में 246 में से 208 विद्यार्थियों ने भाग लिया। इसके अतिरिक्त, ओरिएंटेशन कार्यक्रम में 208 विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों सहित 900 से अधिक लोग उपस्थित रहे।
इस अवसर पर डॉ. तरसेम कौशिक, संजय कौशिक, राममेहर अत्रि, राजेश सैनी, तनुपमा शर्मा, ऋतु गुप्ता, रामराज कौशिक, सिम्मी गुप्ता, सुमन बाला, अली शेर, रवि दत्त, वीरेंद्र सिंह, रामेश्वर दास, राजेंद्र कुमार, सीमा, कपिल भार्गव, सचिन चौधरी, भीम सिंह, राजेश कुंडू सहित अनेक शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
