– 237 विकास कार्यों से पेश की मिसाल, 91.54 करोड़ का व्यय
– प्रोपर्टी टैक्स में रिकार्ड वसूली, लक्ष्य से आगे निकला निगम
– 8 कालोनियां हो चुकी अप्रवूड, 95 प्रस्ताव शासन को भेजे
– स्वामित्व योजना में 2066 परिवारों को मिला मालिकाना हक
– शहर को स्मार्ट, व्यवस्थित और सुविधाजनक बनाने पर फोकस
– सीएम नायब सिंह सैनी और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल से मिल रहा पूर्ण सहयोग एवं मार्गदर्शन
– आगामी 4 वर्ष की योजनाओं का फ्यूचर विजन डॉक्यूमेंट तैयार
करनाल। शहर के सुनियोजित विकास और आधुनिक सुविधाओं को लेकर नगर निगम करनाल लगातार उल्लेखनीय कार्य कर रहा है। नगर निगम क्षेत्र में बीते एक वर्ष की अवधि में समस्त वार्डों में 237 विकास कार्य करवाने के साथ ही शहर की तस्वीर में नए रंग भरे गए। इन समस्त कार्यों को गति देने के लिए 91.54 करोड़ का बजट व्यय किया गया। इसी प्रकार शहर को स्वच्छ और हरा भरा बनाने के लिए नगर निगम के 989 सफाई कर्मचारियों और सुगम स्वच्छता के 300 कर्मचारियों के रूप में 1289 कर्मचारियों की टीम ने 47.92 करोड़ रुपए के बजट और कड़ी मेहनत, लगन और समर्पण के बूते अथक प्रयासों का शानदार उदाहरण प्रस्तुत किया। यही नहीं, निगम ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रोपर्टी टैक्स वसूली में निर्धारित 27 करोड़ रुपए के लक्ष्य से आगे बढक़र 29.54 करोड़ रुपए की टैक्स वसूली करने के साथ ही एक और अभूतपूर्व कीर्तिमान स्थापित किया। इसके अतिरिक्त लंबे समय से विकास की बाट जोह रही आठ कालोनियों को अप्रूव्ड करवाना हो या स्वामित्व योजना के अंतर्गत 2066 पात्र परिवारों को अपनी सम्पत्ति का मालिकाना हक दिलवाना। नगर निगम करनाल ने ऐसे हर कार्य क्षेत्र में निरंतर उत्कृष्ट कार्य की मिसाल प्रस्तुत की है। अब इसी क्रम में महापौर रेणु बाला गुप्ता ने अपने कार्यकाल का सफलतापूर्वक एक वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आगामी कार्य योजनाओं का मेगा डेवलेपमेंट प्लॉन प्रस्तुत किया है।
बुधवार को महापौर रेणु बाला गुप्ता ने अपने कार्यकाल का एक वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में मीडियाकर्मियों से संवाद के दौरान इसे साझा किया। आगामी चार वर्षों के लिए प्रस्तावित विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि करनाल को स्मार्ट, व्यवस्थित, अत्याधुनिक और सुविधाजनक शहर बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए फ्यूचर विजन डोक्यूमेंट तैयार किया गया है। इसके तहत कई बड़ी परियोजनाओं पर काम किया जाएगा।
मेयर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आशीर्वाद से प्रेरणा लेकर ट्रिपल इंजन की सरकार विकास के मामले में निरंतर नए आयाम स्थापित कर रही है। इस अभूतपूर्व उपलब्धि और सफलता के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी एवं केंद्रीय उर्जा एवं शहरी आवास मंत्री मनोहर लाल का जितना आभार व्यक्त किया जाए, उतना कम है। केंद्रीय मंत्री आदरणीय मनोहर लाल ने हरियाणा और करनाल से अपने विशेष लगाव और अपनत्व का परिचय देते हुए शहर के सुनियोजित विकास की यात्रा में हर पडाव पर अतुलनीय सहयोग प्रदान किया है। इसी प्रकार करनाल के समस्त भाजपा विधायकों और विशेष रूप से हमारे बीच उपस्थित नगर विधायक जगमोहन आनंद का आदर्श विकास की परिकल्पना को साकार करने में अतुलनीय सहयोग प्राप्त हो रहा है। इसी दिशा में निगम आयुक्त डा. वैशाली शर्मा की तत्परता और विकास के प्रति उनके सजग दृष्टिकोण के लिए हम हृदय से आभारी हैं। इसी क्रम में हरियाणा के विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण, इंद्री विधायक रामकुमार कश्यप, नीलोखेड़ी विधायक भगवानदास कबीरपंथी, असंध विधायक योगेंद्र राणा और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल के प्रतिनिधि कविंद्र राणा का सकारात्मक मार्गदर्शन हमें नित नया उत्साह एवं प्रेरणा प्रदान करता है। विकास की इस तेज रफ्तार के लिए हम करनाल की समस्त जनता, नगर निगम के समस्त अधिकारियों, कर्मचारियों, गणमान्य पार्षदों सहित भारतीय जनता पार्टी संगठन की पूरी टीम, समर्पित कार्यकर्ताओं, जिला प्रशासन के समस्त अधिकारियों, कर्मचारियों और विशेष रूप से अपने दायित्व के प्रति सदैव सजग मीडियाकर्मियों के प्रति भी मन की गहराइयों से आभार व्यक्त करते हैं।
237 विकास कार्य, 91.54 करोड़ खर्च
महापौर ने बताया कि करनाल में हर क्षेत्र और हर वर्ग में विकास को गति देने के लिए बहुआयामी परियोनजाओं पर कार्य किया जा रहा है। इसके अंतर्गत एक अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 की अवधि में शहर के समस्त वार्डों में 237 विकास कार्य करवाए गए। इनमें जलापूर्ति, सीवरेज, इलेक्ट्रिकल व सोलर एनर्जी और अन्य प्रकार के विभिन्न कार्य शामिल हैं। इन पर 91.54 करोड़ के बजट से शहर के विकास को अमली जामा पहनाया गया है। करनाल शहर के विकास की इस अनवरत यात्रा में पूरी सक्रियता और समर्पण भाव के साथ सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए निगम आयुक्त डा. वैशाली शर्मा, एएमसी अशोक कुमार, डीएमसी विनोद नेहरा, अधीक्षण अभियंता पुनीत कुमार, चीफ सेनेटरी ऑफिसर सुरेंद्र चोपड़ा सहित सभी एक्सईएन, जेई और अन्य सभी श्रेणियों के कर्मचारियों का आभार व्यक्त करते हैं।
अवैध कालोनियों को किया अप्रूव्ड
मेयर ने बताया कि करनाल शहर को स्मार्ट और सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में वर्तमान कार्यकाल के दौरान 8 कॉलोनियों को स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके अतिरिक्त 95 मामलों को शासन स्तर पर विचारार्थ भेजा जा चुका है, जिनमें 50 कॉलोनियां और 45 पैच शामिल हैं। इससे लंबे समय से अपने आशियाने में बसने का इंतजार कर रहे अनेक परिवारों के मन की मुराद पूरी हुई।
स्वामित्व योजना से मिला मालिकाना हक
मेयर ने बताया कि इसी प्रकार सरकार की महत्वाकांक्षी स्वामित्व योजना के अंतर्गत लगभग 2066 लोगों को उनकी संपत्ति का मालिकाना हक दिलवाया गया है। इन सभी परिवारों के सर्टिफिकेट तैयार हो चुके हैं। इनमें वे लोग शामिल हैं जो लंबे समय से अपने मकानों के अधिकार से वंचित थे। इसके अलावा स्वामित्व योजना के तहत 42 दुकानों की भी सफलतापूर्वक रजिस्ट्री कराई गई है।
टैक्स वसूली में लक्ष्य से आगे करनाल
मेयर ने बताया कि केंद्रीय उर्जा एवं आवास मंत्री मनोहर लाल के प्रेरक मार्गदर्शन में करनाल नगर निगम हर क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल कर रहा है। इसी के अंतर्गत निगम ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में निर्धारित लक्ष्य से अधिक सफलता पाकर रिकार्ड कायम किया है। निगम प्रशासन ने इस वित्तीय वर्ष में प्रोपर्टी टैक्स वसूली में 27 करोड़ रुपए अर्जित करने का लक्ष्य रखा था, लेकिन वित्तीय वर्ष की समाप्ति तक 29 करोड़ रुपए से अधिक टैक्स वसूला गया है, जबकि पिछले वर्ष इससे काफी कम टैक्स वसूला गया था। इसके लिए वह समस्त करनालवासियों के साथ टैक्सेशन ब्रांच की पूरी टीम का आभार व्यक्त करती हैं।
सिरे चढ़ेगा डेयरी शिफ्टिंग प्रोजेक्ट
मेयर ने बताया कि करनाल शहर की सुंदरता बढ़ाने की दिशा में नगर निगम प्रशासन ने डेयरी शिफ्टिंग परियोजना को इसी वर्ष सिरे चढ़ाने के लिए कमर कस ली है। निगम की ओर से कुल 133 प्लॉट अलॉट किए गए हैं, जिनमें अब तक 57 डेयरियों को सफलतापूर्वक पिंगली डेयरी कॉम्पलेक्स में स्थानांतरित करवाया जा चुका है। 94 प्लॉट अलॉट किए जाने की प्रक्रिया गतिशील है। इस प्रकार अब जितनी भी अवैध रूप से संचालित डेयरियां शहर में शेष बची हैं उन सभी को छह माह की निश्चित समयावधि के अंतर्गत पिंगली डेयरी कॉम्पलेक्स में स्थानांतरित करवा कर करनाल को डेयरी मुक्त करा दिया जाएगा।
राष्टï्रीय स्तर पर उपलब्धियों के नए आयाम स्थापित
मेयर ने करनाल नगर निगम की प्रमुख उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 में करनाल ने देशभर में शानदार प्रदर्शन करते हुए तीन लाख तक की आबादी वाले शहरों की श्रेणी में तीसरा स्थान हासिल किया। यह उपलब्धि न केवल नगर निगम की बेहतर कार्यप्रणाली, साफ-सफाई व्यवस्था और जनभागीदारी का परिणाम है बल्कि इसके लिए निगम आयुक्त डा. वैशाली शर्मा, अतिरिक्त आयुक्त अशोक कुमार सहित सेनिटेशन ब्रांच के सभी अधिकारी, कर्मचारी और विशेष रूप से समस्त सफाई दूत बधाई तथा आभार के पात्र हैं। स्वच्छता और करनाल की मिट्टी का आपस में गहरा नाता है। यहां के लोग जैविक कचरे को खाद के रूप में परिवर्तित कर रहे हैं। नगर निगम की पूरी टीम, सफाई मित्रों व नागरिकों की तिकड़ी मिलकर स्वच्छता के मामले में नित नए आयाम स्थापित कर रही है। एक और हाईटैक मशीनों द्वारा सफाई की जाती है तो दूसरी ओर लोग अपने घरों में वेस्ट सेग्रीटेशन करके कचरा संग्रहण में अहम भागीदारी निभाती है। यहां के स्कूलों में भी रिडयूज, रियूज और रिसाइकल के सूत्र पर बखूबी अमल किया जाता है। उर्जा के लिए सोलर एनर्जी और सिंचाई के लिए डिप इरिगेशन तकनीक अपनाकर करनाल सस्टेनेबल डेवलपमेेंट की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है। इन्हीं सामुहिक प्रयासों का सार्थक परिणाम है कि करनाल ने राष्टï्रीय स्तर पर यह कीर्तिमान स्थापित किया।
कचरा प्रबंधन में भी मिसाल
मेयर ने बताया कि करनाल को सिंगल स्टार रेटिंग भी प्राप्त हुई, जो शहर में स्वच्छता मानकों के निरंतर सुधार और व्यवस्थाओं को दर्शाती है। नगर निगम करनाल को ओपन डंपिंग फ्री (ओडीएफ) प्लस प्लस और कचरा प्रबंधन के क्षेत्र में भी सराहनीय कार्यों के लिए सम्मानित किया गया है, जिससे शहर की स्वच्छता व्यवस्था को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है। इसी कड़ी में सफाई और कचरा प्रबंधन का निर्धारित बजट 50 लाख रुपए रखा गया था, जबकि गारबेज कलेक्शन यूजर्स चार्जेस में 1.33 करोड़ रुपए की सफलतापूर्वक रिकवरी की गई। स्वच्छता के क्षेत्र में यह उपलब्धियां करनाल को तेजी से उभरते हुए मॉडल सिटी के रूप में स्थापित करने के साथ ही भविष्य में और बेहतर रैंकिंग की दिशा में मजबूत आधार प्रदान करती हैं।
व्यावसायिक और पार्किंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगा बढ़ावा
मेयर ने बताया कि स्मार्ट सिटी में हर वर्ग की सुख सुविधाओं पर विशेष रूप से ध्यान दिया जा रहा है। निगम की इंजीनियरिंग और भवन शाखा की पूरी टीम की सहभागिता से इसी क्रम में व्यवसायिक और पार्किंग इंफ्रास्ट्रक्चर को प्रोत्साहन देने की विस्तृत योजना तैयार की गई है। चरणबद्ध ढंग से शहर की प्रमुख लोकेशनों पर मल्टीलेवल सुविधाओं का निर्माण प्रस्तावित है। पुरानी सब्ज़ी मंडी में बहुमंजिला व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स व मल्टी लेयर पार्किंग बनाई जाएगी। भगवान महर्षि वाल्मीकि चौक के पास खाली पड़ी नगर निगम भूमि पर भूमिगत पार्किंग व व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स का निर्माण होगा। रामलीला ग्राउंड में भी बहुमंजिला कॉम्प्लेक्स व मल्टी लेयर पार्किंग बनाई जाएगी। वार्ड 7 व 8 में स्थित कर्ण कमर्शियल सेंटर के फेस-2 व 3 को अतिक्रमण मुक्त कर फेस-1 की तर्ज पर विकसित किया जाएगा।
सामाजिक सुविधाओं और व्यवस्थाओं में सुधार
महापौर ने बताया कि सामाजिक क्षेत्र की आवश्यकताओं, सुविधाओं और भविष्य की योजनाओं पर भी पूरा फोकस है। इसके अंतर्गत शहर में सेक्टर-9 के कम्युनिटी सेंटर में आधुनिक ऑडिटोरियम बनाया जाएगा। अवैध रूप से चल रही मीट व मछली की दुकानों को एक स्थान पर स्थानांतरित कर वातानुकूलित मार्केट विकसित की जाएगी। आवारा कुत्तों की समस्या के समाधान के लिए नगर निगम सीमा में डॉग शेल्टर बनाया जाएगा। प्रत्येक वार्ड में स्थान चिन्हित कर स्ट्रीट वेंडिंग जोन विकसित किए जाएंगे।
सडक़ें होंगी चौड़ी, स्मार्ट और सुंदर
मेयर रेणु बाला गुप्ता ने बताया कि शहर के सुनियोजित विकास के लिए सडक़ों के चौड़ीकरण के साथ ही सभी क्षेत्रों को स्मार्ट और सुंदर बनाने के लिए भी निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में मीरा घाटी चौक से नमस्ते चौक तक सडक़ का चौड़ीकरण और सौंदर्यकरण किया जाएगा। सेक्टर-12 यूएचबीवीएन कार्यालय से ग्रेस होटल होते हुए प्रणामी मंदिर कुंजपुरा रोड मोड़ तक नाले में आरसीसी पाइप डालकर सेंट्रल वर्ज बनाया जाएगा, सडक़ चौड़ी की जाएगी और स्ट्रीट लाइट लगाई जाएगी। कल्पना चावला द्वार से करनाल क्लब तक सड चौड़ी की जाएगी तथा सेंट्रल वर्ज व स्ट्रीट लाइट्स लगाई जाएंगी। शिवपुरी जुंडला गेट वाली सडक़ और दयाल सिंह कॉलेज से मोंगा अस्पताल तक सडक़ को सीमेंट कंक्रीट से बनाया जाएगा। इसके अलावा मीनार रोड, विक्रम मार्ग, सुभाष कॉलोनी, सैशन मार्ग, बैंक कॉलोनी, अहिल्याबाई होल्कर मार्ग और डीएवी कॉलेज मार्ग की सडक़ो का सौंदर्यकरण किया जाएगा तथा नई स्ट्रीट लाइट्स लगाई जाएंगी। वार्ड नंबर 10 सेक्टर-13 में कालड़ा स्वीट्स के पीछे वाली सडक़ को भी सीमेंट कंक्रीट से बनाया जाएगा।
हरियाली और सौंदर्यकरण से बदलेगी तस्वीर
मेयर ने बताया कि सुनियोजित विकास के क्रम में पर्यावरण संतुलन पर भी ध्यान देना नितांत आवश्यक है। इसी दृष्टिकोण के साथ महाराजा अग्रसेन चौक से गीता द्वार तक वन विभाग की खाली भूमि का सौंदर्यकरण कर वहां फूड हब स्थापित किया जाएगा। शहर के सभी पार्कों, ग्रीन बेल्ट और सेंट्रल वर्ज का व्यापक स्तर पर सौंदर्यकरण किया जाएगा। मानसून सीजन में पौधारोपण अभियान चलाया जाएगा। मीरा सद्भावना चौक में म्यूजिकल फाउंटेन लगाए जाएंगे। कर्ण ताल और कर्ण पार्क का भी सौंदर्यकरण किया जाएगा। सेक्टरों के आगे-पीछे की ग्रीन बेल्टों की सफाई कर वहां लाइट्स लगाई जाएंगी। पर्यावरण संतुलन के साथ शहर के सुनियोजित विकास की परिकल्पना को नया आयाम देने के लिए हम निगम की होर्टिकल्चर ब्रांच सहित सभी इकाइयों के अधिकारियों और कर्मचारियों का आभार व्यक्त करते हैं।
शहर को मिलेगा नया रंग रूप
महापौर ने बताया कि करनाल के समग्र विकास की परिकल्पना को निरंतर ठोस स्वरूप दिया जा रहा है। नगर निगम की पूरी टीम के अथक प्रयासों के फलस्वरूप इन योजनाओं के लागू होने से शहर में ट्रैफिक व्यवस्था बेहतर होगी, अव्यवस्थित बाजारों को व्यवस्थित किया जाएगा और नागरिकों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। आने वाले चार वर्षों में करनाल को एक स्मार्ट, सुंदर और सुव्यवस्थित शहर के रूप में विकसित करने की दिशा में यह एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
