करनाल, 10 मार्च। उप कृषि निदेशक डॉ. वजीर सिंह ने बताया कि राज्य सरकार ने क्रॉप डाइवर्सिफिकेशन प्रोग्राम ओरिजिनल ग्रीन रिवॉल्यूशन स्टेट स्कीम 2026 के तहत राज्य में गाइडलाइन के अनुसार ढैंचा दालें (ग्रीष्मकालीन मूंग, उड़द, लोबिया, मोठ, अरहर और सोयाबीन) और ग्वार की खेती को लागू करने का फैसला किया है। जिला को कुल 37 हजार एकड़ का टारगेट प्राप्त हुआ है।
उन्होंने बताया कि यह स्कीम पूरे राज्य में 4.50 लाख एकड़ के टारगेट के साथ लागू की जाएगी। स्कीम के तहत किसान को मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर रजिस्टर करना होगा। पीएमयू सेक्शन ए एंड एफ डब्ल्यू पंचकूला किसानों के लिए एमएफएमबी पोर्टल पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन का प्रोविजन करेगा और अलग-अलग फसलों की कट ऑफ डेट के बाद डीडीएएस लॉगिन में ऑनलाइन वेरिफिकेशन का प्रोविजन भी देगा। उन्होंने बताया कि किसान खुले बाजार से ढैंचा बीज,  दालें  (ग्रीष्मकालीन मूंग, उड़द, लोबिया, मोठ, अरहर और सोयाबीन) और ग्वार खरीदेंगे और मदद के लिए अपना क्लेम करते समय एमएफएमबी पोर्टल पर बोए गए खेत की फोटो अपलोड करेंगे। रजिस्ट्रेशन मार्च के पहले हफ्ते से 15 अप्रैल तक खुला रहेगा। रजिस्ट्रेशन बंद होने के बाद खेत का वेरिफिकेशन संबंधित डीडीए के फील्ड अधिकारी 16 अप्रैल से 15 मई तक करेंगे। डीडीएएस के द्वारा फिजिकल वेरिफिकेशन के बाद, जो किसान ढैंचा बीज, दालें (ग्रीष्मकालीन मूंग, उड़द, लोबिया, मोठ, अरहर और सोयाबीन) और ग्वार बोएंगे, उन्हें डीबीए के जरिए एक हजार रुपये प्रति एकड़ का इंसेंटिव दिया जाएगा।

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