चालू वित्त वर्ष में अब तक करीब 93 लाख रुपये की गई रिकवरी।
करनाल 26 फरवरी,
नगर निगम आयुक्त डॉ. वैशाली शर्मा के निर्देश पर निगम की दुकानों का किराया न भरने वाले किराएदारों की दुकानों को सील करने की कार्रवाई एक बार फिर तेज कर दी गई है। इसके तहत प्रवर्तन दल द्वारा 13 बकाया किराएदारों की सूची तैयार कर नोटिस जारी कर दिए गए हैं। इन बकायादारों को एक सप्ताह का समय दिया गया है, इसके बाद नगर निगम कार्रवाई करेगा। इनमें 10 दुकानें गांव उचानी, 1 राम नगर तथा 2 दुकाने गांव कम्बोपुरा की शामिल हैं। इन दुकानों पर 10 लाख 8 हजार 564 रुपये का बकाया है।
निगमायुक्त ने बताया कि इन किराएदारों को अंतिम नोटिस जारी कर बकाया राशि जमा करवाने के लिए कहा गया था, परंतु उन द्वारा नोटिस की पालना नहीं की गई। अब नगर निगम के प्रवर्तन दल द्वारा इन दुकानों को सील कर अपने कब्जे में लिया जाएगा। इन किराएदारों के विरूद्घ हरियाणा नगर निगम अधिनियम 1994 के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसके पश्चात दुकान के किराए की वसूली सम्बंधित किराएदार से की जाएगी।
नगर निगम द्वारा की गई रिकवरी की जानकारी देते उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में अब तक करीब 93 लाख रुपये की वसूली की गई है। इस राशि में बकाया व ब्याज दोनो सम्मिलित हैं। उन्होंने सभी किराएदारों से अपील की है कि वह अपना किराया जल्द से जल्द नगर निगम के खजाने में जमा करवा दें।
यह दुकानें होंगी सील- उन्होंने बताया कि नगर निगम द्वारा जो 13 दुकानें सील कर कब्जे में ली जानी हैं, उसकी सूची निम्र प्रकार से है:-
क्र.स. दुकान नम्बर व क्षेत्र का नाम किराएदार का नाम बकाया राशि
1. दुकान न. 1, गांव उचानी रूप चंद 36251 रुपये
2. दुकान न. 2, गांव उचानी सुरिन्द्र 19599 रुपये
3. दुकान न. 3, गांव उचानी जसबीर 25044 रुपये
4. दुकान न. 5, गांव उचानी सावित्री 26778 रुपये
5. दुकान न. 6, गांव उचानी सावित्री 48008 रुपये
6. दुकान न. 7, गांव उचानी राम प्रकाश 24776 रुपये
7. दुकान न. 8, गांव उचानी राजबीर 26778 रुपये
8. दुकान न. 9, गांव उचानी सुनील कुमार 60275 रुपये
9. दुकान न. 15, गांव उचानी रमेश 62746 रुपये
10. दुकान न. 16, गांव उचानी प्रेमचंद 48856 रुपये
11. दुकान न. 8, राम नगर मनोज कुमार 579083 रुपये
12. दुकान न. 1, गांव कम्बोपुरा रजिन्द्र कुमार 37187 रुपये
13. दुकान न. 2, गांव कम्बोपुरा ईशम सिंह 13193 रुपये
निगमायुक्त ने सभी डिफॉल्टर किराएदारों को चेताते हुए कहा है कि वह दुकान का किराया एक सप्ताह के अंदर-अंदर नगर निगम कार्यालय में जमा करवा दें और दुकान को सील होने से बचा लें। अन्यथा नगर निगम दुकान को सील कर उसे अपने कब्जे में ले लेगा।
