विकास कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं समयबद्घता से नहीं होगा समझौता- निगमायुक्त।
करनाल 26 फरवरी,
नगर निगम आयुक्त डॉ. वैशाली शर्मा ने गुरूवार को निगम की अभियंता शाखा के अधिकारियों के साथ एक बैठक की। बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि विकास कार्यों की गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं समयबद्धता से कोई समझौता नहीं किया। मीटिंग में अधीक्षण अभियंता पुनीत कुमार, कार्यकारी अभियंता प्रदीप कल्याण, ओ.पी. करदम व प्रियंका सैनी तथा तकनीकी विशेषज्ञ सतीश शर्मा उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान निगमायुक्त ने अधीक्षण अभियंता को निर्देश दिए कि अभियंता शाखा से जुड़े विकास कार्यों के लिए विस्तृत चेक लिस्ट तैयार की जाए। कार्य शुरू करने से पहले साईट अधिकृत है या अनाधिकृत तथा फिजीबिलिटी जैसे अनिवार्य बिन्दूओं की जानकारी उस चेक लिस्ट में दर्शाई जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी एस्टीमेट को प्रशासकीय स्वीकृति हेतु भेजने से पूर्व निर्धारित चेक लिस्ट को अनिवार्य रूप से भरा जाए।
निगमायुक्त ने अभियंताओं को उनकी जिम्मेदारियों के प्रति सचेत करते हुए निर्देश दिए कि वे संबंधित वार्डों में नियमित निगरानी बनाए रखें तथा प्रत्येक विकास कार्य की प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि किसी भी कार्य को शुरू करने से पहले उसकी तकनीकी व्यवहार्यरता की गहन जांच अवश्य की जाए और उचित पाए जाने पर ही कार्य आरंभ किया जाए।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि डी-प्लान के अंतर्गत कार्य करवाए जाने के बाद जो राशि शेष बची है, उस राशि का उपयोग अन्य आवश्यक विकास कार्यों में किया जाए, ताकि उपलब्ध संसाधनों का समुचित उपयोग हो सके।
सीवरेज व जलापूर्ति से संबंधित शिकायतों के त्वरित समाधान के निर्देश देते हुए निगमायुक्त ने कहा कि नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। जरूरी कार्यों को विशेष तवज्जो देते हुए शीघ्र पूर्ण कराया जाए।
इसके अतिरिक्त उन्होंने गैस पाइपलाइन एवं इंटरनेट लाईन बिछाने के बाद संबंधित कंपनियों से ही सडक़ों एवं गलियों का रेस्टोरेशन कार्य सुनिश्चित करवाने के निर्देश भी दिए, ताकि नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। रिस्टोरेशन कार्य होने के पश्चात निगम अभियंता साईट पर जाकर उसकी जांच भी करें।
