गाबा बोले : उदय भानु चिब की गिरफ्तारी असंवैधानिक, अंतरराष्ट्रीय ट्रेड डील को लेकर जताया कड़ा विरोध
करनाल, 24 फरवरी : जिला कांग्रेस कमेटी करनाल के शहरी अध्यक्ष पराग गाबा ने एआई इम्पैक्ट समिट हंगामा मामले में इंडियन यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब की गिरफ्तारी का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने इसे असंवैधानिक और तानाशाही सोच का परिणाम बताया। पराग गाबा ने कहा कि लोकतंत्र में जनहित के मुद्दे उठाना विपक्ष का अधिकार ही नहीं, बल्कि कर्तव्य है। यदि युवा संगठन सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हैं तो उन्हें दबाने के लिए इस प्रकार की कार्रवाई करना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं को दबाने का प्रयास कर रही है, लेकिन कांग्रेस का नेता और कार्यकर्ता दबने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाती रहेगी और किसी भी प्रकार के दमन से पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने मांग की कि उदय भानु चिब को तुरंत रिहा किया जाए। पराग गाबा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी गांधीवादी विचारधारा के साथ-साथ शहीद-ए-आजम भगत सिंह की क्रांतिकारी सोच में भी विश्वास रखती है और उस पर चलना जानती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की नींव सत्य, अहिंसा, न्याय और समानता के सिद्धांतों पर रखी गई है। महात्मा गांधी के बताए मार्ग पर चलते हुए पार्टी ने देश को आजादी दिलाने में अहम भूमिका निभाई, वहीं भगत सिंह की देशभक्ति, साहस और बलिदान की भावना भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अन्याय और अत्याचार के खिलाफ लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से संघर्ष करना जानती है। पार्टी हमेशा देशहित, संविधान की मर्यादा और जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रही है और आगे भी रहेगी।
वहीं गाबा ने अंतरराष्ट्रीय ट्रेड डील को लेकर कड़ा विरोध जताते हुए इसे किसानों के हितों के खिलाफ बताया है। उन्होंने कहा कि यदि यह समझौता वर्तमान स्वरूप में लागू हुआ तो देश के कृषि क्षेत्र पर गंभीर दुष्प्रभाव पड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की ट्रेड डील से विदेशी कंपनियों और बड़े कॉरपोरेट घरानों को फायदा होगा, जबकि छोटे और मध्यम किसान आर्थिक संकट में फंस सकते हैं। उन्होंने कहा कि सस्ते विदेशी कृषि उत्पादों के आयात से स्थानीय किसानों की फसल का उचित मूल्य नहीं मिल पाएगा, जिससे उनकी आय पर सीधा असर पड़ेगा। उन्होंने सरकार से अपील की कि देश की कृषि व्यवस्था और करोड़ों किसानों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए ट्रेड डील पर पुनर्विचार किया जाए।
