भारतीय संस्कृति में विश्व कल्याण की भावना निहित : महीपाल ढांडा
विषमताओं को समाप्त कर समाज में समरसता लाना भारत विकास परिषद का उद्देश्य : महीपाल ढांडा
निस्वार्थ भाव से सेवा करना ही सच्ची सेवा : सुरेश जैन

कुरुक्षेत्र, 18 जनवरी। भारत विकास परिषद, उत्तर क्षेत्र-2 के तत्वावधान में तथा हरियाणा उत्तर प्रांत के आतिथ्य में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम हॉल में आयोजित ‘अमृत मंथन’ क्षेत्रीय कार्यकर्ता सम्मेलन-2026 में उत्तर क्षेत्र-2 के अंतर्गत आने वाले विभिन्न प्रांतों से सैकड़ों की संख्या में परिषद के पदाधिकारियों, शाखा अध्यक्षों, सचिवों एवं कार्यकर्ताओं ने सहभागिता की। इस अवसर पर हरियाणा के शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने बतौर मुख्यातिथि कहा कि भारतीय संस्कृति में विश्व कल्याण की भावना निहित है। आज विश्व में ताकतवर एवं विकसित देश पिछडे़ एवं गरीब देशों की सहायता करने की बजाय अपनी ताकत का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। वहीं भारतीय संस्कृति एवं संस्कार दुनिया में प्रगाढ़ता के साथ जीवन जीने के मार्ग को प्रशस्त कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय विचार विश्व में श्रेष्ठ है क्योंकि हवन एवं पूजा पाठ में विश्व के कल्याण की भावना का उद्घोष होता है, यही भारत विकास परिषद का भी उद्देश्य है। इससे पहले कार्यक्रम का शुभारंभ मां भारती के समक्ष मुख्यातिथि सहित भारत विकास परिषद के राष्ट्रीय संगठन मंत्री सुरेश जैन, क्षेत्रीय अध्यक्ष उत्तर क्षेत्र-2 डॉ. परमजीत पाहवा, समाजसेवी विजय कंसल एवं दीपक बंसल ने  दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। कार्यक्रम में वंदे मातरम् के सामूहिक गायन की प्रस्तुति भी हुई।
शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने कहा कि समाज में फैली कुरीतियों, बुराईयों एवं विषमताओं को समाप्त कर समाज में समरसता लाना ही भारत विकास परिषद का उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि भारत विकास के पांच सूत्र सम्पर्क, सहयोग, संस्कार, सेवा एवं समर्पण के माध्यम से भारतीय चिंतन को जागृत कर भारत को उन्नत एवं एकता के सूत्र में बांधने का कार्य करते हैं। इसलिए देश को विकसित बनाने तथा समाज के मजबूत स्तम्भ के रूप में भारत विकास परिषद की अहम भूमिका है। इसके साथ ही उन्होंने सभी से आह्वान किया कि वे देश हित में एकता, समरसता को जीवन के आचार-व्यवहार में ढालकर सुरसा जैसी चुनौतियों का सामना करने का कार्य करें। सम्मेलन में सभी अतिथियों द्वारा आत्म मंथन विषय पर आधारित स्मारिका का भी विमोचन किया गया।
सम्मेलन में भारत विकास परिषद के राष्ट्रीय संगठन मंत्री सुरेश जैन ने कहा कि युवाओं के प्रणेता स्वामी विवेकानंद जी के अनुसार निस्वार्थ भाव से मानव की सेवा करना ही सच्ची सेवा है। भारत विकास परिषद हर वर्ष 10 गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को लक्षित कर उन्हें शिक्षा, स्वरोजगार, नवाचार एवं उद्यमिता के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाकर देश एवं समाज निर्माण में अहम योगदान के योग्य बनाता है। उन्होंने कहा कि समाज के प्रति मन में संवेदना, सेवा, पीड़ा एवं दया का भाव प्रस्फुटित होना यही संस्कार है और यदि समाज में संस्कार रहता है तो भ्रष्टाचार भी कभी नहीं हो सकता। इसलिए राष्ट्र निर्माण परिवर्तन की भूमिका में परिषद का अहम योगदान है। उन्होंने सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए हरियाणा उत्तर प्रांत की आयोजन समिति, क्षेत्रीय पदाधिकारियों, स्वयंसेवकों एवं कार्यकर्ताओं का धन्यवाद भी व्यक्त किया।
उत्तर क्षेत्र-2 के अध्यक्ष परमजीत पाहवा ने कहा कि आत्म मंथन कार्यक्रम भारत विकास परिषद समाज सेवा एवं राष्ट्र सेवा को समर्पित है तथा यह सम्मेलन परिषद के पांच सूत्रों पर केन्द्रित है। उन्होंने उत्तर क्षेत्र-2 में संचालित सेवा परियोजनाओं, सामाजिक अभियानों एवं जनकल्याणकारी गतिविधियों की जानकारी साझा की। सम्मेलन में आए सभी अतिथियों को अंगवस्त्र पहनाकर एवं स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। मंच का संचालन प्रांत सचिव अतुल गोयल ने किया।
इस अवसर पर प्रमुख दायित्वधारी राकेश शर्मा, जियालाल बंसल, दीपक राय आनंद, जेआर भट्ट, राजकुमार अग्रवाल, विक्रांत खंडेलवाल, शोभना, निदर्शना, सुशील सूद, रत्नचंद सरदाना, राजकुमार बग्गा, केके अरोड़ा, पूजा अग्रवाल, महेंद्र कुमार शर्मा, अनुज अग्रवाल, कपिल गुप्ता, अतुल गोयल, नीरज शर्मा, मनीष मलिक, विजयंत बिंदल, डॉ. ममता सचदेवा, डॉ. नीलम ढांडा, अनिल बंसल, अशोक चौधरी, बलजीत चावला, प्रो. परमेश कुमार, प्रो. दीपक राय बब्बर, प्रो. विवेक चावला, महेन्द्र शर्मा, राकेश शर्मा, संजीव बंसल, वीरेन्द्र धुरेजा, धीरज भाटिया, विजय कांत सहित मैत्रेयी शाखा के सभी व्यवस्था प्रमुख व अन्य सदस्य मौजूद रहे।

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शिक्षा मंत्री ने किया समाज सेवा कार्यों संबंधी प्रदर्शनी का उद्घाटन

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के श्रीमद्भगवद्गीता ऑडिटोरियम के प्रांगण में भारत विकास परिषद के अंतर्गत विभिन्न प्रांतों द्वारा आयोजित समाज सेवा के कार्यों से संबंधित प्रदर्शनी का उद्घाटन करते हुए हरियाणा प्रदेश के शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने कहा कि समाज सेवा से बड़ी कोई सेवा नहीं है। भारत विकास परिषद के कार्यकर्त्ताओं द्वारा समाज उत्थान के कार्यों को लेकर समाज को आत्मनिर्भर बनाकर ही विकसित भारत के लक्ष्य को सरलता से प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने परिषद के सेवा कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सेवा पहुंचाना ही सच्ची राष्ट्रसेवा है।

By Dr. Rajesh Wadhwa

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