गीता ज्ञान संस्थानम् में गीता प्रवाह संगोष्ठी का आयोजन, गीता पर शोध पत्र किए गए प्रस्तुत

कुरुक्षेत्र, 18 जनवरी। गीता ज्ञान संस्थानम् में गीता प्रवाह संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी की अध्यक्षता जीओ गीता के राष्ट्रीय सचिव मदन मोहन छाबड़ा ने की। गीता जी का विधिवत रूप से पूजन किया गया और दीप प्रज्वलन के साथ संगोष्ठी का शुभारंभ हुआ।
जीओ गीता के राष्ट्रीय सचिव मदन मोहन छाबड़ा ने कहा कि गीता जीवन का आधार है और राष्ट्रीय संस्कृति का गौरव है। भगवान श्री कृष्ण ने विश्व को कर्म करने का संदेश दिया और यह संदेश आज भी प्रासंगिक है। यह गोष्ठी गीता के प्रचार प्रसार और नूतन प्रयोगो को लेकर एक मील का पत्थर सिद्ध होगी।
उन्होंने बताया कि गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज की प्रेरणा से गीता के प्रचार-प्रसार के लिए हर माह संस्थान में गीता प्रवाह संगोष्ठी की कार्य योजना तैयार की गई है।  इस संगोष्ठी का उद्देश्य गीता पर शोध करने वाले विद्वावानों, छात्रों और रिसर्च स्कॉलर को नया मंच देना है। उनके शोध पत्र को नए स्वरूप में प्रस्तुत करना है ताकि उनके शोध की जानकारी आमजन तक पहुंच सके। उन्होंने बताया कि संगोष्ठी  माह के अंतिम शनिवार को आयोजित करने की रूपरेखा तैयार की गई है।
गीता प्रवाह संगोष्ठी में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के संस्कृत विभाग से डॉ. विजय   ने अपने शोध पत्र के माध्यम से बताया कि श्रीमद्भगवद्गीता केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं है बल्कि यह मानवीय जीवन का एक संपूर्ण दर्शन है। प्रस्थानत्रयी अर्थात् उपनिषद, श्रीमद्भगवद्गीता और ब्रह्मसूत्र हिंदू धर्म की दार्शनिक नींव है जो कि मूल सत्य का ज्ञान ,उसका तर्कसंगत विश्लेषण एवं उसे ज्ञान को जीवन में उतरने की विधि का ज्ञान करता है। भगवद्गीता  का सार्थक संदेश है – “समत्वं योग उच्यते”
गीता दुनिया की सबसे श्रेष्ठ ‘मैनेजमेंट गाइड
संगोष्ठी में डॉ. संगीता धीर ने गीता के श्लोकों को आधुनिक कॉर्पोरेट जगत और व्यक्तिगत जीवन के प्रबंधन से जोड़ते हुए अपने प्रभावशाली विचार व्यक्त किए। संगीता ने अपने संबोधन में कहा कि, “आधुनिक मैनेजमेंट के बड़े-बड़े सिद्धांत हजारों साल पहले कुरुक्षेत्र की रणभूमि में भगवान श्री कृष्ण द्वारा अर्जुन को दिए गए थे। संगीता ने बताया कि अर्जुन जैसी एकाग्रता और कृष्ण जैसी दूरदर्शिता हमें जीवन में लानी चाहिए इसी से ही उद्देश्य की।प्राप्ति होगी। भगवद गीता केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि दुनिया की सबसे श्रेष्ठ ‘मैनेजमेंट गाइड” हैं। अगले मास डॉक्टर श्यामलाल, डॉ चंद्रिका, डॉ सुनीता दलाल और डॉ सीमा आदि के व्याख्यान द्वारा गीता प्रवाह कार्यक्रम को आगे बढ़ाया जाएगा।

By Dr. Rajesh Wadhwa

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