चौथा वार्षिक भंडारे एवं संत समागम का आयोजन किया गया।
कुरुक्षेत्र 18 जनवरी ( ) लाडवा  स्थित छोटा हनुमान मंदिर के पास महावीर कालोनी में श्री अद्वैत स्वरूप अनन्त आश्रम नंगली वाली कुटिया में आज दो दिवसीय चौथा वार्षिक भंडारे एवं संत समागम का आयोजन किया गया। यह जानकारी देते हुए आश्रम के संत पावन पुरी ने बताया कि आश्रम परिसर संत अगमपुरी जी आशीर्वाद से रामचरितमानस मानस पाठ का भोग डाला गया। आश्रम परिसर के संतों के सानिध्य में ध्वजारोहण का आयोजन किया गया। इस मौके पर प्रवचन करते हुए संत अगमपुरी बाबा जी महाराज ने कहा कि जब ईश्वर की विशेष कृपा होती है, तभी मनुष्य को सत्संग का सौभाग्य प्राप्त होता है। सत्संग परमात्मा और संतों की भक्ति से मिलता है। उन्होंने कहा कि पुत्र, पत्नी और धन तो पापी को भी मिल जाते हैं, लेकिन संत समागम और हरि कथा अत्यंत दुर्लभ है। संत अगमपुरी बाबा जी महाराज ने कहा कि सत्संग चलता – फिरता तीर्थ है, जहां संतों और भगवान की चर्चा होती है। रामचरितमानस मानस का उदाहरण देते हुए उन्होंने गुरु और ईश्वर की शरण में रहने की आवश्यकता पर जोर दिया।
कुरुक्षेत्र से पधारे आश्रम के  प्रवक्ता महात्मा दिव्यानंद ने कहा कि सत्संग से बिगड़ी हुई बात बन जाती है। सत्संग मन का भोजन है, अन्न शरीर का और ध्यानाभयास आत्म का पोषण करता है। महाभारत का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि सत्संग अज्ञानता के अंधकार को दूर करता है और जीवन को सही दिशा प्रदान करता है। ईश्वर ने मनुष्य जीवन सद्कर्म और भक्ति के लिए दिया है। पाप करने से जीव को निम्न योनियों में जाना पड़ता है। अन्य संतों ने भी नशा ,  हिंशा, झूठ चोरी और व्यभिचार त्यागकर भक्ति मार्ग अपनाने की सीख दी। मंच का संचालन चंद्र प्रकाश धमीजा ने किया। इस मौके पर संत संतोष पुरी, संत आत्म विभोर पुरी पिहोवा,  संत त्याग पुरी, संत अनुराग पुरी। संत परमार्थ पुरी कैथल, संत ज्ञान पुरी, संत निष्ठा पुरी नीलोखेड़ी, पंडित अंकित शर्मा, रजत कालड़ा, डाक्टर योगेन्द्र कश्यप, बूटा राम छाबड़ा, हरीश छाबड़ा, ताराचंद रहेजा, हैप्पी पोपली, सतीश रहेजा, बालकृष्ण मल्होत्रा, गुलशन क्षेत्रपाल, सोनू गोवर, भूषण गम्भीर, कृष्ण लाल गोरवर आदि भक्तजन मौजूद रहे।

By Dr. Rajesh Wadhwa

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