टीबी स्क्रीनिंग व स्वास्थ्य जांच शिविर में 132 लोगों के स्वास्थ्य की जांच
संभावित 40 लोगों के लिए गए टीबी सैंपल, 115 लोगों निशुल्क वितरित की गई दवाइयां
ड्राप आउट क्षय रोगियों के इलाज और जागरूकता अभियान में रेडक्रास की अहम भूमिका : अंजलि
कुरुक्षेत्र, 29 दिसंबर। हरियाणा रेडक्रास सोसायटी और स्वास्थ्य विभाग द्वारा संयुक्त रूप से गांधीनगर स्थित राजकीय प्राथमिक पाठशाला में टीबी स्क्रीनिंग और सामान्य स्वास्थ्य जांच शिविर लगाया गया। स्वास्थ्य जांच शिविर में 132 लोगों के स्वास्थ्य की जांच की गई और 40 के टीबी सैंपल लिए गए। इसके साथ ही 115 लोगों को निशुल्क दवाइयां वितरित की गई, जिसमें मुख्य रूप से खांसी-जुकाम और गले में खराश के मरीज थे।
जिला सचिव श्याम सुंदर ने कहा कि जिला रेडक्रास सोसायटी की ओर से उपायुक्त एवं चेयरमैन विश्राम कुमार के निर्देशानुसार टीबी मुक्त हरियाणा अभियान के तहत टीबी के संभावित मरीजों को तलाशने के लिए स्क्रीनिंग कैंपों का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि टीबी मुक्त हरियाणा के लिए सरकार और समाज का साझा प्रयास जरूरी है। रेडक्रास की ओर से टीबी से बचाव के प्रति लोगों को जागरूक करने के साथ सरकार द्वारा चलाए जा रहे टीबी उन्मूलन अभियान में भी रेडक्रास की ओर से पूरा सहयोग किया जा रहा है।
रेडक्रास टीबी को-आर्डिनेटर अंजलि ने बताया कि भारतीय रेडक्रास सोसायटी हरियाणा शाखा के वाइस चेयरमैन अंकुश मिगलानी और राज्य महासचिव डॉ. सुनील कुमार के मार्गदर्शन में रेडक्रास सोसायटी की ओर से ड्राप आउट क्षय रोगियों का इलाज किया जा रहा है। टीबी बचाव को लेकर रेडक्रास की ओर से सार्वजनिक समारोहों में जागरूकता कार्यक्रम भी किए जाते हैं।
टीबी स्क्रीनिंग और स्वास्थ्य जांच शिविर में डेंटल सर्जन डॉ. मनोज और मेडिकल आफिसर डॉ. जसप्रीत द्वारा मरीजों के स्वास्थ्य की जांच की गई। लैब टेक्निशियन आशीष और ज्योतिषना द्वारा टीबी के संभावित मरीजों के सैंपल एकत्रित किए गए। इस अवसर पर टीबी वालंटियर जोगेंद्र, रानी, राहुल, भूपेंद्र, टीआई प्रोजैक्ट से नीलम, पंकज, मंजीत, देवी, सुषमा और आशा वर्कर गीता देवी एवं सीमा रानी प्रमुख रूप से मौजूद रहीं।
जिला टीबी आफिसर डॉ. संदीप अग्रवाल ने कहा कि टीबी मुक्त हरियाणा अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग और रेडक्रास के संयुक्त सौजन्य से टीबी स्क्रीनिंग और सामान्य स्वास्थ्य जांच शिविर लगाया गया। टीबी स्क्रीनिंग कैंप में लोगों के स्वास्थ्य की जांच के साथ टीबी के सैंपल भी एकत्रित किए। स्वास्थ्य विभाग की ओर से झुग्गी-झोपड़ियों के साथ ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में स्क्रीनिंग कैंप लगाए जा रहे हैं, जिसमें रेडक्रास का भी सहयोग रहता है।
ये हैं टीबी बीमारी के लक्षण
दो सप्ताह से ज्यादा खांसी रहना
रात को सोते समय पसीना आना, ठंड में भी पसीना आना
बुखार आना, संक्रमण बढ़ने के साथ बढ़ना
थकावट होना
वजन कम होना
सांस लेने में दिक्कत होना
