चेतावनी- कार्रवाई से बचने के लिए किरादार बकाया राशि जल्द करवाएं जमा।
करनाल 29 दिसंबर,
नगर निगम आयुक्त डॉ. वैशाली शर्मा के निर्देश पर निगम की दुकानों का किराया न भरने वाले किराएदारों की दुकानों को सील करने की कवायद तेज कर दी गई है। इसके तहत टीम द्वारा 18 बकाया किराएदारों की सूची तैयार कर ली गई है, जिन पर नगर निगम जल्द ही कार्रवाई करने जा रहा है। इन दुकानों पर 24 लाख 31 हजार 402 रुपये का बकाया है।
निगमायुक्त ने बताया कि इन किराएदारों को अंतिम नोटिस जारी कर बकाया राशि जमा करवाने के लिए कहा गया था, परंतु उन द्वारा नोटिस की पालना नहीं की गई। अब नगर निगम के प्रवर्तन दल द्वारा इन दुकानों को सील कर अपने कब्जे में लिया जाएगा। इन किराएदारों के विरूद्घ हरियाणा नगर निगम अधिनियम 1994 के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसके पश्चात दुकान के किराए की वसूली सम्बंधित किराएदार से की जाएगी।
यह दुकानें होंगी सील- उन्होंने बताया कि जो दुकानें सील कर कब्जे में ली जानी हैं, उसकी सूची निम्र प्रकार से है:-
क्र.स. दुकान नम्बर व मार्केट का नाम किराएदार का नाम बकाया राशि
1. दुकान न. 8, राम नगर मनोज कुमार 315075 रुपये
2. दुकान न. 3, मेरठ रोड बालकिशन 135160 रुपये
3. दुकान न. 7, मेरठ रोड अमित 133567 रुपये
4. दुकान न. 8, मेरठ रोड राजीव पासी 124995 रुपये
5. दुकान न. 5, प्रेम नगर राकेश कुमार 47324 रुपये
6. दुकान न. 9, बांसो गेट भारत भूषण 52271 रुपये
7. दुकान न. 12, बांसो गेट आनंद स्वरूप 62022 रुपये
8. दुकान न. 4, नेहरू पैलेस सुरजीत 59240 रुपये
9. दुकान न. 20, नेहरू पैलेस सीमा 30492 रुपये
10. दुकान न. 1, डॉ. ज्ञान भूषण मार्केट प्रवीन सिंह 130743 रुपये
11. दुकान न. 15, कर्ण पार्क मार्केट सुरिन्द्र 52199 रुपये
12. दुकान न. 35, कर्ण पार्क मार्केट गुलजार सिंह 46634 रुपये
13. कलंदरी गेट मार्केट ओम प्रकाश 114988 रुपये
14. दुकान न. 1, जुण्डल गेट मार्केट सुमन खुराना 30126 रुपये
15. दुकान न. 7, कर्ण ताल मार्केट अशिमा 679500 रुपये
16. दुकान न. 5, गांव कम्बोपुरा कृष्ण 339413 रुपये
17. दुकान न. 13, गांव कम्बोपुरा राम कुमार 37693 रुपये
18. दुकान न. 1, विटा बूथ कर्ण पार्क ममता भारद्वाज 39960 रुपये
उन्होंने जानकारी देते बताया कि चालू वित्त वर्ष में नगर निगम के कोष में 70 लाख रुपये से अधिक की राशि बकाए के रूप में जमा हुई है। उन्होंने सभी किराएदारों से अपील की है कि वह अपना किराया समय पर नगर निगम के खजाने में जमा करवाएं।
उन्होंने सभी डिफॉल्टर किराएदारों को चेताते हुए कहा है कि वह सम्बंधित दुकान का किराया जल्द से जल्द नगर निगम कार्यालय में जमा करवा दें और दुकान को सील होने से बचा लें। अन्यथा नगर निगम दुकान को सील कर उसे अपने कब्जे में ले लेगा।
